Categories: News-Headlines

गृह मंत्री अमित शाह ने आज तमिलनाडु के रामेश्वरम में ‘Dr APJ Abdul Kalam: Memories Never Die’ पुस्तक का विमोचन किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज रामेश्वरम में ‘Dr APJ Abdul Kalam: Memories Never Die’ पुस्तक का विमोचन किया। गृह मंत्री ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम हाउस, मिशन ऑफ लाइफ़ गेलरी म्यूज़ियम और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल मेमोरियल का दौरा किया। साथ ही वे विवेकानंद मेमोरियल भी गए। अमित शाह ने विश्व प्रसिद्ध रामेश्वरम मंदिर में पूजा अर्चना भी की। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि रामेश्वरम मंदिर सनातन संस्कृति की प्राचीनता और वैभव का अक्षुण्ण प्रतीक है। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री रामेश्वरम में प्रभु श्री राम ने भगवान शिव की पूजा की थी। आज ‘आदि थिरुविजहा’ के शुभ अवसर पर यहाँ दर्शन कर अत्यंत सुखद व परम सौभाग्य की अनुभूति हो रही है। भोलेनाथ से देशवासियों की खुशहाली और राष्ट्र की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। ‘Dr APJ Abdul Kalam: Memories Never Die’ पुस्तक के विमोचन के अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल मुरुगन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि ‘Dr APJ Abdul Kalam: Memories Never Die’ पुस्तक के विमोचन से देशभर के लोगों को निश्चित रूप से डॉ. कलाम को जानने, समझने व उनका अनुसरण करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में भारतीय रॉकेटरी,साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का इतिहास, भारतीय राजनीति तथा प्रशासनिक प्रणाली का सुंदर निरूपण और डॉ. कलाम की इच्छाओं और उनकी कल्पनाओं से जुड़ी हुए कई घटनाओं का वर्णन समाहित है। इस पुस्तक में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जी से जुड़ी हुई घटनाओं का संपूर्ण वर्णन है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह पुस्तक रामेश्वरम के गरीब घर में पैदा हुए एक सामान्य बच्चे की भारतीय राजनीति के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचने की राह में उनके संघर्ष को समझने में बहुत मददगार साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक डॉक्टर कलाम जी का साहित्य और कला के प्रति प्रेम, तिरूकुरल और भर्थियार की कविताओं के बारे में उनके उद्गार और डॉ. कलाम के जीवन के अनजान पहलुओं को पाठकों के सामने रखती है। अमित शाह ने कहा कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम एक महान टीम प्लेयर थे। उन्होंने मैनेजमेंट के सिद्धांत को अपने जीवन में चरितार्थ करने का काम किया।

अमित शाह ने कहा कि पुस्तक में ब्रह्मोस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और सीईओ डॉ शिवाथनु पिल्लई के एक अनुभव का वर्णन किया गया है। इसके अनुसार जब SLV3-E01 फेल हो गया तब सारी टीम निराश हो गयी थी परंतु टीम लीडर होने के नाते डॉक्टर कलाम जी ने सब को हौंसला दिया और SLV3-E02 की तैयारी के लिए प्रेरित किया जिसके सफल प्रक्षेपण ने भारत को अगले मुकाम तक पहुंचाने का काम किया। अमित शाह ने कहा कि इसी प्रकार अग्नि मिसाइल के पहले लांच को कुछ दिक्कतों के चलते जब दो-तीन बार स्थगित करना पड़ा तब भी पूरी टीम में निराशा छा गयी। मगर डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी ने उनका उत्साहवर्धन किया और मिसाइल लॉन्चिंग के स्थान पर डेढ़ महीने तक रुक कर रात-रात भर काम किया। बाद में सफल लॉन्चिंग के बाद अग्नि मिसाइल समग्र विश्व में भारत की मिसाइल ताकत की एक परिचायक बन गयी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम के नेतृत्व में देश में पांच मिसाइलों को लेकर बड़ा काम हुआ। पृथ्वी, अग्नि, आकाश, नाग और त्रिशूल मिसाइल के नाम से पता चलता है कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम प्रकृति और अध्यात्म से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि एक वैज्ञानिक तभी विश्व के कल्याण का काम कर सकता है जब उसकी आत्मा विज्ञान के साथ-साथ अध्यात्म से भी जुड़ी हो।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने महान राष्ट्रभक्त, वैज्ञानिक तथा पीपल्स प्रेसिडेंट (People’s President) डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि 1995 में अब्दुल कलाम जी देश के जाने-माने वैज्ञानिक बन चुके थे और 1997 में उनको भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्होंने डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी की सादगी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब डॉ. कलाम भारत रत्न लेने के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचे, तब बहुत नर्वस थे क्योंकि सूट और टाई में वे सहज महसूस नहीं करते थे।

