नवरात्रि, चैत्र शुक्लादि, उगादि, गुडी पडवा, चेटी चंद, साजिबू चेराओबा और नवरेह का पर्व आज देश भर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कर्नाटक में उगादी का पर्व मनाया जा रहा है। हमारे संवाददाता ने बताया है कि यह उत्सव वसन्त मौसम की शुरूआत का प्रतीक भी है, क्योंकि इसी समय प्रकृति का नया स्वरूप देखने को मिलता है।
कर्नाटका के लिए उगादि नया साल का आगमन है। इस शुभ अवसर पर हम सुबह सूर्योदय से पहले जागकर पारंपरिक तेल मलकर स्नान करते हैं। आम के पत्ते द्वार पर लगाए जाते हैं। फूलों से सजावट की जाती है और रंगा-रंग रंगोली घर और मंदिरों के आगे डाली जाती है। इस अवसर पर घर के बुजुर्ग अपने छोटों को बेवु-बेल्ला यानि नीम के फूल और गुड़ के मिश्रण देकर कहते हैं कि जीवन के कड़वे और मिठास से भरे पलों को एक समान स्वीकारना चाहिए। इसी दिन पंचांग श्रवण भी किया जाता है।
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