Categories: News-Headlines

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने DSIR के तहत वैज्ञानिक तथा CSIR के साथ CDC के कर्मचारियों, चल संपत्ति एवं देनदारियों सहित विलय को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आज निम्‍नलिखित कदमों को मंजूरी दी है:

परामर्श विकास केंद्र (सीडीसी) के मौजूदा 13 कर्मचारियों को वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) में तेरह (13) अतिरिक्त पद सृजित करके समायोजित किया जाएगा।
इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में परामर्श विकास केंद्र (सीडीसी) के कब्जे वाले परिसर को पुन: आवंटन के लिए इंडिया हैबिटेट सेंटर को सौंप दिया जाएगा और पुन: आवंटन से प्राप्त राशि को भारत की संचित निधि में जमा कर दिया जाएगा।
विलय के बाद, परामर्श विकास केंद्र (सीडीसी) की सभी चल संपत्ति और देनदारियां वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) को हस्तांतरित हो जायेंगी।

मुख्य प्रभाव:

इन दो निकायों का विलय न सिर्फ विभाग में कामकाज को सुव्यवस्थित करेगा बल्कि यह प्रधानमंत्री के ‘न्यूनतम सरकार-अधिकतम शासन’ के मंत्र के अनुरूप भी होगा। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) को शिक्षा, प्रौद्योगिकियों के निर्यात आदि से संबंधित परामर्श के क्षेत्र में सीडीसी के अनुभवी कर्मचारियों की सेवाओं का लाभ मिलेगा। इस विलय से सीएसआईआर की निम्नलिखित जरूरतों के मामले में मूल्य वर्धन होने की उम्मीद है:

परियोजनाओं का तकनीकी-व्यावसायिक आकलन।
क्षेत्र में तैनात सीएसआईआर की प्रौद्योगिकियों के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का विश्लेषण।
हितधारक की जरूरतों को पूरा करने और/या बाजार से संबंधित तैयारी के लिए सीएसआईआर की प्रौद्योगिकियों पर आधारित प्रोटोटाइप के विकास और सीएसआईआर की प्रौद्योगिकियों के कार्यान्वयन के लिए विस्तृत डिजाइन व इंजीनियरिंग तैयार करने के लिए उपयुक्त परामर्शदाता का चयन।
व्यापार के विकास से संबंधित गतिविधियां।

पृष्ठभूमि:

वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और परामर्श विकास केंद्र (सीडीसी) वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत दो अलग-अलग स्वायत्त निकाय हैं। भारत के आर्थिक विकास और मानव कल्याण के लिए वैज्ञानिक औद्योगिक अनुसंधान हेतु एक राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास संगठन के रूप में 1860 के सोसायटी पंजीकरण अधिनियम XXI के तहत 1942 में वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की स्थापना की गई थी।

परामर्श विकास केंद्र (सीडीसी) की स्थापना 1986 में एक सोसायटी के रूप में वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) के सहयोग से देश में परामर्श संबंधी कौशल एवं क्षमताओं के विकास, सुदृढ़ीकरण और प्रोत्साहन के लिए की गई थी। 13 अक्टूबर 2004 को केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सीडीसी को डीएसआईआर के एक स्वायत्त संस्थान के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई थी। एक स्वायत्त संस्थान के रूप में सीडीसी के ज्ञापन एवं संस्था के अंतर्नियम 16 जनवरी, 2008 को जारी किए गए थे। सीडीसी इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में अवस्थित है। इसे 08 मार्च 1990 को पट्टे पर 1000 वर्गमीटर का निर्मित स्थान आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आवंटित किया गया था। सीडीसी में कुल 13 स्थायी कर्मचारी हैं।

14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर, नीति आयोग ने विभिन्न सरकारी विभागों के अंतर्गत आने वाले स्वायत्त निकायों (एबी) की समीक्षा की। नीति आयोग की समीक्षा समिति की 10वीं, 13वीं और 18वीं बैठक में डीएसआईआर के तहत आने वाले दो स्वायत्त निकायों यानी सीएसआईआर और सीडीसी की समीक्षा की गई। समीक्षा समिति ने यह सिफारिश की कि “सीडीसी का सीएसआईआर के साथ विलय किया जा सकता है और इसे जारी रखा सकता है, क्योंकि इसमें काफी संभावनाएं दिखाई देती हैं।” समीक्षा समिति ने स्वायत्त निकायों से संबंधित अपनी रिपोर्ट में आगे कहा कि इसके परिणामस्वरूप डीएसआईआर में सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 (एसआरए) के तहत सिर्फ एक स्वायत्त निकाय रहेगा। विलय के तौर-तरीकों की सिफारिश करने के लिए गठित सलाहकार समिति की सिफारिशों के आधार पर, सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860 की धारा 12 के तहत आवश्यक प्रक्रिया के माध्यम से सीडीसी की शासी परिषद और सीएसआईआर के शासी निकाय, दोनों, ने सीएसआईआर के साथ सीडीसी के विलय के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

Leave a Comment

Recent Posts

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड की शानदार जीत, सीरीज 1-1 से बराबर

भारत बनाम इंग्लैंड दूसरा वनडे: जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी से इंग्लैंड… Read More

17 hours ago

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर नजर

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम की बड़ी चुनौती, नए सीजन में जीत की लय बरकरार रखने पर… Read More

20 hours ago

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को बड़ी सौगात, 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ जारी नई दिल्ली:… Read More

21 hours ago

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत पर

बांग्लादेश बनाम जिम्बाब्वे: दूसरे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगा बांग्लादेश, जिम्बाब्वे की नजर सीरीज जीत… Read More

21 hours ago

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग तेज

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष के इस्तेमाल की मांग… Read More

2 days ago

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को झटका

दिल्ली MCD वार्ड समिति चुनाव में BJP का शानदार प्रदर्शन, कई जोन में AAP को… Read More

2 days ago

This website uses cookies.