केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जापान के पर्यावरण मंत्री अकिहिरो निशिमुरा के साथ आज नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने जी-7/जी-20 सहयोग, लाइफ, समुद्री और प्लास्टिक अपशिष्ट, कॉप-27 तथा सीबीडी-15 सहित कई मुद्दों पर चर्चा की।
इस अवसर पर अपने संबोधन में भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह एक संयोग है कि जापान और भारत दोनों ने क्रमश: जी-7 और जी-20 की अध्यक्षता संभाली है और यह दोनों देशों के लिए दुनिया के भविष्य को आकार देने के लिए एजेंडा और प्राथमिकताएं निर्धारित करने का अवसर प्रस्तुत करता है। “वसुधैव कुटुम्बकम” या “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य”, जो कि भारत के जी-20 अध्यक्षता का विषय भी है। भूपेंद्र यादव ने आगे कहा कि भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान, कई मंत्रालयों और विभागों में काम करने वाले सभी कार्य समूहों के लिए लाइफ मिशन महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने भारत की जी-20 अध्यक्षता के लिए जापान का समर्थन भी मांगा और जापान की जी-7 अध्यक्षता के लिए भारत के समर्थन का आश्वासन भी दिया।
मंत्री महोदय ने भारत में नई प्रौद्योगिकियों को लाने के लिए जापान द्वारा किए गए प्रयासों को स्वीकार करते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने बल देकर कहा कि भारत और जापान विशेष रूप से चक्रीय अर्थव्यवस्था और संसाधन दक्षता, कम कार्बन उत्सर्जन वाली प्रौद्योगिकी, हरित हाइड्रोजन सहित अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने का पता लगा सकते हैं।
पहले भारत-जापान पर्यावरण सप्ताह को संबोधित करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि एक बेहतर दुनिया और बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए हमें एक स्थायी, समग्र, दायित्वपूर्ण और समावेशी तरीके से दुनिया में सभी के लिए न्यायसंगत और समान विकास को बढ़ावा देना चाहिए।
पर्यावरणीय चुनौतियों और जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, भू-क्षरण तथा जैव विविधता को होने वाले नुकसान के संकट से निपटने के लिए लाइफ मिशन यानी सभी के लिए पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, भूपेंद्र यादव ने कहा कि मिशन लाइफ (पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली), प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, एकता नगर, गुजरात में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की उपस्थिति में शुरू किया गया था। कॉप-26 में प्रधानमंत्री द्वारा पहली बार प्रस्तावित, मिशन लाइफ को एक वैश्विक जन आंदोलन के रूप में देखा गया है जो पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक कार्रवाई को बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि भारत उदाहरण के द्वारा नेतृत्व करना चाहता है, और वैश्विक समुदाय को व्यक्तिगत, परिवार और समुदाय-आधारित कार्यों के लिए मिशन लाइफ का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करता है। इस संबंध में, भूपेंद्र यादव ने फ़रोशिकी के बारे में उल्लेख किया, जो एक चौकोर आकार का जापानी पारंपरिक लपेटने वाला कपड़ा है, जिसकी उत्पत्ति लगभग 710 ईसा पूर्व हुई थी। फ़रोशिकी पर्यावरण के अनुकूल है और इसका उपयोग उपहार लपेटने, सामान ले जाने या सजावट के रूप में किया जाता है। पुन: प्रयोग होने वाले फ़रोशिकी पारंपरिक प्लास्टिक रैपिंग पेपर का एक स्थायी विकल्प है।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि समय की मांग है कि औद्योगिक विकास को टिकाऊ उत्पादन की ओर उन्मुख किया जाए और टिकाऊ खपत को बढ़ावा देने के लिए एक उपकरण बनाया जाए।
दोनों देशों ने बैठक का समापन करते हुए, दोनों देशों के बीच सहयोग को और बढ़ावा देने के साथ-साथ बहुपक्षीय रूपरेखाओं में एक साथ काम करने पर भी सहमत हुए।
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