बैंकिंग सेवाओं के क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी बदलाव करते हुए, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) ने गर्व के साथ अपने लाभ का सिलसिला जारी रखा है जो स्थायी वित्तीय समावेशन और नागरिक सशक्तिकरण के प्रति अपने दृढ़ समर्पण को दोहराता है। यह सुनिश्चित करते हुए कि देश में कोई भी पीछे न छूटे और यहां तक कि दूरदराज के इलाकों तक पहुंच बढ़े, आईपीपीबी ने डिजिटल इंडिया पहल को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्धता साबित की है। आईपीपीबी ने पिछले वित्तीय वर्ष में पहली लाभ यात्रा का जश्न मनाते हुए और इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के समापन के साथ सफल लाभ के सिलसिले को जारी रखा है।
अपनी स्थापना के बाद से, आईपीपीबी देश भर में लाखों परिवारों तक डोरस्टेप बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के सपने से प्रेरित रहा है। यह यात्रा वर्ष 2017 में रांची, झारखंड और रायपुर, छत्तीसगढ़ में शुरू की गई पायलट शाखाओं के साथ शुरू हुई और इसे आखिरी छोर तक एक प्रमुख बैंकिंग सेवा प्रदाता बनाने के लिए उल्लेखनीय रूप से कम समय में अभूतपूर्व सफलता मिली है।
आईपीपीबी को वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 20.16 करोड़ रुपये का परिचालन लाभ, जो बैंक के लिए जबरदस्त प्रगति का वर्ष है, उत्पन्न करने की असाधारण उपलब्धि साझा करते हुए खुशी हो रही है। कुल राजस्व में 66.12 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो 17.36 प्रतिशत की कुल परिचालन लागत में वृद्धि को पार कर गई और इस उपलब्धि के यही मुख्य कारक रहे हैं। इन्हीं वजहों से आईपीपीबी ग्राहक-केंद्रित और लागत प्रभावी बैंकिंग मॉडल की शक्ति को प्रदर्शित कर पाया है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स के एमडी और सीईओ जे. वेंकटरामू ने इस पर कहा, “आईपीपीबी की सफलता की कहानी हमारी समर्पित टीम, हितधारकों और सबसे महत्वपूर्ण सात करोड़ से अधिक मूल्यवान ग्राहकों वाले हमारे परिवार के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है।” उन्होंने कहा, “जन धन, आधार, इंडिया स्टैक आदि कई नीतिगत पहलों और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में डिफरेंशिएटेड बैंकिंग कैटेगरी, ई-केवाईसी, आदि जैसे नियामक प्रयासों से आईपीपीबी की सफलता की कहानी को आगे बढ़ाने में जबरदस्त योगदान मिला। नियामक समर्थन द्वारा समर्थित बैंक के विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन ने ग्राहकों की संख्या और उत्पाद पेशकश में तेजी से वृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया है।”
1,55,000 डाकघरों (ग्रामीण क्षेत्रों में 1,35,000) और सहायता प्राप्त 3,00,000 डाक कर्मचारियों वाले विश्व के सबसे बड़े डाक नेटवर्क का लाभ उठाकर आज आईपीपीबी भारत में बैंकिंग सुविधा से वंचित और कम बैंकिंग सुविधा वाले आम आदमी के लिए सबसे सुलभ, किफायती और विश्वसनीय बैंक बन गया है। देश के डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा आम आदमी को उनके दरवाजे पर जन-केंद्रित वित्तीय सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इस प्रकार, राष्ट्रीय स्तर पर एक फिजिटल (फिजिकल+डिजिटल) बैंकिंग सेवा मंच बनाया गया है, जिसमें पारंपरिक बैंकिंग सुविधाओं को उनकी पारंपरिक बाधाओं के पार एक अलग तरीके से संचालित करने की परिकल्पना की गई है।
एक उद्देश्य के साथ लाभ की यह यात्रा एक सामूहिक प्रयास रही है। आईपीपीबी डाकियों/ग्रामीण डाक सेवकों की अथक सेवाओं का ऋणी है जिन्होंने यात्रा में बहुत योगदान दिया है। आईपीपीबी, ऋण रेफरल सेवाओं, ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमयोगियों के लिए अंत्योदय श्रमिक सुरक्षा योजना जैसे कम लागत वाले स्वास्थ्य और आकस्मिक उत्पादों, पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र और नागरिकों को सरकार तक पहुंच सक्षम करने वाले मोबाइल अपडेट, बाल आधार नामांकन, आधार आधारित बैंकिंग लेनदेन (एईपीएस) और पीएम किसान जैसे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण कार्यक्रम तथा नागरिक सेवाओं की पहल सहित नई शुरू की गई सेवाओं के साथ वित्तीय समृद्धि के बीज बोता रहेगा। ‘निवेशक दीदी’ जैसी इसकी पहल देश भर में महिला लाभार्थियों तक पहुंचने में सक्षम रही है और उन्हें भविष्य के सशक्त भारत की मजबूत नींव रखने के लिए आवश्यक वित्तीय साक्षरता प्रदान करने में मदद मिली है।
आने वाले समय में आईपीपीबी का लक्ष्य डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करके आखिरी छोर तक पहुंच के अंतर को पाटते हुए खुद को एक सार्वभौमिक सेवा मंच में बदलना है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के बारे में
भारत सरकार के स्वामित्व वाली 100 प्रतिशत इक्विटी के साथ संचार। आईपीपीबी को पहली सितंबर, 2018 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था। बैंक की स्थापना भारत में आम आदमी के लिए सबसे सुलभ, किफायती और भरोसेमंद बैंक बनाने के विचार से की गई है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का मूल उद्देश्य उन लोगों के लिए बाधाओं को दूर करना है जिनके पास बैंकिंग सुविधा नहीं है या बैकिंग सुविधा जरूरत से कम है। डाक नेटवर्क का लाभ उठाकर आखिर छोर तक ऐसे लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य है।
आईपीपीबी की पहुंच और इसका ऑपरेटिंग मॉडल इंडिया स्टैक के प्रमुख स्तंभों पर बनाया गया है – सीबी-एकीकृत स्मार्टफोन और बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से ग्राहकों के दरवाजे पर सरल और सुरक्षित तरीके से पेपरलेस, कैशलेस और उपस्थिति-रहित बैंकिंग को सक्षम करना इसमें शामिल है। किफायती इनोवेशन की सहायता से जनता के लिए बैंकिंग को आसान बनाने पर अधिक ध्यान देते हुए आईपीपीबी 13 भाषाओं में उपलब्ध सहज इंटरफेस के माध्यम से सरल और किफायती बैंकिंग समाधान प्रदान करता है।
यह कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत तब समृद्ध होगा जब प्रत्येक नागरिक को आर्थिक रूप से सुरक्षित और सशक्त बनने का समान अवसर मिलेगा। हमारा आदर्श वाक्य- ‘प्रत्येक ग्राहक महत्वपूर्ण है, प्रत्येक लेनदेन महत्वपूर्ण है और प्रत्येक जमा राशि मूल्यवान है’, इस दिशा में सही साबित होता है।
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