प्रधानमंत्री कर्नाटक में 10,800 करोड़ रुपये से भी अधिक और महाराष्ट्र में 38,800 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की लागत वाली परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री कर्नाटक में नव घोषित राजस्व गांवों के लगभग पचास हजार लाभार्थियों को टाइटल डीड (हक्कू पत्र) वितरित करेंगे
प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन के तहत यादगीर बहु-ग्राम पेयजल आपूर्ति योजना का शिलान्यास करेंगे
प्रधानमंत्री नारायणपुर लेफ्ट बैंक नहर- विस्तार, नवीनीकरण और आधुनिकीकरण परियोजना (एनएलबीसी-ईआरएम) का उद्घाटन करेंगे; इस परियोजना से क्षेत्र के तीन लाख से भी अधिक किसान लाभान्वित होंगे
प्रधानमंत्री कर्नाटक में दो ग्रीनफील्ड राजमार्ग विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे; दोनों ही परियोजनाएं सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे का हिस्सा हैं
प्रधानमंत्री मुंबई मेट्रो रेल लाइन 2ए और 7 राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री मुंबई में सात सीवेज शोधन संयंत्रों, सड़क पक्कीकरण परियोजना और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के पुनर्विकास की आधारशिला रखेंगे
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज कर्नाटक और महाराष्ट्र का दौरा करेंगे।
प्रधानमंत्री कर्नाटक में
सभी घरों में व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक और कदम के रूप में जल जीवन मिशन के तहत यादगिरि जिले के कोडेकल में यादगीर बहु-ग्राम पेयजल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखी जाएगी। इस योजना के तहत 117 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। 2050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इस परियोजना से 700 से अधिक ग्रामीण बस्तियों और यादगिरि जिले के तीन शहरों के लगभग 2.3 लाख घरों को पीने योग्य पानी उपलब्ध होगा।
इस कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री नारायणपुर लेफ्ट बैंक कैनाल के विस्तारीकरण, पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण परियोजना (एनएलबीसी- ईआरएम) का भी शुभारंभ करेंगे। 10,000 क्यूसेक की क्षमता वाली नहर परियोजना से 4.5 लाख हेक्टेयर कमान क्षेत्र की सिंचाई की जा सकती है। इससे कलबुर्गी, यादगिरी और विजयपुर जिलों के 560 गांवों के तीन लाख से अधिक किसानों को लाभ होगा। परियोजना की कुल लागत लगभग 4700 करोड़ रुपये है।
प्रधानमंत्री एनएच-150सी के 65.5 किलोमीटर लंबे खंड का शिलान्यास भी करेंगे। यह 6 लेन वाली ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे का हिस्सा है। इसे करीब 2000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है।
सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत साकार किए जाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, कलबुर्गी, यादगिरी, रायचूर, बीदर और विजयपुरा के पांच जिलों में लगभग 1475 गैर-पंजीकृत बस्तियों को नए राजस्व गांवों के रूप में घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री कलबुर्गी जिले के सेदम तालुका के मलखेड गांव में, इन नए घोषित राजस्व गांवों के पात्र लाभार्थियों को मालिकाना अधिकार पत्र (हक्कू पत्र) वितरित करेंगे। पचास हजार से अधिक लाभार्थियों को टाइटल डीड जारी करना, जो बड़े पैमाने पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के हाशिए पर रहने वाले और कमजोर समुदायों से हैं, उनकी भूमि को सरकार से औपचारिक मान्यता प्रदान करने का एक कदम है, और उन्हें पेयजल, बिजली, सड़क आदि जैसी सरकारी सेवाएं प्राप्त करने के लिए पात्र बना देगा।
इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री एनएच-150सी के 71 किलोमीटर लंबे खंड का शिलान्यास भी करेंगे। यह 6 लेन वाली ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना भी सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे का हिस्सा है। इसे 2100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया जा रहा है।
सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे छह राज्यों- गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से होकर गुजरेगा। यह मौजूदा मार्ग को 1600 किलोमीटर से घटाकर 1270 किलोमीटर कर देगा।
