प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज निम्नलिखित को मंजूरी दी:
सीआईएल (सीआईएल)/सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) की एक ई-नीलामी विंडो के माध्यम से कोयला कंपनियों द्वारा सभी गैर-लिंकेज कोयले की उपलब्धता। यह ई-नीलामी व्यापारियों सहित सभी क्षेत्रों जैसे विद्युत क्षेत्र और गैर-विनियमित क्षेत्र (एनआरएस) जरूरतों को पूरा करेगी और इस नीलामी के माध्यम से क्षेत्र विशेष की नीलामियों की वर्तमान प्रणाली के स्थान पर कोयला उपलब्ध कराया जाएगा।
उपरोक्त मंजूरी सीआईएल/एससीसीएल के मौजूदा लिंकेज के लिए कोल लिंकेज आवश्यकताओं को पूरा करने की शर्त पर होगी और अनुबंधित कीमतों पर विद्युत एवं गैर-विद्युत उपभोक्ताओं के लिए मौजूदा लिंकेज को प्रभावित नहीं करेगा।
एकल ई-नीलामी विंडो के माध्यम से उपलब्ध कराये जाने वाले कोयले का परिवहन का मूलभूत विकल्प रेलवे होगा। तथापि, उपभोक्ताओं द्वारा कोयला कंपनियों को कोई अतिरिक्त शुल्क या छूट दिए बिना उनकी पसंद और उपयुक्तता के आधार पर सड़क परिवहन/अन्य तरीकों से कोयला उठाया जा सकता है।
सीआईएल/एससीसीएल द्वारा अपने स्वयं के गैसीकरण संयंत्रों के लिए मौजूदा कोयला लिंकेज के लिए आपूर्ति को प्रभावित किए बिना कोयले के दीर्घकालिक आवंटन की अनुमति कोयला कंपनी द्वारा तय की गई कीमतों पर दी जाएगी। हालांकि, बिजली क्षेत्र के लिए कोयले की अधिसूचित कीमतों पर कोयला कंपनियों द्वारा करों, शुल्कों, रॉयल्टी आदि का भुगतान किया जाएगा।
रोजगार सृजन क्षमता सहित प्रमुख प्रभाव:
बाजार की विकृतियों को दूर किया जाएगा और सभी उपभोक्ताओं के लिए एकल दर ई-नीलामी बाजार में लागू की जाएगी। यह परिचालन क्षमता में वृद्धि करेगा और घरेलू कोयला बाजार में दक्षता से घरेलू कोयले की मांग में वृद्धि करेगा। इसके अलावा विभिन्न अंतिम उपयोग क्षेत्रों को कोयला आवंटित करने के लिए वर्तमान में कोयला कंपनियों में निहित विवेकाधिकार को समाप्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा कोयला कंपनियां अपनी खदानों से कोयले का लाभ उठाकर कोयला गैसीकरण संयंत्र स्थापित करने में सक्षम होंगी। यह देश में स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी विकसित करने में मदद करेगा।
अर्थव्यवस्था के सभी उपभोक्ताओं के लिए एक ही ई-नीलामी विंडो के तहत कोयले की उपलब्धता से बाजार की विकृतियों को दूर करने से घरेलू कोयले की ओर अधिक उपभोक्ता आकर्षित होंगे। ऐसे में घरेलू कोयले की मांग बढ़ने की उम्मीद है। सीआईएल के पास 2023-24 तक 1 बीटी (बिलियन टन) कोयले का उत्पादन करने के उद्देश्य से भविष्य के लिए महत्वाकांक्षी कोयला उत्पादन योजनाएं भी हैं। इसलिए, बेहतर कीमत स्थिरता और पूर्वानुमान के साथ घरेलू कोयले की बेहतर उपलब्धता के साथ, कोयले के आयात में काफी कमी होने की उम्मीद है। इससे आयातित कोयले पर निर्भरता कम होगी और आत्मनिर्भर भारत बनाने में मदद मिलेगी।
यह उपाय कोयला गैसीकरण प्रौद्योगिकी की स्थिरता और विकास सुनिश्चित करेगा। कोयला गैसीकरण जैसी स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकी का उपयोग कोयले के उपयोग के प्रतिकूल पर्यावरणीय प्रभावों को कम करेगा।
वित्तीय प्रभाव:
ई-नीलामी विंडो को एक साथ मिलाने से कोयला कंपनियों को कोई अतिरिक्त लागत नहीं आयेगी।
आईपीएल क्रिकेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स को पांच विकेट से हरा… Read More
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य… Read More
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता… Read More
जनगणना के तहत मकानों की गिनती का पहला चरण आज से कई राज्यों में शुरू… Read More
अमरीका ने रूस या ईरान से तेल की खरीद पर प्रतिबंधों में कोई और छूट… Read More
हिंद महासागर पोत (आईओएस) सागर 14 अप्रैल 2026 को मालदीव के माले से छह दिवसीय… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment