केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने आज नई दिल्ली में पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआर एंड डी)द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन किया। कार्यक्रम में गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) वी. एस. के. कौमुदी और बीपीआर एंड डी के महानिदेशक बालाजी श्रीवास्तव समेत गृह मंत्रालय और पुलिस के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
अपने सम्बोधन में गृह राज्य मंत्री ने कहा कि बीपीआर एंड डी हमारे पुलिस बलों के समक्ष उभरती चुनौतियों का सामना करने के लिए उनकी क्षमता निर्माण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। नित्यानंद राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने वर्ष 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए 26,275 करोड़ रुपये के कुल केंद्रीय वित्तीय परिव्यय के साथ पुलिस बलों के आधुनिकीकरण की अम्ब्रेला योजना को जारी रखने की मंजूरी दी है। इससे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी की राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बलों के आधुनिकीकरण और कामकाज में सुधार की पहल को जारी रखने की मंजूरी मिली है। उन्होने कहा कि इससे कानून व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, पुलिस को आधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने, मादक पदार्थों पर नियंत्रण करने और देश में एक मजबूत फोरेंसिक व्यवस्था विकसित करके आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
नित्यानंद राय ने कहा कि बीपीआर एंड डी, गृह मंत्रालय का एक महत्वपूर्ण संगठन और भारतीय पुलिस बलों की अनिवार्य आवश्यकता है। ब्यूरो ने हाल ही में पुलिसिंग में सर्वोत्तम प्रथाओं और मानकों को बढ़ावा देने हेतु राष्ट्र के लिए अपनी प्रतिबद्ध सेवाओं के 51 वर्ष पूरे किए हैं। ब्यूरो पुलिस बलों के लिए अपराधों की रोकथाम और अन्वेषण के लिए नई विधियों और प्रौद्योगिकी के संबंध में ज्ञान सामग्री उपलब्ध करवाने और प्रभावी एवं शीघ्रता से निर्णय लेने में पुलिस संगठनों की सहायता करने के लिए सदैव तत्पर है और इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
गृह राज्य मंत्री ने कहा कि बीपीआर एंड डी के महानिदेशक ने आज जारी की गई सभी छह पुस्तकों के बारे में जानकारी दी है। यह मानकों और सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐसा महत्वपूर्ण कार्य है जिसके अभाव में कोई भी संगठन दुनिया की चुनौतियों का सामना नहीं कर सकता है। आज विमोचित छह में से तीन पुस्तकें केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, भोपाल द्वारा प्रकाशित की जा रही हैं, जो हमारी प्रशिक्षण अकादमियों में हमारे विश्वास और निष्ठा को स्पष्ट रूप से मजबूत करती है। यह अकादमी विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की क्षमता निर्माण करने में उल्लेखनीय काम कर रहा है।
नित्यानंद राय ने कहा कि साइबर अपराधों के बारे में जनता में जागरूकता लाना पुलिस बलों के लिए अनिवार्य है, लेकिन इससे पहले हमारे बलों को जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है जिससे वे साइबर अपराधों की जांच में सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभा सकें। नित्यानंद राय ने विश्वास व्यक्त किया कि “साइबर अपराध से परिचय” पुस्तक का हिंदी में प्रकाशन, उभरते साइबर अपराधों के बारे में जानकारी प्रदान करने और ज्ञान के प्रचार -प्रसार में अपने उद्देश्य की पूर्ति करेगा। ब्यूरो ने उपकरणों का एक संग्रह भी प्रकाशित किया है जो उपकरण प्रबंधन के लिए पुलिस बलों के लिए एक रेडी रेकनर की आवश्यकता को पूरा करेगा। गृह राज्य मंत्री ने इन अत्यंत महत्पूर्ण एवं प्रासंगिक प्रकाशनों के लिए ब्यूरो के महानिदेशक और सभी कर्मियों को शुभकामनाएं दीं।
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