प्रधानमंत्री मुंबई में
प्रधानमंत्री लगभग 38,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। निर्बाध शहरी गीतशीलता प्रदान करना प्रधानमंत्री के प्रमुख क्षेत्रों में से एक रहा है। इस तर्ज पर, वह राष्ट्र को लगभग 12,600 करोड़ रुपये की मुंबई मेट्रो रेल लाइन 2ए और 7 समर्पित करेंगे। दहिसर ई और डीएन नगर (येलो लाइन) को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 2ए लगभग 18.6 किमी लंबी है, जबकि अंधेरी ई- दहिसर ई (रेड लाइन) को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 7 लगभग 16.5 किमी लंबी है। प्रधानमंत्री ने 2015 में इन लाइनों की आधारशिला रखी थी। प्रधानमंत्री मुंबई 1 मोबाइल ऐप और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (मुंबई 1) की भी शुरुआत करेंगे। यह मोबाइल ऐप यात्रा को सुगम बनाएगा, इसे मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार पर दिखाया जा सकता है और यह यूपीआई के माध्यम से टिकट खरीदने के लिए डिजिटल भुगतान में सहायता करेगा। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (मुंबई 1) शुरू में मेट्रो कॉरिडोर में इस्तेमाल किया जाएगा और बाद में स्थानीय ट्रेनों व बसों सहित बड़े पैमाने पर सार्वजनिक परिवहन के अन्य वाहनों तक इसका विस्तार किया जा सकता है। यात्रियों को अनेक कार्ड या नकदी ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी, एनसीएमसी कार्ड त्वरित, संपर्क रहित, डिजिटल लेनदेन को सक्षम करेगा, जिससे सुगम अनुभव के साथ प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
प्रधानमंत्री लगभग 17,200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सात सीवेज शोधन संयंत्रों का शिलान्यास करेंगे। ये सीवेज शोधन संयंत्र मलाड, भांडुप, वर्सोवा, घाटकोपर, बांद्रा, धारावी और वर्ली में स्थापित किए जाएंगे। जिनकी संयुक्त क्षमता लगभग 2,460 एमएलडी होगी।
मुंबई में स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयास में, प्रधानमंत्री 20वें हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना का उद्घाटन करेंगे। यह अनूठी पहल लोगों को स्वास्थ्य जांच, दवाएं, जांच और निदान जैसी आवश्यक चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह से मुफ्त प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री मुंबई में तीन अस्पतालों अर्थात 360-बिस्तरों वाले भांडुप मल्टीस्पेशियलिटी म्युनिसिपल अस्पताल, 306 बिस्तरों वाले सिद्धार्थ नगर अस्पताल, गोरेगांव (पश्चिम) और 152 बिस्तरों वाले ओशिवारा मैटरनिटी होम के पुनर्विकास के लिए आधारशिला भी रखेंगे। इससे शहर के लाखों निवासियों को लाभ होगा और उन्हें उच्च श्रेणी की चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
प्रधानमंत्री मुंबई की लगभग 400 किलोमीटर सड़कों को पक्का करने के लिए सड़क निर्माण परियोजना शुरू करेंगे। यह परियोजना लगभग 6,100 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी। मुंबई में लगभग कुल 2050 किलोमीटर सड़कों के विस्तार में से 1200 किलोमीटर से अधिक सड़कों को या तो पक्का कर दिया गया है या वे पक्का किए जाने की प्रक्रिया में हैं। हालांकि, शेष लगभग 850 किलोमीटर लंबाई की शेष सड़को को गड्ढों की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जो परिवहन को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। सड़क को पक्का करने की परियोजना का उद्देश्य इस चुनौती को दूर करना है। कंक्रीट की ये सड़कें बेहतर सुरक्षा के साथ-साथ तेज यात्रा सुनिश्चित करेंगी, साथ ही बेहतर जल निकासी सुविधाएं और जन उपयोगी नालियां सड़कों की नियमित खुदाई से बचना सुनिश्चित करेंगी।
वह छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के पुनर्विकास की भी आधारशिला रखेंगे। टर्मिनस के दक्षिणी विरासत नोड से भीड़ को कम करने, सुविधाओं में वृद्धि करने, बेहतर बहु-मोडल एकीकरण और विश्व प्रसिद्ध प्रतिष्ठित अनुप्रतीकात्मक ढांचे के प्राचीन गौरव को संरक्षित एवं बहाल करने के लिए पुनर्विकास योजना बनाई गई है। परियोजना का कार्य 1,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री पीएम स्वनिधि योजना के तहत एक लाख से अधिक लाभार्थियों के स्वीकृत ऋणों का हस्तांतरण भी शुरू करेंगे।
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