उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल ने आज कहा कि बाजरे को महत्वपूर्ण खाद्यान्न में फिर शामिल करने से देश खाद्य, पोषण और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। स्मार्ट कृषि- बाजरे का महत्व और खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता विषय पर एक वेबिनार में पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अपनी जड़ों की ओऱ वापस जा रहा है, और योग की तरह बाजरे के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। भारत में बाजरे की सभी किस्मों की पैदावार होती है। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत बाजरे का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है।
पीयूष गोयल ने कहा कि दस राज्यों के सौ जिलों में तिलहन की खेती के लिए लगभग चार लाख हेक्टेयर धान की परती भूमि का उपयोग किया जाना है। साथ ही तिलहन की अधिक उपज वाले 230 जिलों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में लगभग 20 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में तिलहन की पैदावार बीच की फसल के तौर पर की जाएगी।
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