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प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP) विजेताओं से बातचीत की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP) के विजेताओं के साथ बातचीत की। ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए वर्ष 2022 और 2021 के लिए पीएमआरबीपी के विजेताओं को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। पुरस्कार विजेताओं को प्रमाणपत्र देने के लिए पहली बार इस तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी और राज्य मंत्री डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई भी उपस्थित थे।

मध्य प्रदेश के इंदौर के मास्टर अवि शर्मा के साथ बातचीत करते हुए, प्रधानमंत्री ने रामायण के विभिन्न पहलुओं के संबंध में उनकी महत्वपूर्ण रचनाओं के रहस्य के बारे में पूछताछ की। मास्टर अवि शर्मा ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सीरियल रामायण के प्रसारण के फैसले से उन्हें प्रेरणा मिली। अवि ने अपनी रचना के कुछ दोहे भी पढ़े। प्रधानमंत्री ने एक घटना सुनाई जब उन्होंने उमा भारती जी को सुना, जब एक बच्चे के रूप में, उन्होंने एक कार्यक्रम में अत्यधिक आध्यात्मिक गहराई और ज्ञान को दर्शाया था। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की मिट्टी में कुछ ऐसा है जो ऐसी अद्भुत प्रतिभा को जन्म देता है। प्रधानमंत्री ने अवि से कहा कि वह एक प्रेरणा स्रोत हैं और इस कहावत का एक उदाहरण हैं कि आप कभी भी बड़े काम करने के लिए छोटे नहीं होते।

कर्नाटक की कुमारी रेमोना इवेट परेरा के साथ बातचीत करते हुए, प्रधानमंत्री ने भारतीय नृत्य के प्रति उनके जुनून पर चर्चा की। उन्होंने उनके जुनून को आगे बढ़ाने में आने वाली कठिनाइयों के बारे में पूछा। प्रधानमंत्री ने बेटी के सपनों को साकार करने के लिए अपनी स्वयं की विपत्तियों की अनदेखी करने के लिए उनकी मां की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि रेमोना की उपलब्धियां उनकी उम्र से काफी बड़ी हैं और उन्हें बताया कि उनकी कला महान देश की ताकत को व्यक्त करने का एक तरीका है।

त्रिपुरा की कुमारी पुहाबी चक्रवर्ती के साथ बातचीत करते हुए, प्रधानमंत्री ने उनके कोविड से संबंधित नवाचार के बारे में जानकारी ली। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए अपने फिटनेस ऐप के बारे में भी प्रधानमंत्री को जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने उनके प्रयासों को लेकर स्कूल, दोस्तों और माता-पिता से मिलने वाले समर्थन के बारे में पूछा। उन्होंने खेल के साथ-साथ नया ऐप विकसित करने में लगने वाले समय में संतुलन बनाने के बारे में पूछा।

बिहार के पश्चिम चंपारण के मास्टर धीरज कुमार के साथ बातचीत करते हुए, प्रधानमंत्री ने उस घटना के बारे में पूछा जहां उन्होंने अपने छोटे भाई को मगरमच्छ के हमले से बचाया था। प्रधानमंत्री ने अपने छोटे भाई को बचाने के दौरान उनकी मनःस्थिति के बारे में पूछा और अब उन्हें जो प्रसिद्धि मिली है, उसके बाद वह कैसा महसूस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने उनके साहस और सूझ-बूझ की तारीफ की। धीरज ने प्रधानमंत्री से कहा कि वह एक फौजी के तौर पर देश की सेवा करना चाहते हैं।

पंजाब के मास्टर मीधांश कुमार गुप्ता के साथ बातचीत करते हुए, प्रधानमंत्री ने कोविड के मुद्दों के लिए एक ऐप बनाने की उनकी उपलब्धि के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने कहा कि मीधांश जैसे बच्चों में उन्हें लगता है कि उद्यमिता को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयास सफल हो रहे हैं और नौकरी तलाशने वाले के बजाय नौकरी प्रदाता बनने की प्रवृत्ति अधिक स्पष्ट हो रही है।

