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ब्रिक्स देशों के मंत्रियों ने ऊर्जा बदलाव और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में अपने लक्ष्यों और उपलब्धियों को रेखांकित किया

कृष्‍ण पाल गुर्जर ने “ब्रिक्स देशों के ऊर्जा मंत्रियों की बैठक” की अध्यक्षता की

केंद्रीय विद्युत और भारी उद्योग राज्य मंत्री कृष्‍ण पाल गुर्जर ने आज भारत की अध्यक्षता के अंतर्गत “ब्रिक्स के ऊर्जा मंत्रियों की बैठक” की अध्यक्षता की। वर्चुअल बैठक में ब्रिक्स देशों के ऊर्जा मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने भागलिया। बैठक के दौरान, कृष्‍ण पाल गुर्जर ने ब्रिक्स देशों के ऊर्जा मंत्रियों की उपस्थिति में वर्चुअल माध्यम से ब्रिक्स एनर्जी रिपोर्ट 2021, ब्रिक्स एनर्जी टेक्नोलॉजी रिपोर्ट 2021 और ब्रिक्स एनर्जी रिसर्च डायरेक्टरी 2021 लॉन्च कीं। यह ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की छठी बैठक थी और इसमें एक ज्वाइंट कम्युनिक को स्वीकार किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए, कृष्‍ण पाल गुर्जर ने जलवायु परिवर्तन के विपरीत प्रभावों से निपटने के लिए ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कोविड-19 के चलते पैदा मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में ब्राजील, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका और रूस के ऊर्जा पेशेवरों द्वारा किए गए प्रयासों का स्वागत किया। सम्मेलन के दौरान, भारत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तावित पहल के तहत एक सूर्य, एक विश्व और एक ग्रिड पर जोर दिए जाने की बात को दोहराया।

कृष्‍ण पाल गुर्जर ने कहा कि भारत बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करके अपने नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “2022 तक ‘सभी को बिजली’ कार्यक्रम इस दिशा में एक बड़ा कदम है।हमने समान उपलब्धता हासिल कर ली है। हमने लगभग 18 महीनों में ही 2.8 करोड़ उपभोक्ता जोड़े हैं, जो दुनिया में किसी भी स्थान पर सबसे तेज विस्तार है और इसकी मुख्य वजह यह है कि हमने बड़े स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा अपनाई है।”

अन्य ब्रिक्स देशों रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के मंत्रियों ने भी ऊर्जा बदलाव और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में अपने लक्ष्यों और उपलब्धियों को रेखांकित किया। ब्रिक्स देशों के ऊर्जा मंत्रियों का यह सम्मेलन अप्रैल, 2021 से सदस्य देशों के बीच ऊर्जा संवाद के तहत समापन कार्यक्रम है। इस दौरान हाइड्रोजन वेबिनार, ऊर्जा दक्षता का विकास और बैटरी भंडारण जैसे कई कार्यक्रम हुए और इन देशों के विशेषज्ञों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली।

ऊर्जा मंत्रियों ने कोविड-19 महामारी के ऊर्जा क्षेत्र पर अप्रत्याशित प्रभाव को माना। उल्लेखनीय है कि ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए ऊर्जा सुरक्षा और लचीली ऊर्जा प्रणालियां पहले से कहीं ज्यादा आवश्यक हो गई हैं। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र पर कोविड-19 महामारी के विपरीत असर से उबरने में ब्रिक्स देशों के ऊर्जा पेशेवरों द्वारा किए गए योगदान और अंतर्राष्ट्रीय समुदायों के प्रयासों की सराहना की।

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