Categories: News-Headlines

भारतीय सेना ने भारतीय पैरालम्पिक्स समिति के साथ बोकिया खेलों को बढ़ावा देने में अग्रणी रही

7वीं बोकिया नेशनल चैंपियनशिप दिनांक 28 फरवरी से 04 मार्च 2023 तक राजपूताना राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर, दिल्ली कैंट में आयोजित की गई। एक खेल के रूप में बोचा मुख्य रूप से सेरेब्रल पाल्सी वाले एथलीटों द्वारा खेला जाता है लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा कर इसमें अन्य प्रकार की ऐसे विकलांगता वाले एथलीटों को शामिल किया गया है जो खिलाड़ियों के मोटर कौशल को प्रभावित करती हैं। इस खेल को एक गेंद से खेला जाता है। गेंद फेंके जाते समय सभी एथलीटों को बैठने की आवश्यकता होती है और अधिकांश एथलीट इसको व्हीलचेयर से खेलते हैं। एथलीट गेंद को जहां चाहे वहां ले जाने के लिए फेंक सकते हैं, पैर से मार सकते हैं या यहां तक कि रैम्प का उपयोग कर सकते हैं। पैरालिंपिक स्तर पर बोकिया केवल उन दो खेलों में से एक है जिनका कोई ओलंपिक समकक्ष नहीं है।

भारतीय सेना ने बोकिया को बढ़ावा देने का बीड़ा उठाया है। उस दिशा में भारतीय सेना के मिशन ओलंपिक विंग और भारत की पैरालंपिक समिति के बीच देश में पैरालंपिक आंदोलन को बढ़ावा देने और भारतीय सेना के दिव्यांग सैनिकों को पैरा एथलीट श्रेणी में लाने का मंच मुहैया कराने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

इस अनूठी पहल के अंतर्गत भारतीय सेना ने मुख्यालय दिल्ली क्षेत्र और मिशन ओलंपिक विंग के माध्यम से आयोजन के समन्वय और संचालन में पूरा साथ दिया। भारतीय सेना ने नेशनल चैंपियनशिप में पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर, किर्की (पुणे) से छह सदस्यीय अनुभवी टीम को भी मैदान में उतारा।

चैंपियनशिप के शुरू होने से पहले सभी प्रतिभागियों को उनकी विकलांगता के अनुरूप श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था। चैंपियनशिप में 21 राज्यों के लगभग 70 व्हील चेयर बाउंड पैरा एथलीटों ने भाग लिया। भारतीय सेना द्वारा दिव्यांगों के लिए चलाए जाने वाले आशा स्कूल के छात्रों ने भी इन खेलों को देखा। दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ दिनांक 04 मार्च 2023 को आयोजित समापन और पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि थे। जनरल ऑफिसर ने फाइनल मैच देखे और विजेताओं को पदक और ट्रॉफी प्रदान की।

मुख्यालय दिल्ली क्षेत्र के तत्वावधान में बोचा नेशनल चैंपियनशिप सेना के लिए एक ऐतिहासिक घटना रही है क्योंकि यह भारतीय सेना के सेवारत और पूर्व सैनिकोंके लिए बोचा स्पोर्ट्स में भागीदारी के नए रास्ते खोलती है। इस आयोजन के विजेता मई 2023 में हांगकांग में होने वाली एशियन बोचा रीजनल चैंपियनशिप में भाग लेंगे। हांगकांग इवेंट के गोल्ड मेडलिस्ट को सीधे सितंबर 2024 में पेरिस में होने वाले पैरा ओलंपिक में जगह मिलेगी।

Leave a Comment

Recent Posts

MSME मंत्रालय ने डेटा-ड्रिवन लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए NICDC लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज के साथ एमओयू साइन किया

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने और इस क्षेत्र के लिए… Read More

3 hours ago

सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 55,200 से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी

सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 55,200 से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी है,… Read More

3 hours ago

NLDSL और महाराष्ट्र ने राज्य की रसद व्यवस्था को मजबूत करने और विकसित भारत का समर्थन करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड (NLDSL) और महाराष्ट्र सरकार ने एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म का… Read More

5 hours ago

परिसीमन का विरोध करने वाले SC/ST सीट बढ़ोतरी के भी विरोधी हैं: गृह मंत्री अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संविधान में परिसीमन के प्रावधान किए गए हैं… Read More

5 hours ago

प्रधानमंत्री ने सांसदों से नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन के पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने बताया कि संसद में इस समय नारी शक्ति वंदन अधिनियम में… Read More

9 hours ago

This website uses cookies.