प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा प्रबंधंन के लिए बहुआयामी प्रणाली विकसित करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि मजबूत आपदा प्रणाली के लिए मान्यता और सुधार आवश्यक हैं। प्रधानमंत्री आज शाम नई दिल्ली में राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए राष्ट्रीय मंच के तीसरे सत्र का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण की इस वर्ष की मुख्य विषयवस्तु जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में स्थानीय मजबूती का निर्माण करना है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा के संभावित खतरों को पहचानने में मदद मिलेगी। सुधारों से खतरों को कम से कम किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि नियत समय के भीतर प्रणाली में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि छोटी अवधि की बजाय दीर्घकालीन तरीके अपनाये जाने चाहिए।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण की इस वर्ष की मुख्य विषयवस्तु जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में स्थानीय मजबूती का निर्माण करना है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा के संभावित खतरों को पहचानने में मदद मिलेगी। सुधारों से खतरों को कम से कम किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि नियत समय के भीतर प्रणाली में सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि छोटी अवधि की बजाय दीर्घकालीन तरीके अपनाये जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आपदा की आशंका घटाने का सबसे अच्छा तरीका आपदा जोखिम न्यूनीकरण में सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि स्थानीय तकनीक और सामग्री के साथ नई प्रौद्योगिकी इस समय की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हम स्थानीय मजबूती को भविष्य की तकनीक के साथ जोडते हैं, तो हम आपदा से निपटने की दिशा में बेहतर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम प्राकृतिक आपदा को नहीं रोक सकते, लेकिन बेहतर नीति और प्रणाली से इसके प्रभावों को कम से कम कर सकते हैं। उन्होंने स्थानीय संस्थाओं के साथ मिलकर आपदा प्रबंधन को मजबूत करने पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने पूरी प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन पर बल देते हुए कहा कि इसके लिए दो चरणों पर काम करना होगा। आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों को जन भागीदारी पर ध्यान केन्द्रित करना होगा और तकनीक का इस्तेमाल करते हुए निगरानी करनी होगी।
भूकम्प प्रभावित तुर्कीए और सीरिया में भारत द्वारा चलाए गए बचाव अभियान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया ने भारत के आपदा प्रबंधन प्रयासों की सराहना की है और यह सभी देशवासियों के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राहत और बचाव के लिए मानव संसाधन और तकनीकी क्षमता बढाने से देश में विभिन्न आपदाओं में लोगों की जान बचाने में मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया भर में आपदाओं से निपटने के लिए भारत की त्वरित प्रतिक्रिया देता है। उन्होंने बताया कि भारत के नेतृत्व में एक सौ से अधिक देशों ने कोलिसन फॉर डिजास्टर रिसाइलेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर का गठन किया गया है।
शशि थरूर फिर चर्चा में, बयान और राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजर कांग्रेस के वरिष्ठ… Read More
RUHS CUET 2026 Result जारी, उम्मीदवारों का इंतजार खत्म राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS)… Read More
ऑस्ट्रेलिया बनाम पाकिस्तान मैच स्कोरकार्ड: 22 रन से जीता पाकिस्तान ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच… Read More
1 जून को बदलेगा मौसम का मिजाज, उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं का… Read More
Anthropic के Claude AI की खासियतें क्या हैं? Claude AI की सबसे बड़ी विशेषता इसका… Read More
अन्नामलाई BJP छोड़ेंगे? नई पार्टी बनाने की अटकलों के बीच दिल्ली पहुंचे पूर्व तमिलनाडु BJP… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment