प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन करेंगे और पूरे सत्र का अवलोकन करेंगे। उद्घाटन समारोह प्रातः 9:30 पर आरंभ होगा। कार्यक्रम की मेजबानी राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय (आरटीएमएनयू) अपने अमरावती रोड परिसर में कर रहा है।
उद्घाटन सत्र को शोभायमान करने वाले विशिष्ट गणमान्यों में महाराष्ट्र के राज्यपाल और महाराष्ट्र शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति भगत सिंह कोश्यारी, केंद्रीय मंत्री व आरटीएमएनयू शताब्दी समारोह की सलाहकार समिति के अध्यक्ष नितिन गडकरी, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा उप-मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस शामिल हैं।
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुभाष आर, चौधरी और भारतीय विज्ञान कांग्रेस संघ (इस्का), कोलकाता की अध्यक्ष डॉ. विजय लक्ष्मी सक्सेना की विशेष उपस्थिति रहेगी।
इस वर्ष कार्यक्रम की विषयवस्तु “सांइस एंड टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबल डेवलप्मेंट विद विमेन एमपावरमेंट” (महिला सशक्तिकरण सहित सतत विकास के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी) है। जन संवाद और प्रदर्शनी आमजन के लिये खुली है।
108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस के तकनीकी सत्र को 14 वर्गों में बांटा गया है, जिनके तहत विश्वविद्यालय के महात्मा ज्योतिबा फुले शैक्षिक परिसर के विभिन्न स्थलों पर समानान्तर सत्र चलाये जायेंगे।
इन 14 वर्गों के अलावा, महिला विज्ञान कांग्रेस, किसान विज्ञान कांग्रेस, बाल विज्ञान कांग्रेस, जनजातीय समागम, विज्ञान व समाज तथा विज्ञान संचारकों की कांग्रेस के एक-एक सत्र का भी आयोजन किया जायेगा।
पूर्ण सत्रों में नोबल पुरस्कार विजेताओं, भारत व विदेश के नामी गिरामी अनुसंधान कर्ताओं, विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों के टेकनोक्रेटों पर सामग्री शामिल की गई है, जिसमें अंतरिक्ष, रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और चिकित्सा अनुसंधानों को रखा गया है। तकनीकी सत्रों में कृषि, वन विज्ञान, पशु, पशु चिकित्सा और मत्स्य विज्ञान, मानव व व्यवहार विज्ञान, रासायनिक विज्ञान, पृथ्वी प्रणाली विज्ञान, अभियांत्रिकी विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, सूचना व संचार विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी, पदार्थ विज्ञान, गणितीय विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, नवीन प्राणी विज्ञान, भौतिक विज्ञान तथा पादप विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व व प्रयुक्त अनुसंधानों के बारे में दर्शाया जायेगा।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण मेगा एक्सपो “प्राइड ऑफ इंडिया” (भारत का गौरव) है। प्रदर्शनी में भारतीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी द्वारा समाज के प्रति किये गये उन प्रमुख योगदानों, उनकी प्रमुख उपलब्धियों और प्रमुख विकासों को दिखाया जायेगा, जिनकी बदौलत पूरे वैज्ञानिक संसार के लिये सैकड़ों नये विचारों, नवोन्मेषों और उत्पादों को आकार मिला। भारत के गौरव के तहत सरकार, कॉरपोरेट, सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, अकादिक एवं अनुसंधान व विकास संस्थानों, पूरे देश के नवोन्मेषी और उद्यमियों की उपलब्धियों तथा उनकी क्षमताओं को पेश किया जायेगा।
कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर होने वाला भारतीय विज्ञान कांग्रेस का पारंपरिक ‘विज्ञान ज्योति’ कार्यक्रम आज आयोजित किया गया। इसमें 400 से अधिक स्कूली और कॉलेज छात्र ज़ीरो माइलस्टोन पर एकत्र हुये। सभी विशेष कैप और टी-शर्ट पहने थे। वहां से वे रैली के रूप में विश्वविद्यालय परिसर गये। छात्रों ने अपने जीवन में वैज्ञानिक सोच को अपनाने की शपथ ली। आईएससीए अध्यक्ष डॉ. विजय लक्ष्मी सक्सेना ने छात्रों से आग्रह किया कि वे विज्ञान को केवल पाठ्य सामग्री के रूप में न पढ़ें, बल्कि जीवन में वे जो भी करें, विज्ञान को उसमें शामिल करें।
विज्ञान ज्योति की अवधारणा ओलम्पिक ज्योति के अनुरूप है। यह एक आंदोलन का स्वरूप है, जो समाज और विशेष रूप से युवाओं में वैज्ञानिक मानसिकता तैयार करने के लिये समर्पित है। यह ज्योति विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित की गई है और 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस के समापन तक यह प्रज्ज्वलित रहेगी।
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