अमित शाह ने कहा कि एक ही साल में रॉकेट और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत को कई सफलता दिलाने वाले महान वैज्ञानिक डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने वर्ष 1998 में देश के भविष्य के लिए अपना विज़न रखने का काम किया। उन्होंने कहा कि इंडिया 2020: ए विज़न फ़ॉर द न्यू मिलेनियम (India 2020: A Vision for the New Millennium) पुस्तक में डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी ने भारत के भविष्य और विकास के रोड मैप को रेखांकित किया। अमित शाह ने कहा कि इस पुस्तक में कलाम जी ने तीन मुख्य बातें देश के युवाओं के सामने रखी, पहली – भारत को एक राष्ट्र के रूप में अपनी क्षमताओं को पहचान कर उसे उजागर कर भारत का विकास करना होगा। दूसरी- टेक्नोलॉजी आधारित अर्थव्यवस्था को विकसित करना होगा। तीसरी- बैलेंस ग्रोथ मॉडल अपनाकर गाँव और शहर, एग्रीकल्चर और इंडस्ट्री दोनों के बीच में संतुलन बनाकर विकास को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि भारत आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में इन तीनों बातों को साकार कर एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ा है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने स्पेस टेक्नोलॉजी क्षेत्र की नींव डाली और आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत के नाम 55 स्पेसक्राफ्ट मिशन, 50 लॉन्च व्हीकल मिशन, 11 स्टूडेंट सैटेलाइट, 1 एटमॉस्फेयर रीएंट्री मिशन और 104 उपग्रह एक साथ छोड़ने जैसी सिद्धियां हासिल हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में देश के युवाओं और नए स्टार्टअप्स के लिए द्वार खुले हैं। अमित शाह ने विश्वास जताया कि जो सपना अंतरिक्ष साइंस के लिए डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी ने देखा था, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिए गये इनिशिएटीव्स के कारण वह जरूर पूरा होगा और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत पूरे विश्व का नेतृत्व करेगा।

अमित शाह ने कहा कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रपति रहते हुए लोकतंत्र के केंद्र में भारत के आम नागरिक को लाने का काम किया है और आज देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी भी देश के गरीब से गरीब व्यक्ति को लोकतंत्र के केंद्र में लाने में सफल हुए हैं। ये इस बात का द्योतक है कि जब जमीन से उठा हुआ गरीब व्यक्ति लोकतंत्र के शिखर पर पहुंचता है तब लोकतंत्र गरीबों को समर्पित होता है और उनका विकास व कल्याण करने वाला होता है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज भी डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम का नाम आते ही देश भर के बच्चों और विद्यार्थियों के मुँह पर मुस्कान आ जाती है। उन्होंने कहा कि यह मुस्कान डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा दिखाए गये देश के उज्जवल भविष्य के सपनों, आशाओं, जोश और देश को आगे बढ़ाने के जूनून की मुस्कान है और इस मुस्कान में देश का भविष्य समाहित है। अमित शाह ने कहा कि देश भर के युवाओं और विद्यार्थियों को डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की यह बात याद रखनी चाहिए कि ‘स्वप्न वो नहीं होते जो नींद में देखे जाते हैं, बल्कि स्वप्न वो होते हैं जो हमें सोने नहीं देते हैं।‘ उन्होंने कहा कि मिसाइल मैन डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने अपना पूरा जीवन पढ़ने-पढ़ाने में व्यतीत किया और अपनी अंतिम सांस में भी वे मेघालय में विद्यार्थियों को पढ़ा रहे थे। यह उनके समर्पण की एक निशानी है।

