देशभर में ब्रॉडबैंड के त्वरित आवंटन के लिए अनुमति देने की प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से भारत सरकार के संचार मंत्रालय के तहत आने वाले दूरसंचार विभाग ने राज्यों के दूरसंचार सचिवों और दूरसंचार मुख्यालय तथा उसकी फील्ड इकाईयों के दूरसंचार अधिकारियों की बैठक का आयोजन किया। इस बैठक की अध्यक्षता सचिव, (दूरसंचार) के. राजारमन ने की। इस बैठक में अतिरिक्त सचिव (दूरसंचार) हरिरंजन राव, महानिदेशक (दूरसंचार) निजामुल हक और दूरसंचार विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान के. राजारमन ने इस बात पर जोर दिया कि मार्ग अधिकार प्रदान करने की अनुमति देने में विलंब नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे दूरसंचार सेवाओं की प्रगति में भारी अड़चन आ सकती है। उन्होंने कहा कि किसी राज्य के दूरदराज के इलाकों में ब्रॉडबैंड की उपस्थिति कम होने और उसी राज्य में आरओडब्ल्यू नियमों के असमान होने में सीधा संबंध है। यह समस्या निकट भविष्य में 5जी आवंटन के मामले में और भी विकट रूप ले सकती है।
के. राजारमन ने दूरसंचार विभाग की सभी फील्ड इकाईयों को निर्देश दिए कि वे सभी सेवा प्रदाताओं के साथ हर महीने बैठकें आयोजित करें, ताकि आवेदन अनुमति प्रक्रिया और विचाराधीन मामलों की समीक्षा की जा सके, जिसके साथ ही राज्यों/नगर निकाय अधिकारियों से भी इस संबंध में बातचीत करें। बैठक में राज्य सरकारों के दूरसंचार विभाग के अधिकारियों और अध्यक्षों से भी आग्रह किया गया कि वे अपने राज्य में इस संबंध में आने वाले सभी आवेदनों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करें। राज्य ब्रॉडबैंड समिति से आग्रह किया गया कि वह केंद्रीय आरओडब्ल्यू नियम-2016 के अनुरूप ही अपने यहां के नियम बनाना सुनिश्चित करें।
दूरसंचार विभाग ने व्यवसाय की सहजता और देश के नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों तक ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाओं को पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय डिजिटल दूरसंचार नीति (एनडीसीपी) जैसी नई नीतियां बनाने और राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन को लागू करने जैसी विभिन्न पहलें की हैं। उम्मीद है कि इन पहलों से देश को डिजिटल क्रांति के अगले चरण में ले जाने और इसके जरिए सभी नागरिकों की भागीदारी से एक वास्तविक डिजिटल समाज बनाने का सपना साकार होगा। राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन का लक्ष्य “सभी के लिए ब्रॉडबैंड” की परिकल्पना के साथ-साथ एनडीसीपी-2018, डिजिटल इंडिया कार्यक्रम और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
देशभर में ब्रॉडबैंड सेवाओं के त्वरित प्रसार के लिए जरूरी है कि दूरसंचार और अवसंरचना कंपनियां ऑप्टिकल फाइबर केबल का जाल बिछाएं और नए टावर खड़े करें। यह तभी संभव होगा, जब राज्य सरकारें और स्थानीय निकाय मार्ग अधिकार (आरओडब्ल्यू) के आवेदनों का शीघ्र अति शीघ्र निपटारा करें।
इसी के अनुरूप देशभर में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के महत्व को रेखांकित करते हुए दूरसंचार विभाग ने सीओएआई, डीआईपीए इत्यादि की भागीदारी में इस तरह के आवेदनों को अनुमति प्रदान किए जाने की स्थिति की समीक्षा करने का फैसला किया है और राज्य सरकारों से आग्रह किया है कि वे मार्ग अधिकार के लिए किए जाने वाले आवेदनों के अनुमोदन की प्रक्रिया को इंडियन टेलीग्राम राइट ऑफ वे रूल्स-2016 के प्रावधानों के अनुरूप बनाने के काम में तेजी लाएं।
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