Categories: News-Headlines

भारतीय रेल ने कोहरे के मौसम के दौरान सुचारू रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए 19,742 फॉग पास डिवाइस का बंदोबस्त किया है

हर साल, सर्दियों के महीनों में कोहरे के मौसम के दौरान, विशेष रूप से देश के उत्तरी हिस्सों में बड़ी संख्या में ट्रेनें प्रभावित होती हैं। सुचारू रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए, भारतीय रेल ने कोहरे के मौसम के दौरान 19,742 फॉग पास डिवाइस का बंदोबस्त किया है। यह पहल ट्रेन सेवाओं की विश्वसनीयता में सुधार, देरी को कम करने और समग्र यात्री सुरक्षा को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

फॉग पास डिवाइस एक जीपीएस आधारित नेविगेशन डिवाइस है, जो लोको पायलट को घने कोहरे की स्थिति में ट्रेन चलाने में मदद करता है। यह लोको पायलटों को सिग्नल, लेवल क्रॉसिंग गेट (मानवयुक्त और मानव रहित), स्थायी गति प्रतिबंध, तटस्थ खंड आदि जैसे निश्चित स्थलों के बारे में ऑन-बोर्ड वास्तविक समय की जानकारी (प्रदर्शन के साथ-साथ आवाज मार्गदर्शन) प्रदान करता है। इस प्रणाली से भौगोलिक क्रम में आने वाले अगले तीन निश्चित स्थलों में से लगभग 500 मीटर तक ध्वनि संदेश के साथ-साथ अन्य संकेतक मिलते हैं।

क्षेत्रीय रेलवे को प्रदान किए गए फॉग पास उपकरणों का विवरण इस प्रकार है:

क्र.सं.
क्षेत्रीय रेलवे
बंदोबस्त किए गए उपकरणों की संख्या

1
मध्य रेलवे
560

2
पूर्वी रेलवे
1103

3
पूर्व मध्य रेलवे
1891

4
पूर्वी तटीय रेलवे
375

5
उत्तर रेलवे
4491

6
उत्तर मध्य रेलवे
1289

7
पूर्वोत्तर रेलवे
1762

8
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे
1101

9
उत्तर पश्चिम रेलवे
992

10
दक्षिण मध्य रेलवे
1120

11
दक्षिण पूर्व रेलवे
2955

12
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे
997

13
दक्षिण पश्चिम रेलवे
60

14
पश्चिम मध्य रेलवे
1046

कुल
19742

फॉग पास डिवाइस की सामान्य विशेषताएं:

सभी प्रकार के अनुभागों जैसे सिंगल लाइन, डबल लाइन, विद्युतीकृत और गैर विद्युतीकृत अनुभागों के लिए उपयुक्त।

सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक और डीजल इंजनों, ईएमयू/एमईएमयू/डीईएमयू के लिए उपयुक्त।

160 किमी प्रति घंटे तक की ट्रेन गति के लिए उपयुक्त।

इसमें 18 घंटे के लिए बिल्ट-इन रीचार्जेबल बैटरी बैकअप है।

यह पोर्टेबल, आकार में कॉम्पैक्ट, वजन में हल्का (बैटरी सहित 1.5 किलोग्राम से अधिक नहीं) और मजबूत डिजाइन वाला है।

लोको पायलट अपनी ड्यूटी फिर से शुरू करने पर डिवाइस को अपने साथ आसानी से लोकोमोटिव तक ले जा सकता है।

इसे लोकोमोटिव के कैब डेस्क पर आसानी से रखा जा सकता है।

यह एक स्टैंडअलोन प्रणाली है।

यह कोहरे, बारिश या धूप जैसी मौसमी स्थितियों से अप्रभावित रहता है।

Leave a Comment

Recent Posts

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की बातचीत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More

1 hour ago

आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हराया

आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More

3 hours ago

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य समूह की पहली बैठक 2026 की मेजबानी की

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More

3 hours ago

NHAI ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) प्रणाली में डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए सभी फास्टटैग जारीकर्ता बैंकों को निर्देश जारी किए

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More

3 hours ago

जनगणना के तहत मकानों की गिनती का पहला चरण आज से कई राज्यों में शुरू

जनगणना के तहत मकानों की गिनती का पहला चरण आज से कई राज्यों में शुरू… Read More

5 hours ago

अमेरिका ने रूस या ईरान से तेल की खरीद पर प्रतिबंधों में कोई और छूट देने से इनकार किया

अमरीका ने रूस या ईरान से तेल की खरीद पर प्रतिबंधों में कोई और छूट… Read More

5 hours ago

This website uses cookies.