प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के अहमदाबाद में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर में 1,06,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया और आधारशिला रखी। आज की विकास परियोजनाओं में रेलवे बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और पेट्रोरसायन सहित कई क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने 10 नई वंदे भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई।
रेलवे के बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और पेट्रोरसायन क्षेत्र को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री 1,06,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेलवे और पेट्रोरसायन परियोजनाओं की आधारशिला रखने और उद्घाटन करने के लिए अहमदाबाद में डीएफसी के ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर पहुंचे।
प्रधानमंत्री ने रेलवे कार्यशालाओं, लोको शेडों, पिट लाइनों/कोचिंग डिपो, फलटण – बारामती नई लाइन; इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम उन्नयन कार्य की आधारशिला रखी और पूर्वी डीएफसी के न्यू खुर्जा से साहनेवाल (401 मार्ग किलोमीटर) खंड और पश्चिमी डीएफसी के न्यू मकरपुरा से न्यू घोलवड खंड (244 मार्ग किलोमीटर) के बीच समर्पित माल गलियारे के दो नए खंड और वेस्टर्न डीएफसी का अहमदाबाद में ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) राष्ट्र को समर्पित किया।
प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद – मुंबई मध्य, सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम, मैसूरु- डॉ एमजीआर मध्य (चेन्नई), पटना-लखनऊ, न्यू जलपाईगुड़ी-पटना, पुरी-विशाखापत्तनम, लखनऊ-देहरादून, कलबुर्गी-सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु, रांची-वाराणसी, खजुराहो- दिल्ली (निज़ामुद्दीन) के बीच दस नई वंदे भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई।
प्रधानमंत्री ने चार वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार को भी हरी झंडी दिखाई। अहमदाबाद-जामनगर वंदे भारत को द्वारका तक, अजमेर-दिल्ली सराय रोहिल्ला वंदे भारत को चंडीगढ़ तक, गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत को प्रयागराज तक और तिरुवनंतपुरम-कासरगोड वंदे भारत को मंगलुरु तक बढ़ाया जा रहा है। आसनसोल और हटिया तथा तिरूपति और कोल्लम स्टेशनों के बीच दो नई यात्री ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई।
प्रधानमंत्री ने विभिन्न स्थानों – न्यू खुर्जा जंक्शन, साहनेवाल, न्यू रेवाड़ी, न्यू किशनगढ़, न्यू घोलवड और न्यू मकरपुरा से समर्पित माल गलियारे पर मालगाड़ियों को भी हरी झंडी दिखाई।
प्रधानमंत्री ने रेलवे स्टेशनों पर 50 प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र राष्ट्र को समर्पित किये। इन जन औषधि केंद्रों पर लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं मिलेंगी।
प्रधानमंत्री ने 51 गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल भी राष्ट्र को समर्पित किए। ये टर्मिनल परिवहन के विभिन्न साधनों से माल की निर्बाध आवाजाही को बढ़ावा देंगे।
प्रधानमंत्री ने 80 खंडों में 1045 मार्ग किलोमीटर स्वचालित सिग्नलिंग राष्ट्र को समर्पित की। इस उन्नयन से ट्रेन संचालन की सुरक्षा और दक्षता में वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री ने 2646 स्टेशनों पर रेलवे स्टेशनों की डिजिटल कंट्रोलिंग भी राष्ट्र को समर्पित की। इससे ट्रेनों की परिचालन दक्षता और सुरक्षा में सुधार होगा।
प्रधानमंत्री ने 35 रेल कोच रेस्तरां राष्ट्र को समर्पित किये। रेल कोच रेस्तरां का लक्ष्य रेलवे के लिए गैर-किराया राजस्व उत्पन्न करने के साथ ही यात्रियों और जनता की जरूरतों को पूरा करना है।
प्रधानमंत्री ने देश भर में 1500 से अधिक एक स्टेशन एक उत्पाद स्टॉल राष्ट्र को समर्पित किये। इन स्टॉलों पर बिक्री के लिए स्थानीय उत्पाद उपलब्ध रहेंगे, जिससे स्थानीय कारीगरों और व्यावसायियों की कमाई बढ़ेगी।
प्रधानमंत्री ने 975 स्थानों पर सौर ऊर्जा संचालित स्टेशन/भवन राष्ट्र को समर्पित किये। यह पहल भारत के अक्षय ऊर्जा लक्ष्यों में योगदान देगी और रेलवे के कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी।
प्रधानमंत्री ने गुजरात के दाहेज में ईथेन और प्रोपेन हैंडलिंग सुविधाओं सहित पेट्रोनेट एलएनजी के पेट्रोरसायन परिसर की आधारशिला रखी, जिसकी लागत 20,600 करोड़ रुपये है। मौजूदा एलएनजी पुनर्गैसीकरण टर्मिनल के निकट पेट्रोरसायन परिसर की स्थापना से परियोजना के पूंजीगत व्यय और ओपेक्स लागत में काफी बचत होगी।
इस परियोजना के कार्यान्वयन से निष्पादन चरण के दौरान 50,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का अवसर पैदा होने की संभावना है और इसके परिचालन चरण के दौरान 20,000 से अधिक लोगों के लिए रोजगार का अवसर पैदा होगा, जिससे क्षेत्र में भारी सामाजिक-आर्थिक लाभ होगा।
प्रधानमंत्री ने दो राज्यों गुजरात और महाराष्ट्र में एकता मॉल की आधारशिला भी रखी, जिस पर लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
इन एकता मॉल में भारतीय हथकरघा, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और ओडीओपी उत्पादों की समृद्ध और विविध विरासत की झलक होगी। एकता मॉल भारत की एकता और विविधता का प्रतीक होने के साथ-साथ हमारे पारंपरिक कौशल और इन क्षेत्रों के विकास तथा सशक्तिकरण के लिए उत्प्रेरक भी हैं।
प्रधानमंत्री ने नए विद्युतीकृत खंडों, पटरियों का दोहरीकरण/मल्टी-ट्रैकिंग, रेलवे गुड्स शेड, वर्कशॉप, लोको शेड, पिट लाइन/कोचिंग डिपो का विकास जैसी कई अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। ये परियोजनाएं आधुनिक और मजबूत रेलवे नेटवर्क बनाने के प्रति सरकार के समर्पण का प्रमाण हैं। इस निवेश से न केवल कनेक्टिविटी में सुधार होगा बल्कि आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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