केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज दूरसंचार विभाग की प्रौद्योगिकी विकास एवं निवेश प्रोत्साहन (टीडीआईपी) योजना के संशोधित दिशानिर्देश जारी किए। इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य वैश्विक दूरसंचार मानकीकरण में भारत की भागीदारी को मजबूत करना और स्वदेशी दूरसंचार प्रौद्योगिकियों के विकास में तेजी लाना है। इस अवसर पर केन्द्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, सचिव (दूरसंचार) तथा डिजिटल संचार आयोग के अध्यक्ष अमित अग्रवाल भी उपस्थित थे।
वर्ष 2026-31 की अवधि के लिए कुल 203 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली संशोधित टीडीआईपी योजना को एक व्यापक सहायता ढांचे के रूप में तैयार किया गया है ताकि भारतीय संस्थाएं वैश्विक मानकों में सक्रिय रूप से योगदान कर सकें, नवाचार को बढ़ावा दे सकें और 5जी एडवांस्ड और 6जी सहित अगली पीढ़ी की दूरसंचार प्रौद्योगिकियों में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ा सकें।
वैश्विक दूरसंचार मानकीकरण में भारत की भूमिका को मजबूत करना
इस योजना का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू), 3जीपीपी और वनएम2एम जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार मानकीकरण निकायों में भारत के प्रतिनिधित्व और प्रभाव को बढ़ाना है। यह योजना भारतीय हितधारकों को वैश्विक बैठकों में भाग लेने, तकनीकी योगदान प्रस्तुत करने, अध्ययन समूहों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने और भारत में अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण कार्यक्रमों का आयोजन करने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
वैश्विक मानक निकायों के साथ निरंतर और व्यवस्थित जुड़ाव को संभव बनाकर, इस योजना का उद्देश्य भारत को भविष्य की दूरसंचार प्रौद्योगिकियों के विकास में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करना और घरेलू नवाचार को वैश्विक ढांचों के साथ समन्वित करना है।
इस योजना का उद्देश्य भारतीय दूरसंचार प्रौद्योगिकियों को वैश्विक स्तर पर स्वीकृत मानकों में एकीकृत करके निवेश और बाजार तक पहुंच को बढ़ावा देना भी है। अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण प्रक्रियाओं में भारतीय योगदान का समर्थन कर और उनके अपनाने को सुगम बनाकर, यह योजना भारत को प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भागीदार से वैश्विक मानक-निर्धारक के रूप में मजबूत स्थिति प्रदान करने, बौद्धिक संपदा के सृजन को गति देने, निर्यात क्षमता को बढ़ाने और घरेलू दूरसंचार उत्पादों एवं उपायों की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने का लक्ष्य रखती है।
इकोसिस्टम में भागीदारी हेतु विस्तारित दायरा
संशोधित दिशानिर्देशों के तहत इस योजना के दायरे को स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संस्थानों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं और संबंधित उद्योग की बड़ी कंपनियों को शामिल करने के उद्देश्य से काफी बढ़ाया गया है। इस व्यापक समावेशन से दूरसंचार मूल्य श्रृंखला में सहयोगात्मक नवाचार को बढ़ावा मिलने और इकोसिस्टम की भागीदारी को मजबूत होने की उम्मीद है।
यह योजना अनुसंधान से वास्तविक दुनिया में तैनाती तक की प्रक्रिया को सुगम बनाने हेतु पायलट परियोजनाओं, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट पहलों और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनों का भी समर्थन करती है, जिससे नवाचार की प्रक्रिया मजबूत होती है।
कार्यान्वयन हेतु संस्थागत ढांचा
इस योजना को नामित एजेंसियों के जरिए लागू किया जाएगा। इन एजेंसियों में टेलीकम्यूनिकेशंस स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसाइटी, इंडिया (टीएसडीएसआई), टेलीकॉम सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस, इंडिया (टीसीओई) और टेलीकम्यूनिकेशंस कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल) शामिल हैं, जो समन्वय, क्षमता विकास और संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सुगम बनाएंगी।
ये संस्थान उद्योग की भागीदारी जुटाने, तकनीकी योगदान का समर्थन करने और वैश्विक दूरसंचार इकोसिस्टम के साथ व्यवस्थित जुड़ाव को संभव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
स्वदेशी नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना
यह योजना दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास कोष (टीटीडीएफ) और भारत 6जी मिशन सहित दूरसंचार विभाग की अन्य पहलों की पूरक है, जो अगली पीढ़ी के दूरसंचार अनुसंधान, विकास और तैनाती के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करने में सहायक है।
संशोधित टीडीपी योजना के दिशानिर्देशों का जारी किया जाना वैश्विक दूरसंचार मानकीकरण प्रक्रियाओं में भारत की उपस्थिति को मजबूत करने और अगली पीढ़ी की स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के विकास में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना से भारत को 6जी और भविष्य की संचार प्रणालियों में वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी देश के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बर्लिन में जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के साथ… Read More
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय… Read More
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कृषि भवन, नई दिल्ली में ओडिशा के… Read More
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज कर्नाटक के कलबुर्गी में स्थित केंद्रीय कर्नाटक विश्वविद्यालय के 10वें… Read More
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को कर्नाटक के बीदर जिले के भालकी में श्री चन्नबासावाश्रम… Read More
पश्चिम बंगाल में पहले चरण और तमिलनाडु में एक ही चरण में कल होने वाले… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment