Categories: News-Headlines

जनजातीय युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रायोगिक परियोजना आज से मध्य प्रदेश के भोपाल में शुरू

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत संकल्प की शुरुआत ग्रामीण युवाओं के सशक्तिकरण से होती है। आत्मनिर्भर भारत का रास्ता देश के आत्मनिर्भर गांवों से होकर गुजरता है। भोपाल के सेंटर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉर्मेंस- सीआरआईएसपी में जनजातीय युवाओं के कौशल विकास के उद्देश्य से प्रायोगिक परियोजना के शुभारंभ अवसर पर आज कौशल विकास एवं उद्यमिता, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि आदिवासी युवाओं को कुशल बनाने के लिए ग्रामीण जनजातीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होना इस दिशा में एक छोटा सा कदम है।

इस प्रायोगिक परियोजना में भारत के 6 राज्यों – मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र तथा ओडिशा से चुने गए 17 जिलों के 17 समूहों के लगभग 250 लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण की योजना बनाई गई है और इसका आयोजन विकास भारती, गुमला व झारखंड में किया जाएगा।

लाभार्थियों को 5 विषयों- विद्युत और सौर ऊर्जा, कृषि मशीनीकरण, ई-गवर्नेंस, नलसाजी और चिनाई, दोपहिया मरम्मत तथा रखरखाव में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण युवाओं को अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने में सक्षम बनाएगा, जिससे अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कोविड के बाद – नई विश्व व्यवस्था में कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोविड महामारी ने इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल उत्पादों की पारंपरिक आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान उत्पन्न किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया अब एक भरोसेमंद साथी की तलाश में है। राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि वर्तमान में दुनिया अब भारत की ओर देख रही है, इसलिए हमें अपने युवाओं को वैश्विक कौशल केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए उन्हें हुनरमंद बनाने की आवश्यकता है।

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के ग्रामीण जनजातीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम (ग्रामीण उद्यमी परियोजना) का शुभारंभ करते हुए राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार ग्रामीण युवाओं को अधिक अवसर प्रदान करने तथा स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कौशल को एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में प्राथमिकता दे रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय पहले ही आईटीआई, जेएसएस, पीएमकेके, पीएमकेवीवाई तथा अप्रेंटिसशिप का एक व्यापक नेटवर्क तैयार कर चुका है और इसके द्वारा संचालित किए जा रहे 4500 से अधिक कौशल कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं के जीवन को बदला जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में 50 आदिवासी जिलों में 50,000 से लेकर एक लाख छात्रों को अनेक कौशल के साथ व्यापक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Leave a Comment

Recent Posts

कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपने बयानों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण चर्चा के केंद्र में हैं।

शशि थरूर फिर चर्चा में, बयान और राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजर कांग्रेस के वरिष्ठ… Read More

2 minutes ago

RUHS CUET 2026 के नतीजे घोषित, उम्मीदवार अब स्कोरकार्ड और मेरिट लिस्ट देखकर एडमिशन प्रक्रिया की तैयारी कर सकते हैं।

RUHS CUET 2026 Result जारी, उम्मीदवारों का इंतजार खत्म राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS)… Read More

11 minutes ago

अन्नामलाई BJP छोड़ेंगे? नई पार्टी बनाने की अटकलों के बीच दिल्ली पहुंचे पूर्व तमिलनाडु BJP प्रमुख

अन्नामलाई BJP छोड़ेंगे? नई पार्टी बनाने की अटकलों के बीच दिल्ली पहुंचे पूर्व तमिलनाडु BJP… Read More

5 hours ago

This website uses cookies.