Categories: News-Headlines

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने SEEPZ मुंबई में रत्न एवं आभूषण के लिए 70 करोड़ रुपए की लागत से मेगा कॉमन फैसिलिटी सेंटर की आधारशिला रखी

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने आज मुंबई में सांताक्रूज इलेक्ट्रॉनिक निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र (एसईईपीजेड) विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के लिए एक मेगा कॉमन फैसिलिटी सेंटर की आधारशिला रखी।

मेगा सीएफसी 70 करोड़ रुपये की लागत वाली एक ड्रीम प्रोजेक्ट है। यह परियोजना रत्न एवं आभूषण के लिए देश के महत्वपूर्ण विनिर्माण केंद्र के मध्य में स्थित मुख्य रूप से व्यापार सुविधा एवं कौशल प्रशिक्षण पर केंद्रित होगी। यह रत्न एवं आभूषण क्षेत्र की विनिर्माण और अन्य संबद्ध प्रक्रियाओं के लिए अत्याधुनिक तकनीक वाली दो सुविधाओं में से एक होगी (दूसरी सूरत में है)। यह केंद्र सक्षम कार्यबल तैयार के लिए कौशल तथा प्रशिक्षण सहायता भी प्रदान करेगा। भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग के पास अब तक का सबसे अधिक 4.5 मिलियन कुशल कार्यबल है।

वाणिज्य मंत्री ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि एसईईपीजेड ​​के सुधार के कार्य से अगले 3 से 5 वर्षों में संपूर्ण एसईईपीजेड ​​का क्रमिक पुनर्निर्माण होगा।

पीयूष गोयल ने उद्योग और एसईईपीजेड ​​से इसे पूरा करने के लिए मिलकर काम करने की मांग की। पीयूष गोयल ने कहा कि हमें एसईईपीजेड ​​को एक बार फिर विश्वस्तरीय बनाना होगा।

पीयूष गोयल ने रत्न एवं आभूषण उद्योग को ऊंचा लक्ष्य रखने के लिए कहा। रत्न एवं आभूषण क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को सच में साकार करने की शक्ति, संकल्प और क्षमता है। अब समय आ गया है कि भारत के संकल्प, क्षमता और विश्वास को दर्शाते हुए, देश में रत्न एवं आभूषण क्षेत्र को वास्तव में वैश्विक चैंपियन बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार निर्यात के विशिष्ट लक्ष्य को पाने के लिए सब कुछ करेगी, जिसे जीजेईपीसी हासिल करना चाहता है।

जीजेईपीसी के अध्यक्ष कॉलिन शाह ने कहा कि एसईईपीजेड में मेगा सीएफसी रत्न एवं आभूषण उद्योग के भविष्य को फिर से निर्धारित करेगा। उन्होंने कहा कि मेगा सीएफ़सी एसईईपीजेड से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक तकनीक की सुविधा प्रदान करेगा। “वर्तमान में एसईईपीजेड हमारे कुल रत्न एवं आभूषण निर्यात में लगभग 3 बिलियन अमरीकी डालर का योगदान देता है, लेकिन बेहतर बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी के साथ, एसईईपीजेड निश्चित रूप से सालाना 7 बिलियन अमरीकी डालर से 10 बिलियन अमरीकी डालर के निर्यात में योगदान कर सकता है।”

एसईईपीजेड विशेष आर्थिक क्षेत्र के क्षेत्रीय विकास आयुक्त श्याम जगन्नाथन ने कहा कि नया मेगा सीएफसी छोटे निर्माताओं को अपने उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगा और देश के निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मेगा सीएफसी, आभूषण इकाइयों को सामान्य विनिर्माण प्रक्रिया और संबंधित सेवाएं प्रदान करेगा। यह न केवल बड़े पैमाने पर उत्पादन की लागत को कम करने में मदद करेगा बल्कि इन इकाइयों के बीच जानकारी साझा करने को भी बढ़ावा देगा, जिससे उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा।

नई सुविधा अत्याधुनिक पूंजी केंद्रित मशीनों के एक साझा पूल तक पहुंच प्रदान करेगी। यह कंसल्टेंसी, आरएंडडी और प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ-साथ सीएडी सीएएम, इलेक्ट्रोप्लेटिंग, फायर एसेइंग, मैन्युफैक्चरिंग और 3डी मेटल प्रिंटिंग जैसी अनेक सेवाएं प्रदान करेगी।

Leave a Comment

Recent Posts

1 जून से 30 जून तक देशभर में चलेगा “खेत बचाओ अभियान”

केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा है कि “खेत बचाओ अभियान” सिर्फ जागरूकता… Read More

4 hours ago

गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में सीमा संबंधी विषयों पर बैठक की अध्यक्षता की

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (IPB) से लगे… Read More

4 hours ago

JEE Advanced 2026 के नतीजे घोषित, उम्मीदवारों के लिए रैंक, स्कोर और कटऑफ से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई।

JEE Advanced 2026 Result: रिजल्ट, रैंक और कटऑफ को लेकर बड़ी अपडेट देश की सबसे… Read More

4 hours ago

This website uses cookies.