राष्ट्र निर्माण में माई भारत मंच युवाओं की आशाओं, आकांक्षाओं और योगदान का माध्यम है। यह बात केंद्रीय युवा मामले एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज छत्तीसगढ़ के जशपुर में आयोजित ‘भगवान बिरसा मुंडा माटी के वीर’ पदयात्रा के दौरान कही। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित राज्य के अन्य मंत्री भी मौजूद थे।
‘भगवान बिरसा मुंडा माटी के वीर पदयात्रा ‘ के उद्घाटन के दौरान , आदिवासी समुदायों के कई एथलीटों को सम्मानित किया गया, जिनमें राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी आकांक्षा रानी, ताइक्वांडो एथलीट प्रतीक बाड़ा और पर्वतारोही नैना धक्कड़ शामिल थे।
इस अभूतपूर्व कार्यक्रम के आयोजन में उत्कृष्ट पहल के लिए माई भारत स्वयंसेवकों और छत्तीसगढ़ के युवाओं की प्रशंसा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाने के लिए 150 कॉलेजों के 10,000 से अधिक युवा स्वयंसेवकों द्वारा ‘माटी के वीर पदयात्रा’ का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम पूरी तरह से युवाओं द्वारा संचालित है।”
डॉ. मंडाविया ने बताया कि माई भारत पोर्टल पर 1.5 करोड़ से ज़्यादा युवाओं ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि माई भारत का लक्ष्य युवाओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाना है, जिससे वे अपनी आकांक्षाओं को पूरा करके विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सकें, चाहे वह खेल, कला या संस्कृति के क्षेत्र में हो। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम को ध्यान में रखने और विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए राष्ट्र निर्माण के प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।
भगवान बिरसा मुंडा से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने निस्वार्थ सेवा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। सेवा हमारे राष्ट्र का मौलिक मूल्य है। उन्होंने एकता और प्रगति को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका को रेखांकित किया।
केंद्रीय मंत्री ने युवाओं से आयुष्मान लाभार्थियों, विशेषकर 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए विशेष शिविर आयोजित करने तथा बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए पेंशन वितरण में सहायता करने का आह्वान किया।
केंद्रीय मंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा में, छत्तीसगढ़ के जशपुर में एक अत्याधुनिक खेल स्टेडियम की स्थापना की घोषणा की, जिसे स्थानीय युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह भारत को 2036 ओलंपिक में पदक हासिल करने में सहायता करेगा।
पदयात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री का कई स्थानों पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जहाँ उनका स्वागत विभिन्न आदिवासी परंपराओं के अनुसार किया गया। उन्होंने पारंपरिक आदिवासी खेलों को देखा, अनोखे आदिवासी व्यंजनों का स्वाद चखा और आदिवासी समुदाय की समृद्ध विरासत में खुद को पूरी तरह से डुबोते हुए विविध आदिवासी कला रूपों की सराहना की।
भगवान बिरसा मुंडा ‘माटी के वीर’ पदयात्रा पुराना नगर मैदान से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए रणजीता स्टेडियम में संपन्न हुई। भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी और भगवान बिरसा की वेशभूषा में सजे युवा प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया।
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