केन्द्र ने राज्यों को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया-पीएफआई और इसके सहयोगी संगठनों के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कल जारी अधिसूचना में केन्द्र सरकार ने पी एफ आई और इसके सहयोगी गुटों को तत्काल प्रभाव से पांच वर्ष के लिए गैरकानूनी घोषित किया था।
गृह मंत्रालय ने अधिसूचना में कहा कि पीएफआई और रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नैशनल कंफडेरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्ग्रेनाइजेशन, नैशनल वीमेंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन एंड रिहैब फाउंडेशन, केरल हिंसक आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त पाये गए। अधिसूचना में आगे कहा गया है कि पीएफआई के वैश्विक आतंकवादी गुटों से सम्पर्क के कई प्रमाण मिले हैं। पीएफआई के कुछ सदस्यों ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट में शामिल होकर सीरिया, इराक और अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियों को भी अंजाम दिया है।
मंत्रालय ने कहा कि इसे देखते हुए पीएफआई और इससे जुडे गुटों को तत्काल प्रभाव से अवैध घोषित करना जरूरी हो गया था। गृहमंत्रालय ने बताया कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात सरकार ने भी पीएफआई को प्रतिबंधित करने की सिफारिश की थी।
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया 20 जून से शुरू… Read More
सरकार ने Coal India Limited में अपनी 1% हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव रखा है। अधिक… Read More
Competition Commission of India ने इंडोविदा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के EPL Limited में विलय को… Read More
अमरीका की अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने चंद्रमा पर आधार स्थापित करने के लिए भेजे जाने… Read More
Supreme Court of India आज निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)… Read More
केंद्र सरकार ने अवैध घुसपैठ और अन्य कारणों से हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों की जांच… Read More
This website uses cookies.
Leave a Comment