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गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा ने आज नई दिल्ली में सीआईएसओ/सीआरओ/मध्यस्थों के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ किया

गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा ने आज नई दिल्ली में सीआईएसओ/सीआरओ/मध्यस्थों के राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। अजय कुमार मिश्रा ने अपने उद्घाटन भाषण में साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा से संबंधित चुनौतियों से निपटने के लिए एलईए के क्षमता निर्माण के क्षेत्र में राष्ट्रीय साइबर अपराध अनुसंधान और नवाचार केंद्र (एनसीआरएंडआईसी) और बीपीआरएंडडी के आधुनिकीकरण प्रभाग द्वारा निभाई जा रही सक्रिय भूमिका की सराहना की। उन्होंने आगे कहा कि साइबर अपराध की जांच और रोकथाम एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। एक ओर साइबर स्पेस ने मानव जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है, वहीँ इसने साइबर प्रौद्योगिकियों पर हमारी निर्भरता को बढ़ाया है और इसके परिणामस्वरूप इसने हमारे सामने सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी खड़ी की हैं। उन्होंने इस तथ्य पर जोर दिया कि चूंकि साइबर स्पेस सीमा विहीन है, इसलिए हमें साइबर अपराध से लड़ने के लिए वैश्विक स्तर के मानकों के अनुरूप तैयारियों की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में, हम सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम में संशोधन करके साइबर अपराधों से लड़ने के लिए एक नया और मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं।

बीपीआर एंड डी के डीजी बालाजी श्रीवास्तव ने अपने स्वागत संबोधन में एनसीआर एंड आईसी और बीपीआरएंडडी के आधुनिकीकरण प्रभाग द्वारा साइबर अपराध जांच, डिजिटल फोरेंसिक और साइबर अपराध की रोकथाम के सन्दर्भ में एलईए की क्षमता निर्माण के लिए किये जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आधुनिकीकरण प्रभाग और एनसीआर एंड आईसी अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी में अनुसंधान और विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दे रहा है, ताकि साइबर अपराधों की रोकथाम और जांच के लिए एलईए के उपयोग हेतु अनुसंधान आधारित उपकरण विकसित किये जा सकें। उन्होंने एलईए के लिए एनसीआर एंड आईसी द्वारा आयोजित “कैप्चर द एविडेंस” (साक्ष्य संग्रह) प्रतियोगिता के बारे में भी बताया। गृह राज्य मंत्री ने उद्घाटन सत्र में प्रतियोगिता के शीर्ष तीन विजेताओं को सम्मानित किया।

गृह मंत्रालय (एमएचए) देश के लिए एक सुरक्षित साइबर स्पेस सुनिश्चित करने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। एमएचए द्वारा 2018 में स्थापित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा चुनौतियों से लड़ने के विशेष उद्देश्य के लिए बनी एक इकाई है। 2019 में लॉन्च किया गया साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, आई4सी की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। यह पोर्टल नागरिक केंद्रित अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल है। आई4सी द्वारा शुरू की गई राष्ट्रीय हेल्पलाइन, 155260 आम नागरिक को वित्तीय धोखाधड़ी दर्ज करने में मदद कर रही है।

गृह मंत्रालय और बीपीआर एंड डी के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उद्घाटन सत्र में भाग लिया।

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