भारत और ब्रिटेन के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के लिए अगले दौर की बातचीत जून में नई दिल्ली में आयोजित होगी। विदेश व्यापार के महानिदेशक संतोष कुमार सारंगी ने नई दिल्ली में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि इस वार्ता को पिछले वर्ष दिवाली तक पूरा होना था, लेकिन अलग- अलग कारणों से तारीख आगे बढ़ गई। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस बातचीत को शीघ्रता से पूरा करने पर ध्यान केन्द्रित कर रहे हैं।
संतोष कुमार सारंगी ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि विचार विमर्श का दसवां दौर पांच से नौ जून तक आयोजित होगा और इससे ठोस परिणाम प्राप्त होंगे। भारत और ब्रिटेन के बीच इस वार्ता की शुरूआत 13 जनवरी 2021 को हुई थी, जिसके तहत 26 नीतिगत क्षेत्रों और मुद्दों को शामिल किया गया था।
संतोष कुमार सारंगी ने यह भी बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते को लेकर वार्ता का पांचवां दौर 19 से 23 जून तक भारत में होना निर्धारित है। इस सिलसिले में मार्च 2023 तक आपसी बातचीत के चार दौर पूरे हो चुके हैं। चौथे दौर तक 21 नीतिगत क्षेत्रों पर बातचीत हुई और 74 तकनीकी सत्र आयोजित किये गए। दोनों देशों ने वस्तु और सेवा क्षेत्र में विभिन्न तौर तरीकों को साझा करने पर चर्चा की थी।
विदेश व्यापार के महानिदेशक ने भारत और कनाडा के बीच व्यापार समझौते के बारे में बताया कि वस्तु और सेवा क्षेत्र के लिए बातचीत अगले चरण तक पहुंच चुकी है। चर्चा का सातवां दौर कनाडा के ओटावा में तीन से छह अप्रैल तक आयोजित हुआ था। इस दौरान पारम्परिक क्षेत्रों के साथ साथ लघु और मध्यम उद्यम, व्यापार, पर्यावरण तथा श्रम जैसे मुद्दों पर विचार प्रस्तुत किये गए।
संतोष कुमार सारंगी ने जी-20 के बारे में बताया कि व्यापार और निवेश कार्यकारी समूह की दूसरी बैठक 23 से 25 मई के बीच बैंगलुरू में आयोजित होगी।
Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More
बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment