केन्द्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद ने आयुष-64 दवा की प्रौद्योगिकी 46 कंपनियों को हस्तांतरित की है। आयुष-64 को कोरोना के हल्के और बिना लक्षणों वाले रोगियों से लेकर मध्यम श्रेणी के मामलों में असरदार पाया गया है। आयुष मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना की पहली लहर से पहले मंत्रालय की विनिर्माण इकाई IMPCL सहित सात कंपनियां इस दवा को बना रही थीं। अब 39 और कंपनियों को इसकी प्रौद्योगिकी सौंपी गई है। अब तक इस दवा का कोई दुष्प्रभाव नहीं दिखा लेकिन विशेषज्ञों का सुझाव है कि चिकित्सकों की सलाह पर ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए।
देश में कोविड रोधी टीकाकरण एक अरब 15 करोड़ 73 लाख के पार पहुंच गया है। इसमें से 76 करोड़ 19 लाख पहली डोज दी गई है, जबकि 39 करोड़ 54 लाख दूसरी डोज दी गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कल शाम सात बजे तक 46 लाख 31 हजार से अधिक डोज दी गईं। केंद्र सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को मुफ्त में कोरोना टीके उपलब्ध करा कर राष्ट्रव्यापी टीकाकरण कार्यक्रम में उनका सहयोग कर रही है।
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