केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना ही निर्माण की लागत में कमी लानी होगी। इंडियन इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा आयोजित ‘भारत में सड़क विकास’ विषय पर आयोजित 17वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण में विभिन्न अपशिष्ट सामग्री जैसे रबर और प्लास्टिक का उपयोग करके सीमेंट तथा स्टील पर आधारित निर्भरता को कम किया जा सकता है।
नितिन गडकरी ने कहा है कि नवाचार, उद्यमिता, विज्ञान, अनुसंधान और कौशल इन सब को हम ज्ञान कहते हैं और इन्हें अपने उपयोग में लाना ही भविष्य है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डीपीआर बनाने के लिए ठेकेदारों और कंपनियों की रेटिंग हेतु नीति बनाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि इथेनॉल, मेथनॉल के साथ ही बायो डीजल, बायो सीएनजी और इलेक्ट्रिक ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य के लिए ईंधन का कार्य करेंगे। नितिन गडकरी ने कहा कि यह देश के लिए अधिक विकल्प उत्पन्न करने और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का समय है।
नितिन गडकरी ने बताया कि बायोमास से कोलतार बनाने की नीति बनाने की भी योजना है। केंद्रीय मंत्री ने सड़क सुरक्षा पर जोर दिया और कहा कि इस क्षेत्र में सभी हितधारकों से अधिकाधिक प्रयासों की आवश्यकता है।
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