केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज कैपेक्सिल के वाइब्रेंट बिल्डकॉन 2025 को संबोधित किया। उन्होंने उद्योग जगत के हितधारकों से स्थिरता में सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने, आयात निर्भरता को कम करने, स्वच्छ और हरित निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने तथा भूकंपरोधी और मॉड्यूलर बुनियादी ढांचे की दिशा में काम करने को कहा।
पीयूष गोयल ने निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में भारत की बढ़ती ताकत पर प्रकाश डाला – वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) से लेकर मेक इन इंडिया के तहत घरेलू विनिर्माण तक। उन्होंने आवास, बुनियादी ढांचे, वाणिज्यिक अचल संपत्ति, रेलवे, हवाई अड्डों, राजमार्गों और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘‘सीमेंट और इलेक्ट्रिकल्स से लेकर सुरक्षा प्रणालियों और स्वचालन तक हर तत्व इस पारिस्थितिकी तंत्र में एक भूमिका निभाता है।’’
पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में तेजी से बुनियादी ढांचे का विकास हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने भारत मंडपम और यशोभूमि जैसे विश्व स्तरीय सम्मेलन केंद्रों की परिकल्पना की थी, दोनों ही महामारी के दौरान बनाए गए थे। इन अत्याधुनिक स्थलों ने जी20 शिखर सम्मेलन, भारतटेक्स, भारत मोबिलिटी और स्टार्टअप महाकुंभ जैसे वैश्विक कार्यक्रमों की मेजबानी की है।’’
पीयूष गोयल ने कई प्रमुख सरकारी पहलों को सूचीबद्ध किया, जिनमें 20 नए स्मार्ट औद्योगिक शहर, 50 गंतव्यों में बेहतर पर्यटन बुनियादी ढांचा और 100 नए औद्योगिक प्लग-एंड-प्ले हब शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमें आज की 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से 2047 तक 30-35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है, तो हर नागरिक को विकसित भारत 2047 में योगदान देना होगा।’’
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि आज भारत एकता के साथ भविष्य की कल्पना कर रहा है, सहयोग को बढ़ावा दे रहा है और एकजुट होकर काम कर रहा है। पीयूष गोयल ने कहा, ‘‘वाइब्रेंट बिल्डकॉन हमारे निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को एक साथ लाने की शुरुआत मात्र है।’’
बैसाखी के अवसर पर उपस्थित लोगों को बधाई देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान किसानों की भूमिका के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यवधानों के बावजूद, भारत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महीने दर महीने निर्बाध खाद्य वितरण सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा, ‘‘महामारी के चरम के दौरान भी, भारत ने गरीबों को भोजन उपलब्ध कराने और लाखों लोगों को अभाव से बाहर निकालने के अपने मिशन को जारी रखा।’’
भारत की खाद्य सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास के बीच संबंध बताते हुए, पीयूष गोयल ने कहा कि वाइब्रेंट बिल्डकॉन देश की तीव्र शहरीकरण, सभी के लिए आवास और लॉजिस्टिक्स परिवर्तन का समर्थन करने की क्षमता का उदाहरण है। उन्होंने कहा, ‘‘यह मंच हमारी विनिर्माण और बुनियादी ढांचे की ताकत को दर्शाता है, जो वैश्विक निवेश को आकर्षित करने और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है।’’
अंत में, पीयूष गोयल ने वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभरने की भारत की क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हमें साहसिक लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए, सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे श्रम बल को उचित वेतन मिले और निरंतर नवाचार करते रहें। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए – भारत विकास, नवाचार और समावेशी विकास में दुनिया का नेतृत्व करेगा।’’
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