महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार 10-12 जनवरी, 2025 के दौरान उदयपुर, राजस्थान में चिंतन शिविर की मेजबानी कर रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन, केन्द्रीय मंत्री महिला एवं बाल विकास अन्नपूर्णा देवी ने महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री और राजस्थान की महिला एवं बाल विकास मंत्री दीया कुमारी की उपस्थिति में किया। इस शिविर में केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री और केंद्र और राज्यों के महिला और बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं।
अपने उद्बोधन केन्द्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने महिलाओं और बच्चों के कल्याण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता पर बल देते हुए कहा कि भारत ने जी 20 की अध्यक्षता करते हुए वैश्विक ध्यान ‘महिला विकास’ से बदलकर ‘महिला नेतृत्व में विकास’ पर केंद्रित किया, एक दृष्टिकोण जिसे ब्राज़ील ने 2024 में अपनी अध्यक्षता के दौरान मजबूती से समर्थन दिया।
विशेष संबोधन में महिला और बाल विकास राज्य मंत्री, सवित्री ठाकुर ने मंत्रालय की वर्तमान पहलों को रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने और बच्चों के कल्याण को सुनिश्चित करने के हमारे प्रयास रंग ला रहे हैं। इस शिविर में सहयोगात्मक चर्चाओं और अनुभवों के आदान-प्रदान के माध्यम से, हम सफल प्रथाओं को व्यापक स्तर पर लागू करने का लक्ष्य रखते हैं।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में इस आयोजन की मेजबानी पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्थान को इस परिवर्तनकारी आयोजन की मेजबानी पर गर्व है। यह चिंतन शिविर सार्थक संवाद और सहयोग का एक मंच है। हम राष्ट्रीय पहलों का समर्थन करने और अपने राज्य में महिलाओं और बच्चों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने भी सभा को संबोधित किया और इस क्षेत्र में राजस्थान के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य ने हमेशा महिलाओं और बच्चों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। यह शिविर एक-दूसरे की सफलताओं से सीखने और मिलकर उज्जवल भविष्य बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
चिंतन शिविर में मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य और मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 जैसे प्रमुख पहलुओं पर केंद्रित सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, बाल पोषण और आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाना है। इस दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सर्वोत्तम प्रथाओं की प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिनका उद्देश्य ज्वलंत मुद्दों के समाधान के लिए नवाचारपूर्ण उपाय विकसित करना और विचारों के आदान-प्रदान के माध्यम से बड़े पैमाने पर प्रभावी परिणाम हासिल करना है। यह चिंतन शिविर आगामी वर्षों में विकसित भारत के लिए मजबूत आधार बनाने की दिशा में सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगा।
इस आयोजन का उद्देश्य गहन विचार-विमर्श और मुक्त संवाद के माध्यम से सरकारी पहलों को बेहतर बनाना है, जिसमें सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं और नवाचारी दृष्टिकोण को शामिल किया जाएगा। यह चिंतन शिविर देश भर में महिलाओं और बच्चों के कल्याण को गति देने के लिए प्रमुख हितधारकों को एक मंच पर लाने का प्रयास है।
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