केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लोगों के लिए काम करने वाली अर्थव्यवस्था के लिए उत्तरदायी यूरोपीय आयोग के कार्यकारी उपाध्यक्ष और व्यापार के लिए यूरोपीय आयुक्त वाल्डिस डोंब्रोव्स्की ने सभी मुद्दों के बारे में समन्वय तलाशकर मौजूदा भारत-यूरोपीय संघ एफटीए वार्ताओं में तेजी लाने की जरूरत पर जोर दिया। भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की पहली मंत्रिस्तरीय बैठक के अवसर पर दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक से हटकर इस बारे में चर्चा हुई। इस बैठक में दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
द्विपक्षीय चर्चाओं के दौरान इन नेताओं ने दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रही साझेदारी का स्मरण किया और लोकतंत्र तथा नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय प्रणालियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने संतुलित और सार्थक परिणामों के लिए बाजार पहुंच सहित आपसी संवेदनशीलता पर उचित विचार-विमर्श करने के बाद सभी मुद्दों के बारे में समन्वय तलाशते हुए मौजूदा एफटीए वार्ताओं में तेजी लाने की जरूरत पर भी जोर दिया, जिससे दोनों पक्षों की अर्थव्यवस्थाओं और रोजगार को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
दोनों पक्षों ने विवाद समाधान तंत्र, कृषि और मत्स्य पालन पर सब्सिडी, ई-कॉमर्स स्थगन के साथ-साथ घरेलू कानूनों से संबंधित मुद्दों सहित विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) सुधारों के लिए साझा प्राथमिकताओं पर एकसाथ काम करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। दोनों पक्षों ने सहमति पर आधारित समाधानों को आगे बढ़ाने के लिए अपने साझा लक्ष्यों का निर्माण करने की जरूरत को स्वीकार किया। इससे भारत के साथ-साथ विकासशील देशों के बड़े हिस्सों में लाखों लोगों के लिए आजीविका और खाद्य सुरक्षा में योगदान मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनके संयुक्त प्रयास आगामी विश्व व्यापार संगठन के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में सार्थक समाधान खोजने में समर्थ होंगे।
इस बैठक के बाद कार्यकारी समूह-3 के हितधारकों की बैठक आयोजित की गई, जिसकी सह-अध्यक्षता पीयूष गोयल और वाल्डिस डोंब्रोव्स्की ने की। इस बैठक में भारत और यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व करने वाले हितधारकों ने भाग लिया। कार्य समूह-3 ने व्यापार, निवेश और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं पर ध्यान केंद्रित किया। यूरोपीय संघ के पक्ष में बिजनेस यूरोप, डिजिटल यूरोप, फूड ड्रिंक्स यूरोप, कोपा-कोगेका, ईएफपीआईए और एसीईए सहित प्रमुख यूरोपीय औद्योगिक निकायों के प्रतिनिधि शामिल थे। इस बैठक में भाग लेने वाले भारतीय व्यापारिक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने रसायन, धातु, कपड़ा, डिजिटल बुनियादी ढाँचे और इस्पात सहित विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया, जबकि कृषि-खाद्य उद्योग, समुद्री/लॉजिस्टिक जैसे अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने इस बैठक में वर्चुअली रूप से भाग लिया।
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