Categories: News-Headlines

कोयला मंत्रालय कोयला रहित खदानों में पंप भंडारण परियोजनाओं का विकास आरंभ करेगा

कोयला मंत्रालय विशाल भूमि बैंक और आर्थिक व्यवहार्यता का लाभ उठाते हुए, कोयला रहित कोयला खदानों में पंप भंडारण परियोजनाएं (पीएसपी) विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों के मामले में विविधता लाना है। पंप भंडारण परियोजनाओं के माध्यम से कोयला क्षेत्र में सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए जल विद्युत विकसित करने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग करने की योजना बनाई गई है। इस पहल का उद्देश्य दिन में सौर ऊर्जा का उपयोग करना और रात में पनबिजली का उत्पादन करना है।

पंप्‍ड स्‍टोरेज पावर प्‍लांट ऐसे पानी का उपयोग करके बिजली उत्पन्न करने के लिए गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करते हैं जिसे पहले गड्ढे में एक जलाशय से सतह पर ऊपरी जलाशय में पंप किया गया है। कम मांग की अवधि के दौरान इस पानी को उच्च जलाशय में पंप किया जाता है। जब मांग अधिक होती है, तो बिजलीघर में टरबाइन चलाने और ग्रिड में बिजली पहुंचाने के लिए पानी छोड़ा जाता है। उल्‍लेखनीय है कि कोयला उत्पादक क्षेत्रों में विशाल भूमि क्षेत्र वाली 200 से अधिक कोयला रहित खदानें उपलब्ध हैं। इनमें से कई खदानें पीएसपी के लिए व्‍यवहार्य हैं क्योंकि वहां निचला जलाशय, जल स्रोत और भूमि उपलब्ध हैं।

कोयला मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में आयोजित विविधीकरण समीक्षा बैठक में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने बताया कि पंप भंडारण परियोजनाओं के मूल्यांकन और व्यवहार्यता अध्ययन के लिए 20 से अधिक परित्यक्त खदानों की पहचान की गई है। एनएलसीआईएल ने पीएसपी पर व्यवहार्यता अध्ययन भी आरंभ किया है। इसके अतिरिक्‍त, उन एजेंसियों के साथ हितधारकों के परामर्श के लिए निर्देश दिए गए हैं जो ऐसी परियोजनाओं को शुरू करने में रुचि रखते हैं और अतिरिक्त स्‍थलों की पहचान कर सकते हैं जिनका उपयोग पंप भंडारण परियोजनाओं की स्थापना के लिए किया जा सकता है। ईपीसी और पीपीपी जैसे बिजनेस मॉडल को हितधारकों के परामर्श से अंतिम रूप दिया जा सकता है और ऐसी परियोजना को राज्य सरकारों, निजी कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों सहित विभिन्न हितधारकों के सहयोग से कार्यान्वित किया जा सकता है।

कोयला मंत्रालय सतत विकास को बढ़ावा देने और संसाधन उपयोग को इष्‍टतम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की पहल से सतत विकास को बढ़ावा देने और कोयला क्षेत्र के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिलेगी। कोयला मंत्रालय संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित करने और नागरिकों को निरंतर बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

Leave a Comment

Recent Posts

FIU-IND और PFRDA ने सूचना साझाकरण और समन्वय को बढ़ाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा… Read More

11 hours ago

धन-शोधन और वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए भारत की वित्तीय खुफिया इकाई और SEBI ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में… Read More

11 hours ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की बातचीत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की… Read More

13 hours ago

आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हराया

आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More

15 hours ago

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य समूह की पहली बैठक 2026 की मेजबानी की

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More

15 hours ago

NHAI ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) प्रणाली में डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए सभी फास्टटैग जारीकर्ता बैंकों को निर्देश जारी किए

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More

15 hours ago

This website uses cookies.