केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज सफदरजंग अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने सफदरजंग अस्पताल और वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज के विभाग के अध्यक्षों व कर्मचारियों के साथ अनौपचारिक बातचीत की। डॉ. मनसुख मांडविया ने विभिन्न विभागों के प्रमुखों, नर्सों, सुरक्षा और स्वच्छता सेवाओं के प्रमुखों के साथ ढाई घंटे से अधिक समय तक बात कीं। इस दौरान उन्होंने गुणवत्तापूर्ण अस्पताल प्रबंधन, नैदानिक अभ्यासों, संक्रमण नियंत्रण उपायों, स्वच्छता प्रक्रियाओं और रोगी-केंद्रित उच्च गुणवत्ता स्वास्थ्य देखभाल प्रावधान पर उनके कई सुझावों को धैर्य के साथ सुना। वहीं, डॉक्टर और कर्मियों ने महामारी के दौरान गरीब, जरूरतमंद और वंचितों को चौबीसों घंटे सेवाएं प्रदान करने के लिए काम करने के अपने अनुभव को साझा किया।
डॉ. मनसुख मांडविया ने रोगियों को उच्चतम गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लक्ष्य के साथ कुशल समन्वय के जरिए सर्वश्रेष्ठ परिणाम और प्रदर्शन- उन्मुख कार्य संस्कृति पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने सभी से आलोचना को स्वीकार करने की सोच उत्पन्न करने और साझा लक्ष्यों, उद्देश्यों व कार्य संस्कृति के जरिए संस्थागत निर्माण की दिशा में काम करने का आग्रह किया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य यह होना चाहिए कि अस्पताल आने वाले हर एक रोगी को सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवा कैसे प्रदान की जाए। जब हम इस लक्ष्य और अपनी परिणामी भूमिका पर स्पष्टता रखते हैं, तो हमारे सभी कार्य भी स्पष्ट व कार्योन्मुखी हो जाएंगे।”
डॉ. मांडविया ने सभी स्तरों पर काम के खराब स्तर को लेकर जीरो टॉलरेंस अपनाने का सख्त संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा, “किसी को भी यह महसूस नहीं होना चाहिए कि कार्य से अनुपस्थित रहने और खराब प्रदर्शन पर किसी का ध्यान नहीं जाएगा।” केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कार्य से अनुपस्थिति और खराब गुणवत्ता वाले काम को प्रभावी ढंग से किया जा सके, सभी विभाग अध्यक्षों से सुरक्षा व संविदा कर्मचारियों सहित सभी स्तरों पर कर्मचारियों के प्रदर्शन और उपस्थिति का मूल्यांकन करने का आह्वाहन किया। उन्होंने हर एक विभाग की टीमों को न केवल बेहतर लक्ष्य प्राप्त करने बल्कि, उच्च प्रदर्शन मानकों को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने आगे कहा, “थोड़े समय के लिए बहुत उच्च प्रदर्शन प्राप्त करना आसान है, लेकिन स्वास्थ्य सेवा वितरण के ऐसे अनुकरणीय मानकों को निरंतर बनाए रखना काफी मुश्किल है।”
डॉ. मांडविया ने सफदरजंग अस्पताल को उच्चतम गुणवत्ता वाले एक उच्च प्रतिष्ठित अस्पताल में रूपांतरित करने की दिशा में सभी टीमों को काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आगे कहा, “मंत्रालय अस्पताल के सभी प्रयासों में इसकी सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
इसके अलावा डॉ. मांडविया ने विभाग के अध्यक्षों को सलाह दी कि वे सर्वश्रेष्ठ परिणाम सुनिश्चित करने के लिए हर हफ्ते अपनी टीमों से मिलें, सभी विभागों का दौरा करें और उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन करें। इसका उल्लेख करते हुए कि सार्वजनिक क्षेत्र के अस्पतालों में बड़ी संख्या में रोगियों का इलाज करने के कारण हमें काफी अधिक लाभ प्राप्त है, डॉ. मांडविया ने उनका विश्लेषणात्मक अध्ययन करने और उन्हें प्रतिष्ठित व लोकप्रिय पत्रिकाओं में प्रकाशित करने का आह्वाहन किया।
देश में कोविड-19 महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने का भरोसा जताते हुए केंद्रीय मंत्री ने वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ने के लिए भारतीय डॉक्टरों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि हम अपने स्वास्थ्य देखभाल के प्रारूप को विकसित करें और विश्व को स्वास्थ्य सेवा, औषध और अनुसंधान व विकास (आरएंडडी) के विभिन्न पहलुओं में अपनी मजबूती दिखाएं।” वहीं, उन्होंने 3 करोड़ रुपये का पहला कायाकल्प पुरस्कार प्राप्त करने के लिए अस्पताल को बधाई दी।
इस बैठक में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक प्रोफेसर (डॉ.) सुनील कुमार, सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस वी आर्य, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष और स्वच्छता व कायाकल्प प्रभाग के प्रमुख भी उपस्थित थे।
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