Categories: News-Headlines

प्रधानमंत्री को प्राप्त उपहारों और स्मृति चिन्हों की ई-नीलामी का तीसरा संस्करण आज से आरम्भ हुआ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रदान किए गए प्रतिष्ठित और यादगार उपहारों की ई-नीलामी का तीसरा संस्करण 17 सितंबर से 7 अक्टूबर, 2021 तक वेब पोर्टल https://pmmementos.gov.in. के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। स्मृति चिन्ह में टोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों और टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों के विजेताओं द्वारा प्रधानमंत्री को उपहार में दिए गए स्पोर्ट्स गियर और उपकरण शामिल हैं। अन्य दिलचस्प कलाकृतियों में अयोध्या राम मंदिर की प्रतिकृति, चारधाम, रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर, मॉडल, मूर्तियां, पेंटिंग और अंगवस्त्र शामिल हैं।

ई-नीलामी के इस चरण में, लगभग 1330 स्मृति चिन्हों की ई-नीलामी की जा रही है। टोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेता सुमित अंटिल और टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों में नीरज चोपड़ा द्वारा इस्तेमाल भाले सबसे अधिक आधार मूल्य वाले आइटम हैं। इन प्रत्येक आइटम का आधार मूल्य एक करोड़ रुपये है। सबसे कम कीमत वाली वस्तु एक छोटे आकार का सजावटी हाथी है जिसकी कीमत 200 रुपये है।

कुछ अन्य वस्तुएं जैसे लवलीना बोरगोहेन द्वारा इस्तेमाल किए गए बॉक्सिंग दस्ताने, जो नीले रंग के हैं और नीचे की तरफ स्ट्रैप्ड हैंडल हैं और इस पर खिलाड़ी ने खुद हस्ताक्षर किये हैं, उन्हें भी नीलामी के लिए रखा गया है। पैरालंपिक में स्वर्ण पदक विजेता कृष्णा नागर द्वारा हस्ताक्षर किए गए बैडमिंटन रैकेट की भी बोली लगाई जा रही है। इसके अलावा एक टेबल टेनिस रैकेट भी है, जो टोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों की रजत पदक विजेता भाविना पटेल द्वारा हस्ताक्षर किया गया है। इसका उपयोग टोक्यो 2020 पैरालंपिक खेलों में भाविना पटेल द्वारा किया गया था।

व्यक्ति/संगठन वेबसाइट https://pmmementos.gov.in के माध्यम से 17 सितंबर से 7 अक्टूबर, 2021 के बीच ई-नीलामी में भाग ले सकते हैं।

ई-नीलामी से प्राप्त राशि गंगा नदी के संरक्षण और कायाकल्प के उद्देश्य से नमामि गंगे अभियान को प्रदान की जाएगी। नरेन्द्र मोदी भारत के पहले प्रधान मंत्री हैं, जिन्होंने “नमामि गंगे” के माध्यम से देश की जीवन रेखा- गंगा नदी के संरक्षण के नेक काम के लिए मिलने वाले सभी उपहारों को नीलाम करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ने अक्सर गंगा को देश की सांस्कृतिक गौरव और आस्था के प्रतीक के रूप में वर्णित किया है। प्रधानमन्त्री ने ज्यादातर अवसरों पर गंगा को देश के सांस्कृतिक गौरव और आस्था के प्रतीक के रूप में वर्णित किया है और उत्तराखंड के गोमुख के उद्गम स्थल से लेकर पश्चिम बंगाल में समुद्र विलय होने तक, गंगा नदी को देश की आधी आबादी के जीवन की समृद्धि का आधार बताया है।

Leave a Comment

Recent Posts

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

14 hours ago

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर नजर

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More

17 hours ago

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More

17 hours ago

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत पर

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More

18 hours ago

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग तेज

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More

2 days ago

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को झटका

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More

2 days ago

This website uses cookies.