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गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में क़रीब 362 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संसदीय क्षेत्र गांधीनगर में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया। अमित शाह ने अहमदाबाद के थलतेज में रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण भी किया। इससे पहले आज सुबह केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने अहमदाबाद में उमिया माता मन्दिर का शिलान्यास किया। इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए अमित शाह ने कहा कि गुजरात सरकार कोरोना कालखंड के दौरान कार्यरत रही और उसने विकास कार्यों की गति को रूकने नहीं दिया। इसका सबसे बड़ा उदाहरण आज हुए विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास है। उन्होंने कहा कि इन सभी विकास कार्यों की प्रक्रिया कोरोना कालखंड के दो वर्ष में ही शुरू हुई और इसने सिद्ध कर दिया है कि कोरोना महामारी गुजरात, अहमदाबाद और गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के विकास को रोक नहीं सकी। अमित शाह ने कहा कि क़रीब 362 करोड़ रुपये विकास कार्यों का आज यहाँ मुख्यमंत्री की उपस्थिति में लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। उन्होंने कहा कि गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में विकास की प्रक्रिया अहर्निश जारी रही और इसके परिणाम स्वरूप गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र एक विकसित क्षेत्र बन गया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि विश्वभर में यह चर्चा थी कि कोरोना ने विकास को रोक दिया है लेकिन गुजरात सरकार ने यह साबित कर दिया कि कोरोना राज्य के विकास को रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने राज्य में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में विकास के लक्ष्य तय किए थे। साथ ही वन विभाग, पहाडी क्षेत्र और समुद्री तट के क्षेत्रों के लिए भी लक्ष्यांक लक्ष्य तय किए थे। आज भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार इस दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रही है और इस पर गुजरात की जनता के साथ ही राज्य के नागरिक के रूप में मुझे भी बहुत ही आनंद है। अमित शाह ने कहा कि हम सबका यह लक्ष्य होना चाहिए कि गांधीनगर हरा-भरा, स्वच्छ और विकसित क्षेत्र बने। मैं एक बार फिर यह कहना चाहता हूँ कि यहाँ का संसद सदस्य होने के नाते गांधीनगर को देश के सबसे विकसित लोकसभा क्षेत्रों में शामिल करने में कोई कसर बाक़ी नहीं छोड़ूँगा। उन्होंने कहा कि म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन, अहमदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण(AUDA) और गुजरात सरकार तीनों गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के विकास में पूरा सहयोग कर रहे हैं और मैं इन सबके प्रति ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ।

