चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर कदम रखने के साथ भारत ने नया इतिहास रचा दिया है। ये उपलब्धि हासिल करने वाला भारत पहला देश हो गया है। इस महत्वपूर्ण सफलता ने भारत के लिए अंतरिक्ष के नए द्वार खोल दिए हैं।
इस सफलता के बाद चारों ओर खुशी का माहौल था। इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने सभी के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह असफलता से सीखा गया सबक था और आज वे सफल हुए। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय इसरो के वैज्ञानिक पीढि़यों दिया।
उन्होंने कहा कि वे चंद्रयान-3 के लैंडर और रोवर के चंद्रमा की सतह पर उतरने के लिए अगले 14 दिनों का इंतजार कर रहे हैं। श्री सोमनाथ ने बताया कि लैंडर से मिले डेटा की समीक्षा के बाद रोवर प्रज्ञान नीचे उतरेगा।
इस बीच, चंद्रयान-3 ने चंद्रमा से पहले संदेश में कहा कि भारत मैं अपने गंतव्य पर पहुंच गया और आप भी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कई नेताओं ने वैज्ञानिकों को बधाई दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि चन्द्रयान-3 की सफलता पूरी मानवता के लिए है और भारत ने अपने पारंपरिक उच्च ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोडकर ये सफलता हासिल की है।
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