नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के साथ शनिवार को बैठक कर कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इस बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लक्षित लाभार्थियों को पूरी तरह मिले।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमारी पार्टी सुशासन को आगे बढ़ाने और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अथक प्रयास कर रही है।’’ भाजपा द्वारा नियमित अंतराल पर आयोजित की जाने वाली ‘‘मुख्यमंत्री परिषद’’ का उद्देश्य राज्यों में प्रमुख योजनाओं की समीक्षा करना, सर्वोत्तम शासन प्रथाओं का पालन करना और केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन करना है।
प्रधानमंत्री मोदी के अलावा, यहां दो दिवसीय बैठक के पहले दिन केंद्रीय मंत्री अमित शाह और जे.पी. नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी समेत अन्य नेता शामिल हुए। मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, गोवा, हरियाणा, मणिपुर और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी इस विचार-विमर्श में शामिल हुए।
यह बैठक केंद्रीय बजट प्रस्तुत किये जाने के बाद हो रही है, जिसमें विपक्ष ने सरकार पर बिहार और आंध्र प्रदेश को छोड़कर अन्य राज्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। लोकसभा चुनाव के बाद यह पहली बैठक है। लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन अपेक्षाकृत निराशाजनक रहा और पार्टी ने लोकसभा में अपना बहुमत खो दिया। हालांकि, पार्टी नेताओं ने कहा कि बैठक में चर्चा के केंद्र में शासन संबंधी मुद्दे थे। ऐसी पिछली बैठक फरवरी में हुई थी।
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