केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने केंद्रीय एथलीट चोट प्रबंधन प्रणाली (सीएआईएमएस) का शुभारंभ किया। यह युवा मामलों और खेल मंत्रालय द्वारा एथलीटों को दी जाने वाली स्पोर्ट्स मेडिसिन और स्वास्थ्यलाभ सहायता को सुव्यवस्थित करने के लिए अपनी तरह की पहली पहल है। सीएआईएमएस की कोर कमेटी में डॉ. एसकेएस मरिया, डॉ. दिनशॉ पारदीवाला, डॉ. बी वी श्रीनिवास और श्रीकांत अयंगर जैसे प्रख्यात शीर्ष विशेषज्ञ शामिल हैं।
सीएआईएमएस का उद्देश्य एथलीट की खेल मैदान (भौगोलिक स्थिति) के निकटत उत्तम खेल चोट प्रबंधन सहायता प्रदान करना है। सीएआईएमएस देश भर के एथलीटों के लिए उपयुक्त चोट उपचार प्रोटोकॉल को एक समान बनाने में मदद करेगा। यह योजना उन एथलीटों की मदद के साथ शुरू होगी जो टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) विकास समूह का हिस्सा हैं, जिनके ओलंपिक 2024 और उसके बाद भाग लेने की उम्मीद है।
किरेन रिजिजू ने सीएआईएमएस शुरू करने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह लंबे समय से हर किसी की इच्छा थी कि हमारे देश में एक केंद्रीकृत एथलीट चोट प्रबंधन प्रणाली हो। मैंने कभी-कभी देखा है कि सामान्य चोटों के लिए भी समय पर इलाज नहीं मिल पता है जिससे एथलीट का करियर प्रभावित होता है। आज यह एक बहुत ही सादगीपूर्ण शुरुआत है, लेकिन यह हमें एक ऐसी प्रणाली की ओर ले जाएगी जहां हमारे पास एथलीट की चोट से निपटने के लिए प्रबंधन का एक बहुत ही पेशेवर तरीका होगा।”
इस पहल के महत्व के बारे में बताते हुए सचिव (खेल) रवि मित्तल ने कहा, “खेल बहुत प्रतिस्पर्धी हो गया है और जब हमारे एथलीट पदक जीतने के लिए अपना पूरा जोर लगाते हैं तो वे कभी-कभी घायल हो जाते हैं। इन चोटों का सही समय पर और सही तरीके से इलाज करना अनिवार्य है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हमारे एथलीट पूरी तरह स्वास्थ्य और फॉर्म में हैं।”
सीएआईएमएस से एथलीट की चोटों के प्रबंधन और इलाज के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव की उम्मीद है। इसमें निम्नलिखित चार संरचनाएं होंगी: एथलीट वेलनेस सेल, ऑन-फील्ड स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ, राष्ट्रीय संसाधन रेफरल टीम और एक केंद्रीय कोर टीम।
डॉ. एसकेएस मरिया, सेंट्रल कोर टीम के अध्यक्ष ने सीएआईएमएस की सराहना की और कहा कि यह एथलीट चोटों के इलाज में भौगोलिक बाधाओं को दूर करने की दिशा में एक लंबा सफर तय करेगा। “भारत एक बहुत बड़ा देश है और हमारा उद्देश्य एथलीटों की चोटों के प्रबंधन में भौगोलिक और प्रशासनिक बाधाओं को कम करना है।”
भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नरिंदर ध्रुव बत्रा ने कहा, “टॉप्स के विकासात्मक समूह के लिए एक एथलीट वेलनेस सेल के रूप में एक चोट निगरानी प्रणाली विकसित करना मंत्रालय द्वारा उठाई गई एक स्वागत योग्य पहल है।” उन्होंने कहा, सीएआईएमएस के तहत स्पोर्ट्स मेडिसिन डॉक्टरों, फिजियोथेरेपिस्ट, स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग विशेषज्ञों की अनुभवी और मल्टीडिसप्लनेरी टीम निश्चित रूप से खिलाड़ियों को सही समय पर मदद कर स्वास्थ्यलाभ में सहायता करेगी जो उनके लिए मैदान में जल्द लौटने में सहायक होगी।
इस कार्यक्रम में एसएआई के महानिदेशक संदीप प्रधान, महासचिव भारतीय ओलंपिक संघ राजीव मेहता और कई अन्य चिकित्सा विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।
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