नई दिल्ली:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से सहारा समूह की सहकारी समितियों के जमाकर्ताओं को उनकी दावा राशि हस्तांतरित की। इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि अगर सहकारिता आंदोलन को मजबूत करना है तो सहकारिता के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि कभी-कभी कुछ ऐसी घटनाएं होती हैं जिससे लोगों का विश्वास डगमगा जाता है। लोगों की जमा राशि को सुरक्षित करना और वापस दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार सहारा की चार सहकारी समितियों में जमा लोगों का पैसा उन्हें वापस दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जब सहकारिता मंत्रालय का गठन हुआ था तब उसके सामने कई चुनौतियां थीं। अमित शाह ने कहा कि सरकार प्राथमिक और राष्ट्रीय स्तर पर सहकारी समितियों के ढांचे को मजबूत करने, कृषि से लेकर मछुआरों से जुड़ी सभी सहकारी समितियों का समय पर गठन और पहले से बनी समितियों में बदलाव लाने और उनमें विश्वास बहाल करने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सहारा की चार सहकारी समितियों में करोड़ों लोगों की जमा पूंजी लगभग डूब चुकी थी। सरकार ने इसे बचाने का प्रयास किया है। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि देश के हर गरीब व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह लोगों का अधिकार भी है कि उन्होंने जो पैसा निवेश किया है वह उन्हें वापस मिले। सहकारिता मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों को सभी सुविधाएं मुहैया कराने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सहारा सोसायटी में निवेशकों का डूबा पैसा वापस दिलाने में सहकारिता मंत्रालय को बड़ी सफलता मिली है। अमित शाह ने कहा कि आज निवेशकों को उनके बैंक खाते में 10-10 हजार रुपये ट्रांसफर किये गये हैं। आने वाले समय में सरकार निवेशकों की पूरी जमा राशि लौटाने में सफल रहेगी।
अमित शाह ने 18 जुलाई को नई दिल्ली में सहकारी समितियों के केंद्रीय पंजीयक (CRCS)- सहारा रिफंड पोर्टल https://mocrefund.crcs.gov.in का शुभारंभ किया था। सहारा ग्रुप की सहकारी समितियों के प्रमाणिक जमाकर्ताओं को CRCS–सहारा रिफंड पोर्टल पर दावे प्रस्तुत करने में कॉमन सर्विस सेंटर (CSCs) भी सहायता करेंगे।
देश भर में फैले हुए 5.5 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर द्वारा 300 से अधिक ई-सर्विसेज उपलब्ध कराई जा रही हैं । इन CSCs में इंटरनेट कनेक्टिविटी, कम्प्यूटर, प्रिंटर और स्कैनर जैसी सभी सुविधाएं मौजूद हैं। प्रमाणिक जमाकर्ताओं द्वारा CRCS–सहारा रिफंड पोर्टल पर अपने दावे प्रस्तुत करने के लिए आवेदन भरने हेतु निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर से सहायता ली जा सकती है।
CSC-SPV ने अपने सभी ग्राम स्तर के उद्यमियों (VLEs) को सहारा के प्रमाणिक जमाकर्ताओं की मदद करने के लिए सूचित किया है और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से प्रमाणिक जमाकर्ताओं को दावे प्रस्तुत करने में सुविधा हो, इसके लिए अपने सिस्टम को सक्षम बनाया है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने और इस क्षेत्र के लिए… Read More
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 55,200 से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी है,… Read More
एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड (NLDSL) और महाराष्ट्र सरकार ने एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म का… Read More
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संविधान में परिसीमन के प्रावधान किए गए हैं… Read More
पर्यावरण स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कांकरिया कोचिंग डिपो एक वॉटर… Read More
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि संसद में इस समय नारी शक्ति वंदन अधिनियम में… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment