भारत सरकार इस साल 16 जनवरी से ‘पूर्ण सरकार’ दृष्टिकोण के तहत एक प्रभावी टीकाकरण अभियान के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों का समर्थन कर रही है। टीकाकरण अभियान को सार्वभौमिक बनाने के उद्देश्य से, सरकार ने 1 मई 2021 से भारत की टीकाकरण नीति के उदारीकृत तीसरे चरण की शुरुआत के साथ 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी वयस्कों के लिए टीकाकरण की शुरुआत की है।
केंद्र सरकार का यह निरंतर प्रयास रहा है कि टीकाकरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाए ताकि आबादी के सभी वर्गों तक पहुंच बढ़ाई जा सके। इस संबंध में, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा ऐसे व्यक्तियों के लिए कोविशील्ड की दूसरी खुराक देने की अनुमति के लिए प्राप्त कई आवेदनों को ध्यान में रखते हुए यह तय किया गया है कि जिन्होंने केवल कोविशील्ड की पहली खुराक ली है और शैक्षणिक उद्देश्यों या रोजगार के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले है। इसी तरह वह लोग जो टोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए भारतीय दल का हिस्सा है। और उनकी दूसरी खुराक का समय (84 दिन का न्यूनतम अनिवार्य अंतराल) ऐसे समय आता है, जब उनकी पूर्व नियोजित यात्रा रहेगी। तो उनके टीकाकरण के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों को पत्र लिखा है।
मंत्रालय ने इस संबंध में एसओपी जारी किए हैं और उसके बारे में राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को बता दिया गया है। राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को इन एसओपी को तुरंत लागू करने के लिए व्यापक रूप से प्रचारित करने और सभी आवश्यक उपाय करने की सलाह दी गई है—
मानक संचालन प्रक्रिया(एसओपी) इस प्रकार हैं:
वर्तमान में, कोविड-19 की वैक्सीन प्रबंधन पर गठित राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह (एनईजीवीएसी) की सिफारिशों के आधार पर, राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण रणनीति के तहत कोविशील्ड वैक्सीन की पहली खुराक के बाद दूसरी खुराक 12-16 सप्ताह के अंतराल पर दी जानी है। इसके तहत विभिन्न प्रतिनिधियों ने यह मांग की है कि जिन्होंने कोविशील्ड की पहली खुराक ली है और उन्हें शैक्षणिक उद्देश्यों या रोजगार के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा करनी है। इसी तरह जो लोग टोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए भारतीय दल का हिस्सा है। और उनकी दूसरी खुराक का समय (84 दिन का न्यूनतम अनिवार्य अंतराल) ऐसे समय आता है, जब उनकी पूर्व नियोजित यात्रा रहेगी। उन्हें दूसरी खुराक जल्दी दी जाय। इस मुद्दे पर अधिकार प्राप्त समूह 5 (ईजी -5) में चर्चा की गई थी और इस संदर्भ में उचित सिफारिशें प्राप्त हुई हैं।
इन लोगों की जरूरी मांग को देखते हुए टीकाकरण का पूर्ण कवरेज प्रदान करने और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा को सुविधाजनक बनाने की दृष्टि से, ऐसे लाभार्थियों के लिए कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक के प्रशासन के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
यह विशेष छूट इन लोगों को मिलेगी –
जिन छात्रों को शिक्षा के उद्देश्य से विदेश यात्रा करनी है।
जिन व्यक्तियों को विदेशों में नौकरी करनी है
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक खेल जो टोक्यों में आयोजित किए जाएंगे उसमें भाग लेने वाले भारतीय दल के एथलीट, खिलाड़ी और साथ के कर्मचारी।
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र की सरकारें प्रत्येक जिले में कोविशील्ड की दूसरी खुराक देने की अनुमति के लिए एक नामित अधिकारी व्यक्ति नियुक्त करेंगी। जो को पहली खुराक की तारीख के बाद 84 दिनों की अवधि से पहले दूसरी खुराक की अनुमति देने से पहले निम्नलिखित बातों की जांच करेगा –
क-क्या पहली खुराक की तारीख के बाद 28 दिन की अवधि बीत गई है।
ख-संबंधित दस्तावेजों के आधार पर यात्रा के उद्देश्य की सत्यता –
1.शिक्षा के लिए प्रवेश का ऑफर या उससे संबद्धित औपचारिक संचार।
2.अगर कोई व्यक्ति पहले से ही किसी विदेशी शिक्षण संस्थान में अध्ययन कर रहा है और उसे अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए उस संस्थान में वापस जाना है।
3. नौकरी के लिए साक्षात्कार का बुलावा या रोजगार लेने के लिए ऑफर लेटर।
4.टोक्यो ओलंपिक खेलों में भाग लेने के लिए नामांकन।
ग- यह सलाह दी जाती है कि इस तरह के टीकाकरण में पासपोर्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। जो वर्तमान में टीकाकरण के दिशानिर्देशों के अनुसार प्रमाणित पहचान पत्र है। ऐसे में टीकाकरण प्रमाण पत्र पर पासपोर्ट नंबर मुद्रित किया जा सकता है। यदि पहली खुराक देते के समय पासपोर्ट का उपयोग नहीं किया गया था, तो टीकाकरण के लिए उपयोग किए गए फोटो आईडी कार्ड का विवरण टीकाकरण प्रमाण पत्र में मुद्रित किया जाएगा। और टीकाकरण प्रमाण पत्र में पासपोर्ट का उल्लेख करने पर जोर नहीं दिया जाएगा है। जहां आवश्यक हो, नामित अधिकारी लाभार्थी के पासपोर्ट नंबर के साथ टीकाकरण प्रमाण पत्र को जोड़ने वाला एक और प्रमाण पत्र जारी कर सकता है।
यह सुविधा उन लोगों के लिए उपलब्ध होगी जिन्हें 31 अगस्त, 2021 तक की अवधि में इन निर्दिष्ट उद्देश्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने की आवश्यकता है।
कोविड टीकाकरण केंद्रों और एईएफआई प्रबंधन आदि के संबंध में मंत्रालय के दिशानिर्देशों में निर्धारित सभी तकनीकी प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा।
यह स्पष्ट किया जाता है कि कोविशील्ड, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित, डीसीजीआई द्वारा अनुमोदित और डब्ल्यूएचओ द्वारा 3 जून 2021 को उपयोग के लिए प्रमाणित टीकों में से एक है।
टीके के प्रकार का “कोविशील्ड” के रूप में उल्लेख पर्याप्त है और टीकाकरण प्रमाणपत्रों में किसी अन्य योग्यता प्रविष्टि की आवश्यकता नहीं है।
कोविन प्रणाली जल्द ही ऐसे असाधारण मामलों में दूसरी खुराक देने की सुविधा प्रदान करेगी।
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