केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज जापान के नागासाकी में वैश्विक स्वास्थ्य संरचना पर जी7 स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित किया। इस बैठक का आयोजन वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों और भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए तैयारी, रोकथाम और प्रतिक्रिया को सुनिश्चित करने के साधनों पर चर्चा करने के लिए किया गया था। बैठक में जी7 देशों के स्वास्थ्य मंत्री और “आउटरीच 4” देशों- भारत, इंडोनेशिया, वियतनाम और थाईलैंड को आमंत्रित किया गया था।
इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए, डॉ. मांडविया ने कहा कि जब किसी स्वास्थ्य आपात स्थिति के प्रबंधन की बात आती है, तो किसी भी देश की राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली पर बहुत अधिक निर्भर होती है। उन्होंने उल्लेख किया कि कोविड-19 महामारी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की केंद्रीयता को बनाए रखने की आवश्यकता के साथ-साथ अधिक मजबूत, समावेशी और उत्तरदायी वैश्विक स्वास्थ्य संरचना की आवश्यकता पर बल देते हुए मौजूदा वैश्विक स्वास्थ्य संरचना की कमियों को उजागर किया है।
डॉ. मांडविया ने दुनिया के सामने आने वाली चुनौतियों को दूर करने के लिए अधूरे और संकुचित प्रयासों के प्रति आगाह करते हुए स्वास्थ्य समानता को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देने सहित वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोगी प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जहां कई वैश्विक प्रयास जारी हैं, वहीं इन वर्तमान में जारी पहलों के अभिसरण को सुनिश्चित करने की भी आवश्यकता है। इस मामले में उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि जी20 के लिए भारत की अध्यक्षता और जी7 के लिए जापान की अध्यक्षता के तहत स्वास्थ्य एजेंडा पूरी तरह से संरेखित हैं, जिन्होंने सामूहिक रूप से स्वास्थ्य आपातकालीन तैयारी, चिकित्सा प्रतिउपायों तक पहुंच और डिजिटल स्वास्थ्य को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज एवं नवाचार को हासिल करने के लिए प्राथमिकता दी है।
डॉ. मांडविया ने महामारी से उत्पन्न कई चुनौतियों के बीच देखभाल की निरंतरता सुनिश्चित करने में डिजिटल समाधान और प्रौद्योगिकी के उपयोग की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा वितरण का समर्थन करने के लिए डिजिटल सार्वजनिक वस्तुओं के प्रचार के माध्यम से डिजिटल अंतर को दूर करते हुए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि प्रौद्योगिकी के लाभ सभी के लिए उपलब्ध हों और इनसे स्वास्थ्य प्रतिक्रिया क्षमताओं में सहायता और वृद्धि की जा सके।
भारत की जी20 अध्यक्षता पर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए वैश्विक प्रयासों को एकजुट करने के लिए आम सहमति बनाने और किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति के दौरान सभी देशों के लिए चिकित्सा प्रतिउपायों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी गई है, जिसमें किफायती और न्यायसंगत उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम का शुभारंभ दिसंबर 2020 में किया गया था, लेकिन 2 वर्ष से अधिक समय के बाद भी, निम्न और मध्यम आय वाले देशों में से केवल 34 प्रतिशत आबादी का अप्रैल 2023 तक कोविड-19 टीकाकरण किया गया जबकि उच्च आय वाले देशों में यह 73 प्रतिशत है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा उपायों तक पहुंच में वैश्विक असमानता के इस उच्च स्तर पर अपनी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी द्वारा प्रतिपादित भारत की जी20 अध्यक्षता “वसुधैव कुटुम्बकम” अर्थात एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य विषय जैसे भारतीय दर्शन पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि पूरी दुनिया एक परिवार है। यह भावना हमें सामूहिक रूप से और समावेशी दृष्टिकोण के माध्यम से काम करने के लिए प्रेरित करती है।
भारत में पुराने सोने के गहनों को नए डिजाइन में बदलवाना आम बात है, लेकिन… Read More
मध्य प्रदेश के बुरहानपुक जिले के अंसार नगर निवासी अब्दुल वाहिद युवाओं के लिए मिसाल… Read More
Anu Meena Suicide Case: जयपुर के चर्चित अनु मीणा सुसाइड केस में हर दिन नए… Read More
राजधानी दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आज क्वाड देशों (QUAD Meet) के विदेश मंत्रियों की… Read More
Karnataka Politics: कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें एक बार फिर तेज हो… Read More
अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते भारतीय रुपए पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment