केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) द्वारा शुरू की गई एमएसएमई/उद्यम पंजीकरण की नई ऑनलाइन प्रणाली समय और प्रौद्योगिकी की कसौटी पर खरा उतरी है क्योंकि अब तक 50 लाख से अधिक उद्यम इस पर सफलतापूर्वक अपना पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें 47 लाख से अधिक सूक्ष्म संगठन और 2.7 लाख लघु इकाइयां शामिल हैं। 1 जुलाई, 2020 से यह पंजीकरण सुविधा चालू हुई थी।
यह कहा जा सकता है कि एमएसएमई मंत्रालय ने एमएसएमई की परिभाषा और पंजीकरण की प्रक्रिया को दिनांक 1 जुलाई 2015 से बदल दिया था। इसने एमएसएमई/उद्यम पंजीकरण (https://udyamregistration.gov.in) के लिए एक नया पोर्टल भी लॉन्च किया था। तब से पोर्टल सुचारू रूप से काम कर रहा है। यह पोर्टल सीबीडीटी और जीएसटी नेटवर्क के साथ-साथ जीईएम के साथ भी एकीकृत है। यह ध्यान देने योग्य बात है कि इस एकीकरण के माध्यम से अब एमएसएमई पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया कागजरहित हो गई है।
उद्यम जो अभी तक पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें एमएसएमई मंत्रालय और अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा दिए जाने वाले लाभों का फायदा उठाने के लिए अपना पंजीकरण कराना चाहिए। पंजीकरण निःशुल्क है और केवल सरकारी पोर्टल पर ही किया जाना चाहिए। किसी भी सहायता के लिए, उद्यमी मंत्रालय के पास के डीआईसी या चैंपियंस कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं या https://champions.gov.in पर लिख सकते हैं।
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