रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन-DRDO गणतंत्र दिवस परेड के दौरान अपनी झांकी प्रदर्शित करेंगा। झांकी का विषय है- प्रभावी निगरानी, संचार और खतरों को बेअसर कर राष्ट्र को सुरक्षित करना।
झांकी में पानी के अंदर निगरानी तंत्र को दर्शाया जाएगा जिसमें पनडुब्बियों के लिए यूशस-2 जैसे सोनार, जहाजों के लिए हमसा श्रृंखला के सोनार और हेलीकॉप्टर लॉन्च निगरानी के लिए कम आवृत्ति वाले डंकिंग सोनार शामिल हैं। झांकी में D4 काउंटर ड्रोन सिस्टम को प्रदर्शित करने वाले भूमि निगरानी, संचार और खतरों को बेअसर करने वाले तंत्र को दिखाया जाएगा। सतह से आकाश में वार करने वाली क्विक रिएक्शन मिसाइल वेपन सिस्टम-क्यू.आर.एस.ए.एम की दो इकाइयां, बैटरी मल्टीफंक्शन रडार और मिसाइल लॉन्चर व्हीकल भी प्रदर्शित की जाएंगी। क्यू.आर.एस.ए.एम हर मौसम में काम करने वाली वायु-रक्षा प्रणाली है जो युद्ध क्षेत्र में भारतीय सेना की संपत्ति को मोबाइल हवाई रक्षा कवर प्रदान करती है।
DRDO द्वारा स्वदेश में विकसित पहियेदार बख्तरबंद प्लेटफॉर्म को वास्तविक रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पहियेदार इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल के रूप में किया जा सकता है। DRDO द्वारा विकसित कई और प्रणालियां भी परेड के दौरान सशस्त्र बलों की टुकड़ियों द्वारा प्रदर्शित की जाएंगी। इनमें अर्जुन टैंक, नाग मिसाइल सिस्टम, ब्रह्मोस मिसाइल, शॉर्ट स्पैन ब्रिज और आकाश एनजी शामिल हैं।
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