अमित शाह ने कहा कि मैं सभी भाई-बहनों का हृदय से खूब खूब अभिनंदन करता हूँ क्योंकि हमारे लोकसभा क्षेत्र में वॅक्सिनेशन का कार्य 100 प्रतिशत संपन्न किया है। कुछ लोग अगर रह गए हैं, तो मैं सभी से अनुरोध करता हूं, कि आपकी सोसायटी, गांव और मोहल्ले में अगर किसी की भी दूसरी डॉज़ बाकी हो, तो जागरुकता के साथ तात्कालिक उसे दूसरी डॉज़ दिलाने के लिये ले जाएं, गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र को कोरोना से सुरक्षित बनाएं। उन्होने कहा कि कोरोना बार बार अपना स्वरूप बदल रहा है और इससे सुरक्षा का एक मात्र सुदर्शन चक्र शत प्रतिशत टीकाकरण है। अमित शाह ने कहा कि इसके लिए कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना बहुत ज़रूरी है। पहली डोज तो लगभग पूरी हो गई है लेकिन दूसरी डोज लेने में थोड़ा आलस दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि मैं गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र और पूरी गुजरात के लोगों से यह विनम्र अपील करता हूँ कि वे जल्दी से जल्दी कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेकर स्वयं को, गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र को और पूरे गुजरात को सुरक्षित बनायें। अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार कोरोना वैक्सीन लगाने का काम बहुत बढ़िया तरीक़े से कर रही है लेकिन यह कार्य शत प्रतिशत तभी पूरा होगा जब सभी नागरिक पूरी जागरूकता के साथ टीकाकरण केन्द्रों पर जाएँ और दूसरी डोज लगवाएँ।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कोरोना कालखंड में दुनिया भर के अर्थव्यवस्थाओं में भारी मंदी आयी। कई देशों में भुखमरी आई, टीकाकरण का काम चालू नहीं हुआ और विकसित देशों में भी 40 प्रतिशत से ज़्यादा टीकाकरण नहीं हुआ। मैं देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का ह्रदय से अभिनंदन करना चाहता हूँ कि उन्होंने इन सभी बातों से भारत को सुरक्षित रखा। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने 80 करोड़ लोगों को दो साल तक प्रतिव्यक्ति पाँच किलो अनाज निःशुल्क देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं होगा जहाँ इस प्रकार की व्यवस्था की गई हो कि दो साल तक ग़रीब के घर में चूल्हा जलता रहे। मोदी सरकार ने ग़रीबों के घर निःशुल्क अनाज पहुँचाकर उनकी भूख मिटाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत बड़ा निर्णय है और इस पर हज़ारों करोड़ रूपये खर्च हुए हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत के हर गरीब के घर अनाज पहुँचाने का काम किया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि दुनियाभर के देशों में मंदी है लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था कोरोना से पहले के स्तर को पार कर गई है।उन्होंने कहा कि उत्पादन की गति बढ़ी है और रोज़गार पिछले स्तर पर आ रहा है और धीरे-धीरे हम कोरोना से पहले के स्तर पर पहुँच गए हैं। अमित शाह ने कहा कि पिछले माह क़रीब एक लाख तीस हज़ार करोड़ रूपये का जीएसटी कलेक्शन हुआ है जो यह बताता है कि व्यापार में कितनी बढ़ोतरी हुई है। बिजली का उपयोग भी कोरोना पूर्व से भी बढ़ गया है। अमित शाह ने कहा कि देश के एक सौ तीस करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने का काम बहुत बड़ा है। उन्होंने कहा कि बहुत सारे देशों में कोरोना वैक्सीन का प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था नहीं है लेकिन भारत सरकार ने मोदी जी के नेतृत्व में कोविन एप के द्वारा यह व्यवस्था की है कि पहली और दूसरी डोज लेने के बाद कुछ ही देर में लोगों के मोबाइल पर प्रमाणपत्र आ जाता है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के अनेक देशों ने अपने टीकाकरण के लिए भारत से कोविन एप का उपयोग करने की माँग की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिना किसी झिझक के विश्वभर के देशों को निःशुल्क कोविन एप सहायता उपलब्ध कराई। यह दर्शाता है कि अगर एक दूरदर्शी नेता देश का नेतृत्व करता है तो गंभीर से गंभीर संकट को पार किया जा सकता है।

अमित शाह ने कहा कि कोरोना कालखंड में प्रधानमंत्री ने परिश्रम की पराकाष्ठा को पार कर दिया। कोरोना के समय बहुत सारे लोगों का परिश्रम थोड़ा घटा लेकिन नरेन्द्र मोदी जी का परिश्रम कई गुना बढ़ गया। चाहे ऑक्सीजन संकट हो या टीके पर शोध हो, चाहे अस्पतालों में बेड बढ़ाने हो या ऑक्सीजन वाले बेड बढ़ाने हों या फिर अस्थायी अस्पतालों का निर्माण करना हो, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पहले केवल एक लेबोरेटरी थी आज हर ज़िले में लेबोरेटरी हैं। पहले न मास्क बनते थे और न ही पीपीई किट और आज हम मास्क, पीपीई किट और वैक्सीन निर्यात कर रहे हैं। देश के अर्थतंत्र को मज़बूत बनाने के लिए पूरे मंथन के उपरांत एक के बाद एक लगातार नीतियों का सृजन किया है। जो नीतियाँ अवरोधक थीं और जिनकी वजह से देश में उद्योग नहीं आ पा रहे थे, जो मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में बाधा बन रही थीं उन नीतियों को बदलने और नई नीतियाँ बनाने का काम कोरोना कालखंड में किया गया है।अंतरिक्ष क्षेत्र, खदानों के उपयोग और ड्रोन के इस्तेमाल के लिए कोई नीति नहीं थीं और कोरोना के समय ही इन सबके लिए नीति बनाई गईं। भारत सरकार ने नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अनेक नीतियों में सुधार और अनेक नई नीतियों का निर्माण कर भारत को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है और इसी का परिणाम है कि आज जहां विश्वभर के अनेक देशों में मंदी से जूझ रहे हैं है वहीं भारत कोरोना से पहले के आर्थिक आँकड़े पर आ गया है।

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