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ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने नागर विमानन मंत्रालय और CII द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित अंतर्राष्ट्रीय एयरोस्पेस सम्मेलन का उद्घाटन किया

केंद्रीय नागर विमानन और इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज ‘अंतर्राष्ट्रीय एयरोस्पेस सम्मेलन: समावेशी वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं की ओर बढ़ते कदम’ का उद्घाटन किया। इसका आयोजन संयुक्त रूप से नागर विमानन मंत्रालय और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा 1 और 2 सितंबर 2023 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में किया जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय एयरोस्पेस सम्मेलन जी20 और बी20 प्राथमिकता के तहत एयरोस्पेस क्षेत्र में एक जी20 पहल है, जो वैश्विक व्यापार और निवेश के लिए समावेशी वैश्विक मूल्य श्रृंखला विकसित करने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य जी20 देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना और मजबूत करना है।

अपने उद्घाटन भाषण में, ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि अब समय आ गया है कि वैश्विक एयरोस्पेस उद्योग के दिग्गज खुद भारत में काम करें। उन्होंने इसके कई कारण भी बताए:

ए) बुनियादी ढांचे का विकास: नौ साल पहले भारतीय नागर विमानन क्षेत्र में केवल 74 हवाई अड्डे थे, जबकि अब यह हेलीपोर्ट और जल हवाई अड्डों सहित 148 हवाई अड्डों तक पहुंच गया है। साथ ही, सरकार आने वाले तीन से पांच वर्षों में इस संख्या को दो सौ से ऊपर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है;

बी) विमानों की उपलब्धता: पहले 2014 में 400 विमान थे, अब यह संख्या लगभग 700 तक पहुंच गई है और लगभग 1000 और विमान खरीद की प्रक्रिया में हैं;

सी) इकोसिस्टम का विकास: एयर इंडिया के विनिवेश से देश में नागर विमानन उद्योग में बदलाव आया है। यह बदलाव केवल यात्रियों अथवा केवल हवाई अड्डों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एमआरओ और विनिर्माण क्षेत्र के साथ-साथ कार्गो के लिए भी लागू है। एयर इंडिया और इंडिगो द्वारा दिए गए विमानों के भारी ऑर्डर और आकाश एयर जैसे नए भागीदारों का उदय भारतीय नागर विमानन उद्योग में हो रहे बदलावों का एक और उदाहरण है;

डी) क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर जोर: उड़ान ने देश में 4 नई क्षेत्रीय एयरलाइनों को जन्म दिया है। हम दशकों से जिस हब और कनेक्टिविटी नेटवर्क की बात कर रहे हैं, वह आज भारत में एक वास्तविकता है।

ग्वालियर शहर में विमानन अवसंरचना के बारे में श्री सिंधिया ने आश्वासन दिया कि ग्वालियर हवाई अड्डे के नए एकीकृत घरेलू टर्मिनल का विकास पंद्रह महीने के सबसे कम रिकॉर्ड समय के भीतर पूरा किया जाएगा। उन्होंने भारत में एयरोस्पेस विनिर्माण के समग्र विकास के लिए सरकार से अधिक और लगातार समर्थन का भी आश्वासन दिया।

गणमान्य व्यक्तियों के साथ बातचीत के दौरान, नागर विमानन मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, हम वृद्धिशील होने के बजाय अपने दृष्टिकोण में ऐतिहासिक होने में विश्वास करते हैं और यह नागर विमानन क्षेत्र के लिए भी सच है, जहां ड्रोन नीति और उत्पादन को उदार बनाया गया है। ड्रोन और उसके घटकों के लिए लिंक्ड प्रोत्साहन योजना, डिजीयात्रा का कार्यान्वयन, नए एमआरओ दिशानिर्देश और अंतिम मील कनेक्टिविटी के लिए हेलीकॉप्टर- ने इस क्षेत्र को अपने ग्राहकों के लिए और अधिक सुलभ बना दिया है।

सम्मेलन में, दिग्गजों के पैनल वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से संबंधित कई मुद्दों और उन्हें सर्व-समावेशी बनाने के तरीके पर चर्चा करेंगे। सम्मेलन में निम्नलिखित मुद्दों पर पांच सत्र शामिल हैं:

डिजाइन और मजबूत एयरोस्पेस विनिर्माण में वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं का निर्माण: एमएसएमई का महत्व

एकीकृत वैश्विक एमआरओ सेवाएं

एविएशन में महिलाएं: फायरसाइड चैट

एयरोस्पेस और विमानन क्षेत्र में उन्नत प्रौद्योगिकियां: कौशल में बदलाव

एयरोस्पेस विनिर्माण में नई ऊंचाइयों तक पहुंच

पिछले कुछ दशकों में, वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारी वृद्धि हुई है, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बदल दिया है। इन वर्षों में, जीवीसी ने विकास के इंजन के रूप में काम किया है और आर्थिक विकास, तकनीकी नवाचार और रोजगार सृजन को प्रेरित किया है। यह आयोजन वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला द्वारा पेश की जाने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए भारत को तैयार करने में और योगदान देगा।

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