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प्रधानमंत्री मोदी शंघाई सहयोग संगठन के नेताओं के 22वें शिखर सम्‍मेलन में शामिल हुए

प्रधानमंत्री मोदी शंघाई सहयोग संगठन के नेताओं के 22वें शिखर सम्‍मेलन में शामिल हुए। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोविड महामारी और यूक्रेन संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में कई बाधाएं आई, जिससे पूरा विश्‍व अभूतपूर्व ऊर्जा और खाद्य संकट का सामना कर रहा है।

महामारी और यूक्रेन के संकट से ग्‍लोबल सप्‍लाई चेंस में कई बाधाएं उत्‍पन्‍न हुईं, जिसके कारण पूरा विश्‍व अभूतपूर्व ऊर्जा एवं खाद्य संकट का सामना कर रहा है। एससीओ को हमारे क्षेत्र में विश्‍वस्‍त, रेजिलिएंट और डायवर्सिफाइड सप्‍लाई चेंस विकसित करने के लिए प्रयत्‍न करने चाहिए। इसके लिए बेहतर कनेक्टिविटी की आवश्‍यकता तो होगी ही साथ ही यह भी महत्‍वपूर्ण होगा कि हम सभी एक-दूसरे को ट्रांजिट का पूरा अधिकार दें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट की इस घडी में शंघाई सहयोग संगठन की भूमिका बहुत महत्‍वपूर्ण है।

आज पूरा विश्‍व महामारी के बाद आर्थिक रिकवरी की चुनौतियों का सामना कर रहा है, एससीओ की भूमिका बहुत महत्‍वपूर्ण है। एससीओ के सदस्‍य देश वैश्विक गिनती में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान देते हैं और विश्‍व की 40 प्रतिशत जनसंख्‍या भी एससीओ देशों में निवास करती है। भारत एससीओ सदस्‍यों के बीच अधिक सहयोग और आपसी विश्‍वास का समर्थन करता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विभिन्‍न देश इस समय अपने नागरिकों के लिए खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने की चुनौती का सामना कर रहे हैं। इस समस्‍या का समाधान मोटे अनाजों का उत्‍पादन और बढावा देकर किया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि 2023 को अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मोटा अनाज वर्ष के रूप में मनाया जायेगा और शंघाई सहयोग संगठन के अंतर्गत मोटा अनाज खादय महोत्‍सव आयोजित किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को विनिर्माण का केंद्र बनाने के लिए प्रतिभाशाली युवाओं में स्‍वस्‍थ प्रतिस्‍पर्धा चल रही है। उन्‍होंने बताया कि इस वर्ष भारत की आर्थिक वृद्धि दर बढकर साढे सात प्रतिशत रहने की आशा है जो विश्‍व की प्रमुख अर्थव्‍यवस्‍थाओं में सबसे अधिक होगी।

इस वर्ष भारत की अर्थव्‍यवस्‍था में 7.5 प्रतिशत वृद्धि की आशा है जो विश्‍व की बड़ी इक्‍नॉमिज में सबसे अधिक होगी। हमारे पीपल्‍स सेंट्रिक डेवलेपमेंट मोरल में टैक्‍नोलॉजी के उचित उपयोग पर भी बहुत फोकस दिया जा रहा है। हम प्रत्‍येक सत्र में इनोवेशन का समर्थन कर रहे हैं। आज भारत में 70 हजार से अधिक स्‍टार्टअप्‍स हैं। जिनमें से 100 से अधिक यूनिकोन हैं। हमारे ये अनुभव कई अन्‍य एससीओ सदस्‍यों के भी काम आ सकता है। इसी उ्देश्‍य से हम एक नए स्‍पेशल वर्किंग ग्रुप और स्‍टार्टअप्‍स इनोवेशन की स्‍थापना करके एससीओ के सदस्‍य देशों के साथ अपना अनुभव साझा करने के लिए तैयार हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया में चिकित्सा और आरोग्‍य पर्यटन का सबसे किफायती गंतव्य स्‍थल बन गया है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के परम्‍परागत औषधियों के पहले और एकमात्र वैश्विक केंद्र का इस वर्ष अप्रैल में गुजरात में उद्घाटन हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन देशों के बीच परम्‍परागत औषधियों क्षेत्र में सहयोग बढाने पर बल दिया।

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