चंडीगढ़ की कुमारी तरुशी गौर से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री ने खेल और पढ़ाई के बीच संतुलन पर उनकी राय जानी। प्रधानमंत्री ने पूछा कि क्यों तरुशी बॉक्सर मैरी कॉम को अपना आदर्श मानती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि वह उत्कृष्टता और संतुलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारण उन्हें पसंद करती हैं, जो एक खिलाड़ी और एक मां के रूप में वे करती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने और हर स्तर पर जीतने की मानसिकता पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि नौजवान साथियों, आपको आज ये जो अवार्ड मिला है, ये एक और वजह से बहुत खास है। ये वजह है- इन पुरस्कारों का अवसर! देश इस समय अपनी आज़ादी के 75 साल का पर्व मना रहा है। आपको ये अवार्ड इस महत्वपूर्ण कालखंड में मिला है। उन्होंने कहा कि यह अतीत से ऊर्जा लेने और आने वाले 25 वर्षों के अमृत काल में महान परिणाम प्राप्त करने के लिए खुद को समर्पित करने का समय है। उन्होंने देश की बेटियों को राष्ट्रीय बालिका दिवस की बधाई भी दी। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि हमारी आज़ादी की लड़ाई में वीरबाला कनकलता बरुआ, खुदीराम बोस, रानी गाइडिनिल्यू जैसे वीरों का ऐसा इतिहास है जो हमें गर्व से भर देता है। प्रधानमंत्री ने कहा, “इन सेनानियों ने छोटी सी उम्र में ही देश की आज़ादी को अपने जीवन का मिशन बना लिया था, उसके लिए खुद को समर्पित कर दिया था।”

प्रधानमंत्री ने पिछले साल दीवाली पर जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर की अपनी यात्रा को याद करते हुए कहा, “पिछले साल दीवाली पर जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में गया था। वहां मेरी मुलाकात बलदेव सिंह और बसंत सिंह नाम के ऐसे वीरों से हुई जिन्होंने आज़ादी के बाद हुए युद्ध में बाल सैनिक की भूमिका निभाई थी। उन्होंने अपने जीवन की परवाह न करते हुए उतनी कम उम्र में अपनी सेना की मदद की थी।” प्रधानमंत्री ने इन वीरों की वीरता को नमन किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारे भारत का एक और उदाहरण है- गुरु गोबिन्द सिंह जी के बेटों का शौर्य और बलिदान! साहिबज़ादों ने जब असीम वीरता के साथ बलिदान दिया था तब उनकी उम्र बहुत कम थी। भारत की सभ्यता, संस्कृति, आस्था और धर्म के लिए उनका बलिदान अतुलनीय है।” प्रधानमंत्री ने युवाओं से साहिबजादों और उनके बलिदान के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए कहा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कल दिल्ली में इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाषचंद्र बोस की डिजिटल प्रतिमा भी स्थापित की गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “नेताजी से हमें सबसे बड़ी प्रेरणा मिलती है- कर्तव्य की, राष्ट्रप्रथम की। नेताजी से प्रेरणा लेकर आपको देश के लिए अपने कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ना है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में नीतियां और पहलों के केंद्र में युवाओं को रखा जाता है। उन्होंने स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के जन आंदोलन और आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण जैसी पहलों के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा, यह भारत के युवाओं की गति के अनुरूप है जो भारत और बाहर दोनों जगह इस नए युग का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने नवाचार और स्टार्ट-अप के क्षेत्र में भारत के बढ़ते कौशल के बारे में बताया। उन्होंने भारत के युवा सीईओ द्वारा प्रमुख वैश्विक कंपनियों के नेतृत्व के बारे में राष्ट्र की ओर से गर्व की अभिव्यक्ति करते हुए कहा, “आज हमें गर्व होता है जब देखते हैं कि भारत के युवा स्टार्ट अप की दुनिया में अपना परचम फहरा रहे हैं। आज हमें गर्व होता है, जब हम देखते हैं कि भारत के युवा नए-नए इनोवेशन कर रहे हैं, देश को आगे बढ़ा रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में बेटियों को पहले इजाजत भी नहीं होती थी, बेटियाँ आज उनमें कमाल कर रही हैं। यही तो वो नया भारत है, जो नया करने से पीछे नहीं रहता, हिम्मत और हौसला आज भारत की पहचान है।

प्रधानमंत्री ने सराहना करते हुए कहा कि भारत के बच्चों ने, अभी वैक्सीनेशन प्रोग्राम में भी अपनी आधुनिक और वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया है। 3 जनवरी के बाद से सिर्फ 20 दिनों में ही चार करोड़ से ज्यादा बच्चों ने कोरोना वैक्सीन लगवाई है। प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान के नेतृत्व के लिए उनकी सराहना की। प्रधानमंत्री ने उनसे मांग करते हुए कहा कि जैसे आप स्वच्छता अभियान के लिए आगे आए, वैसे ही आप वोकल फॉर लोकल अभियान के लिए भी आगे आइए।

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