तकनीक एवं स्टार्टअप से संबंधित अफ्रीका का सबसे बड़ा कार्यक्रम ‘गीटेक्स’ नीति निर्माताओं, परिवर्तनकर्ताओं और दूरदर्शी लोगों को सामूहिक रूप से चर्चा एवं सहयोग करने तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था के समावेशी व न्यायसंगत विकास की अनिवार्यता को आगे बढ़ाने के अवसरों पर विचार-विमर्श करने का एक मंच प्रदान करता है। तीन-दिवसीय यह कार्यक्रम हाल ही में मोरक्को की राजधानी मारकेश में संपन्न हुआ।
कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने इस शिखर सम्मेलन में भारत गणराज्य का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने विभिन्न उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकों, पैनल चर्चाओं में भाग लिया तथा अपने नवाचारों को प्रदर्शित करने वाले भारतीय स्टार्टअप से बातचीत की।
चर्चाओं के दौरान, जयंत चौधरी ने कहा, “भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) ने खासकर डिजिटल पहचान (आधार), डिजिटल भुगतान (यूपीआई), ई-कॉमर्स (ओएनडीसी) और स्वास्थ्य सेवा के विकास के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में परिवर्तनकारी बदलाव किए हैं। और हम अपने कौशल से जुड़े इकोसिस्टम में उन्नत तकनीकों – एआई, साइबर सुरक्षा, फिनटेक और डिजिटल अवसंरचना को तेजी से एकीकृत कर रहे हैं। स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच), जोकि कौशल से जुड़े इकोसिस्टम के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना है, ने डेढ़ वर्ष में एक करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं को जोड़ा है। ये ऐसे क्षेत्र हैं, जो हमारे अफ्रीकी भागीदारों के साथ सहयोग की संभावनाओं से भरपूर हैं और हम निरंतर साझेदारी के जरिए सामूहिक रूप से अपनी अर्थव्यवस्थाओं को विकसित कर सकते हैं।”
जयंत चौधरी ने कहा, “भारत, जहां डिजिटलीकरण की गति कुछ अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में तेज है, स्थापित ओपन-सोर्स डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना प्रणाली के साथ सहयोग और ज्ञान के साझाकरण के जरिए ऐसे प्रणाली विकसित करने के इच्छुक अन्य विकासशील देशों में डिजिटलीकरण की गति को उत्प्रेरित करने की क्षमता रखता है।” इसके अलावा, भारत एआई से जुड़े पेशेवरों के लिए एक प्रमुख संसाधन प्रतिभा केन्द्र है और एआई स्टैनफोर्ड इंडेक्स 2025, जो एआई को अपनाने हेतु एक वातावरण का विकास करने के सरकार और उद्योग जगत के प्रयासों का एक स्पष्ट संकेतक है, के अनुसार एआई से जुड़ी प्रतिभाओं की भर्ती में वर्ष – दर – वर्ष के आधार पर 33.39 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अग्रणी है।
इस शिखर सम्मेलन के दौरान, केन्द्रीय मंत्री ने डिजिटल बदलाव एवं प्रशासनिक सुधार मंत्री अमल एल फल्लाह सेघ्रोचनी, उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान एवं नवाचार मंत्री प्रोफेसर अजेदीन एल मिदौई, आर्थिक समावेशन, लघु व्यवसाय, रोजगार एवं कौशल मंत्री यूनुस सेकौरी और राष्ट्रीय शिक्षा, प्रीस्कूल एवं खेल मंत्री मोहम्मद साद बेराडा के साथ सार्थक द्विपक्षीय बैठकें कीं। जयंत चौधरी ने अपनी संबोधन में एआई, अनुसंधान और क्षमता में तालमेल की खोज पर व्यापक रूप से चर्चा की। उन्होंने इस बात पर भी चर्चा की कि कैसे डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना समावेशन, नवाचार एवं न्यायसंगत विकास के लिए उत्प्रेरक साबित हो सकती है। उन्होंने सार्वजनिक कल्याण के लिए मापनीय एवं समावेशी प्रौद्योगिकी के निर्माण से जुड़े भारत के अनुभवों को साझा किया।
‘गीटेक्स अफ्रीका 2025’ में भारत की भागीदारी ने कौशल निर्माण और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी देश के रूप में अपनी भूमिका को दोहराया। स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसी अग्रणी पहलों और आधार, यूपीआई, डिजीलॉकर, स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच) तथा दीक्षा जैसी मापनीय डिजिटल सार्वजानिक अवसंरचना के निर्माण के जरिए भारत ने यह दिखाया है कि कैसे समावेशी व प्रौद्योगिकी-संचालित मॉडल नागरिकों को बड़े पैमाने पर सशक्त बना सकते हैं। इन पहलों को वैश्विक स्तर पर ऐसे सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के रूप में तेजी से पहचाना जा रहा है, जो सुदृढ़ भविष्य के लिए तैयार समाजों का निर्माण करने के इच्छुक विकासशील देशों के लिए अनुकूलनीय रूपरेखा प्रदान करते हैं।
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