केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को अपनी दो दिवसीय ब्रसेल्स यात्रा के दौरान भारत-यूरोपीय व्यापार संघ और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की पहली मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए बेल्जियम एंटरप्राइजेज फेडरेशन (एफईबी) द्वारा आयोजित व्यापार बैठक में आमंत्रित किया गया। इस बैठक का आयोजन फेडरेशन कार्यालय में किया गया। माननीय मंत्री महोदय ने इस अवसर पर बैठक को संबोधित किया।
बैठक में भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के छह सदस्यों के अलावा बेल्जियम की ओर से 28 से अधिक व्यापारिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। एफईबी के अध्यक्ष रेने ब्रांडर्स ने बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए अपने विचार व्यक्त किये। बैठक का संचालन एफईबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर टिम्मरमन्स द्वारा किया गया।
अपने मुख्य संबोधन में, पीयूष गोयल ने कहा कि भारत आगामी 25 वर्षों में देश की 10 गुना से अधिक विकास क्षमता पर बल देगा। उन्होनें कहा कि यह सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा। पीयूष गोयल ने कहा कि व्यापार, प्रौद्योगिकी, पर्यटन और प्रतिभा के 4टी पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ स्थिरता और नवीकरणीय ऊर्जा के लिए भारत के महत्वाकांक्षी मिशन के लक्ष्य को 2021 में ही अपने निर्धारित समय से 9 वर्ष पूर्व हांसिल कर लिया गया, जिसका प्रमाण इसके प्रदर्शन से स्पष्ट है।
इसके पश्चात गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें भारत में मौजूद और संचालित बेल्जियम उद्यमों के साक्ष्यों के अलावा, बेल्जियम में उपस्थित भारतीय और विदेशी उद्यमों के साक्ष्यों के साथ-साथ बैठक के दौरान उपस्थित व्यापारिक संगठनों के बीच विचार-विमर्श हुआ। गोलमेज सम्मेलन के दौरान टैरिफ और शुल्क, आईपीआर की सुरक्षा, निवेश, अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में नियमों की आवश्यकता, नियामक अनुपालन को कम करना, शून्य कार्बन प्रौद्योगिकी और हरित वित्तपोषण एवं अपतटीय पवन प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
गोलमेज सम्मेलन में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, पीयूष गोयल ने रेखांकित किया कि जलवायु संबंधी मुद्दों जैसी वैश्विक चुनौतियों का समाधान करते समय विकसित और उभरती दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए समान अवसर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत शुद्ध शून्य उत्सर्जन के अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, सभी संबंधितों द्वारा सार्थक योगदान होना चाहिए और पेरिस समझौते के तहत की गई प्रतिबद्धताओं का सभी राष्ट्रों द्वारा पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि इन चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए भारत-यूरोपीय व्यापार संघ और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) का तंत्र एक प्रभावी मंच के रूप में उभर सकता है। मंत्री महोदय ने कहा कि भारतीय और यूरोपीय संघ विश्व व्यापार संगठन के मुद्दों के संबंध में कई आम चिंताओं को साझा करते हैं जहां उनकी स्थिति काफी हद तक समान होती है और इसलिए, उनके सामूहिक प्रयासों के माध्यम से वह आगामी डब्ल्यूटीओ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में सर्वसम्मति-आधारित समाधान खोजने में संयुक्त रूप से योगदान दे सकते हैं।
AIBE 21 (XXI) 2026: बार काउंसिल जल्द जारी कर सकती है नोटिफिकेशन, जानें रजिस्ट्रेशन और… Read More
Skyroot Aerospace ने अंतरिक्ष मिशनों को दी नई रफ्तार, निजी स्पेस सेक्टर में भारत की… Read More
Kal Ka Rashifal 19 July 2026: चंद्रमा के राशि परिवर्तन से बदलेगा दिन, जानें मेष… Read More
भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment