जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) की गुरुग्राम क्षेत्रीय इकाई (जीजेडयू) ने दो अलग-अलग मामलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई फर्जी फर्म चलाने के आरोप में जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
दिल्ली के दो व्यक्तियों को 5 और 9 अक्टूबर, 2021 को 20 से अधिक फर्जी फर्मों के फर्जी बिलों का रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन व्यक्तियों ने 22 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करके इनपुट टैक्स क्रेडिट लेकर राजकोष को धोखा दिया था। इन दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार करके चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था। बाद में उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
फर्जी बिलिंग के एक अन्य मामले में पटौदी, हरियाणा निवासी एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से सरकारी विभागों की फर्जी स्टांप, कई फर्जी फर्मों की चेक बुक और एटीएम कार्ड, टोल रसीद बुक, ‘‘धर्मकांटा’’ या वजन तोलने वाले स्टेशन की बुकलेट, फर्जी ट्रांसपोर्टर बुकलेट जैसे आपत्तिजनक दस्तावेज भारी मात्रा में बरामद किए गए थे। इनका उपयोग माल की झूठी आपूर्ति का सबूत दिखाने के लिए किया जा रहा था, जिन पर नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट बनाया गया और फर्जी फर्मों के माध्यम से पास कराया गया था।
इन सबूतों के आधार पर इस व्यक्ति को सरकार के साथ 26 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी धोखाधड़ी करने के आरोप में जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत 23 अक्टूबर, 2021 को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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