अमित शाह ने कहा कि मछुआरा समिति से लेकर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष क्लब तक की डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी की यात्रा बहुत प्रेरक है। डॉक्टर कलाम ने स्‍कूल से वापस आकर अपने परिवार के बाकी लोगों की पढ़ाई के लिए बस अड्डों पर अखबार बेचने का काम भी किया। उन्होंने कहा कि यह डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम के संघर्ष की सफलता ही है कि समाचार पत्र बांटने वाले एक गरीब बच्चे को समाचार पत्रों की टाइटल और सुर्खियां बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पैसों के अभाव में सुबह 4 बजे उठकर सीखा हुआ उनका गणित देश को बहुत आगे ले गया। अमित शाह ने कहा कि भारत के दक्षिण भाग में सबसे अंतिम छोर पर रहने वाले अंतिम पंक्ति को व्यक्ति को देश का पहला नागरिक बनने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी को अपने जीवन में कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिले। डीआरडीओ(DRDO) और इसरो(ISRO) को एक नई दिशा देने के लिए डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी का नाम दोनों संस्थाओं के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी ने ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में कम ऊंचाई पर उड़ने वाले एक फाइटर प्लेन बनाने के प्रोजेक्ट पर काम किया था। प्रोजेक्ट बनाते समय उनके मन में फाइटर पायलट बनने का विचार आया और उन्होंने पायलट बनने के लिए प्रयास भी किया परन्तु सफलता नहीं मिली। लेकिन उन्होंने अपना सपना नहीं छोड़ा और 2002 में राष्ट्रपति बनने के बाद 2006 में फाइटर जेट सुखोई उड़ाकर उन्होंने अपने इस सपने को पूरा किया। अमित शाह ने कहा कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने गाइडेड मिसाइल्‍स के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाया और अग्नि व पृथ्वी मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया। उनके नेतृत्व में 1998 में पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण किया गया।

अमित शाह ने कहा कि डॉ. कलाम ने मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है इसे सिद्ध करने का काम किया है। राष्ट्रपति के तौर पर डॉ. कलाम ने कुछ ऐसे उदाहरण स्थापित किए जो अनेक वर्षों तक सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों के लिए अनुकरणीय हैं। अमित शाह ने कहा कि एक बार डॉ. कलाम के परिवार के 52 लोग 9 दिनों तक राष्ट्रपति भवन में रहे। राष्ट्रपति भवन में जो लोग रहते हैं वे स्टेट गेस्ट होते हैं, परन्तु अब्दुल कलाम जी ने इन 9 दिनों का 9 लाख 52 हजार रूपए का बिल अपने चेक से राष्ट्रपति भवन में जमा करा दिया था। डॉ. कलाम का यह भाव सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता का एक शानदार उदाहरण है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने अपने आप को कभी महामहिम या हिज एक्सीलेंसी नाम के साथ नहीं जोड़ा। यही वजह है कि भारत की जनता इन्हें पीपल्स प्रेसिडेंट के नाम से आज भी बड़े आदर के साथ याद करती है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम के मन में सेना के अधिकारियों और वीर जवानों के लिए भी बहुत सम्मान था।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी ने अपनी पुस्तक विंग्स ऑफ फायर में कहा है कि मेरी कहानी मेरे साथ ही खत्म हो जाएगी क्योंकि मेरा कोई परिवार नहीं है। लेकिन यह सत्य नहीं है,140 करोड़ भारतीय उनका परिवार है जिन्हें हमेशा डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी पर नाज रहेगा। अमित शाह ने कहा कि जब तक भारत का इतिहास रहेगा, डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी को भारत का बच्चा-बच्चा एक विजनरी, वैज्ञानिक और सादा जीवन जीने वाले व्यक्ति और महान राष्ट्रभक्‍त के रूप में हमेशा याद करेगा।

Leave a Comment

Recent Posts

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुई दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुई दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया… Read More

3 hours ago

संसद में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण हेतु संवैधानिक संशोधन विधेयक सदन में पारित नहीं हो सका

लोकसभा में कल संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक पारित नहीं हो सका। इस विधेयक… Read More

3 hours ago

विधानसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में निर्वाचन आयोग ने 865 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की

निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 865 करोड़ रुपये… Read More

3 hours ago

आईपीएल में गुजरात टाइटंस ने कोलकाता नाईट राइडर्स को पांच विकेट से हराया

आईपीएल क्रिकेट में कल रात अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस ने कोलकाता नाईट राइडर्स को पांच… Read More

3 hours ago

MSME मंत्रालय ने डेटा-ड्रिवन लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए NICDC लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज के साथ एमओयू साइन किया

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने और इस क्षेत्र के लिए… Read More

16 hours ago

This website uses cookies.