रक्षा में ‘आत्मनिर्भरता’ की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज कर्नाटक के तुमकुरु में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की एक हेलीकॉप्टर फैक्ट्री राष्ट्र को समर्पित करेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
ग्रीनफील्ड हेलीकॉप्टर फैक्ट्री 615 एकड़ भूमि में फैली हुई है, जिसकी योजना देश की सभी हेलीकॉप्टर आवश्यकताओं के लिए वन-स्टॉप समाधान बनने की दृष्टि से बनाई गई है। यह भारत की सबसे बड़ी हेलीकॉप्टर निर्माण सुविधाकेन्द्र है और आरंभ में लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (एलयूएच) का निर्माण करेगी।
एलयूएच स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित 3-टन वर्ग, एकल इंजन बहुउद्देश्यीय उपयोगिता हेलीकॉप्टर है जिसमें उच्च गतिशीलता की अनूठी विशेषताएं हैं। प्रारंभ में, यह फैक्ट्री प्रति वर्ष लगभग 30 हेलीकाप्टरों का निर्माण करेगी और इसे चरणबद्ध तरीके से 60 और फिर 90 प्रति वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। पहले एलयूएच का उड़ान परीक्षण किया जा चुका है और यह अनावरण के लिए तैयार है।
लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) और भारतीय मल्टीरोल हेलीकॉप्टर (आईएमआरएच) जैसे अन्य हेलीकॉप्टरों का निर्माण करने के लिए फैक्ट्री में वृद्धि की जाएगी। इसका उपयोग भविष्य में एलसीएच, एलयूएच, सिविल एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) और आईएमआरएच के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल के लिए भी किया जाएगा। सिविल एलयूएच के संभावित निर्यात की भी इस फैक्ट्री से पूर्ति की जाएगी।
एचएएल की योजना 20 वर्षों की अवधि में चार लाख करोड़ रुपये से अधिक के कुल कारोबार के साथ 3-15 टन की सीमा में 1,000 से अधिक हेलीकाप्टरों का निर्माण करने की है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करने के अलावा, तुमकुरु सुविधाकेन्द्र बड़े पैमाने पर समुदाय केंद्रित कार्यक्रमों के साथ अपनी सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से निकटवर्ती क्षेत्रों के विकास को बढ़ावा देगी, जिस पर कंपनी पर्याप्त मात्रा में व्यय करेगी। इन सबके परिणामस्वरूप क्षेत्र के लोगों के जीवन में सुधार आएगा।
बेंगलुरू में विद्यमान एचएएल सुविधाओं के साथ फैक्ट्री की निकटता क्षेत्र में एयरोस्पेस विनिर्माण इको-सिस्टम को बढ़ावा देगी और स्कूलों, कॉलेजों और आवासीय क्षेत्रों जैसे कौशल और अवसंरचना के विकास में सहायता करेगी। चिकित्सा और स्वास्थ्य देखभाल का लाभ निकटवर्ती विभिन्न पंचायतों में रहने वाले समुदाय तक भी पहुंचेगा।
हेली-रनवे, फ्लाइट हैंगर, फाइनल असेंबली हैंगर, स्ट्रक्चर असेंबली हैंगर, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और विभिन्न सहायक सेवा सुविधाओं जैसी सुविधाओं की स्थापना के साथ यह फैक्ट्री पूरी तरह से प्रचालनगत है। इस फैक्ट्री को अपने प्रचालन के लिए अत्याधुनिक उद्योग 4.0 मानक उपकरणों और तकनीकों से लैस किया जा रहा है।
इस सुविधाकेन्द्र की आधारशिला 2016 में प्रधानमंत्री द्वारा रखी गई थी। यह फैक्ट्री भारत को बिना आयात के हेलीकॉप्टरों की अपनी संपूर्ण आवश्यकता को पूरा करने में सक्षम बनाएगी और हेलीकॉप्टर डिजाइन, विकास और विनिर्माण में प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को आवश्यक प्रोत्साहन देगी।
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