भारत और फिनलैंड के प्रतिनिधिमंडलों ने क्वान्टम कंप्यूटिंग में सहयोग के संभावित क्षेत्रों और सहयोगात्मक वर्चुअल उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) जिसकी स्थापना करने की योजना बनाई गई है, के लिए एक रोडमैप पर चर्चा की।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सचिव डॉ. एस चंद्रशेखर ने डीएसटी में आयोजित एक गोल मेज बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडलों को संबोधित करते हुए कहा ‘‘दोनों देश शैक्षणिक तथा औद्योगिक साझीदारों को प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं जो सामान्य रूप से ग्रह तथा विशेष रूप से मानवता की बेहतरी के लिए क्वान्टम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का विकास करने में सहायता कर सकते हैं। हम सबसे कम संभव समय में सर्वश्रेष्ठ संभव प्रौद्योगिकीयों को प्राप्त करने के लिए इस क्षेत्र में वैश्विक उत्कृष्टता की दिशा में प्रतिबद्ध हैं।
डॉ. चंद्रशेखर ने इस क्षेत्र में दोनों देशों की शक्तियों तथा कमजोरियों की रूपरेखा बनाने तथा एक समूह, जो पहल को आगे बढ़ाएगा, की स्थापना करने के द्वारा कमजोरियों से उबरने के लिए एक योजना बनाने की दिशा में एक साथ मिल कर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह बैठक केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह तथा फिनलैंड के आगंतुक आर्थिक मामले मंत्री माइका लिंहटला की उपस्थिति में क्वान्टम कंप्यूटिंग पर भारत-फिनलैंड वर्चुअल नेटवर्क केंद्र की स्थापना के लिए संयुक्त घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करने के एक दिन बाद आयोजित की गई।
फिनलैंड के आर्थिक मामले एवं रोजगार मंत्रालय के राज्य के अवर सचिव पेट्री पेल्टोनेन ने भारत की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा के साथ फिनलैंड की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा के जुड़ने, वैज्ञानिक परितंत्रों तथा दोनों देशों के शक्तिशाली आईटी समुदायों का उपयोग करने एवं उन्हें इस प्रकार सुदृढ़ बनाने जिससे दूसरे अप्रत्याशित लाभ (स्पिन ऑफ) भी प्राप्त हो सकें, को सुगम बनाने की आवश्यकता रेखांकित की।
डीएसटी के सलाहकार डॉ. केआर मुरली मोहन ने अंतःविषयी साइबर-भौतिकी प्रणालियों के लिए राष्ट्रीय मिशन के जरिये तथा क्वान्टम सक्षम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कार्यक्रम (क्यूईएसटी) के माध्यम से सहयोग की संभावना को रेखांकित करते हुए कहा, ‘‘हमारा उद्वेश्य एक उत्पाद और शोध-संचालित सहयोग की दिशा में है जो सुपरकंप्यूटिंग डिवासेज, सेंसरों, संचार प्रौद्योगिकीयों, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकीयों तथा कई अन्य की दिशा में काम कर सकता है।‘‘
फिनलैंड दूतावास के शिक्षा एवं विज्ञान के काउंसलर डॉ. माइका टिरोनेन ने बुनियादी ढांचे, विरासत, सार्वजनिक वित्त पोषण, नवोन्मेषण आधारित उद्योग जैसी फिनलैंड की क्वान्टम कंप्यूटिंग की शक्ति, इसके मजबूत क्वान्टम परितंत्र तथा दृढ़ता की नोर्डिक भावना के बारे में चर्चा की।
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