केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज नई दिल्ली में स्टार्टअप इंडिया के 9 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया मिशन की सफलता का श्रेय भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) द्वारा संचालित और भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित स्टार्टअप के लिए फंड ऑफ फंड्स (एफएफएस) जैसे वित्तपोषित साधनों को दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह योजना विशेष रूप से टियर II और टियर III शहरों में स्टार्टअप को सहयोग देने के लिए निजी पूंजी जुटाने के लिए एक बदलावकारी उपकरण की तरह काम करती है, जिससे स्टार्टअप को अपने परिचालन को बढ़ाने और देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने में सशक्त बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और अधिक निजी वित्तपोषण के साथ स्टार्टअप आंदोलन को गति मिलेगी। इस अवसर पर पीयूष गोयल ने भारत स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज और प्रभाव फैक्टबुक का शुभारंभ किया।
भारतीय स्टार्टअप्स के विकास को बढ़ावा देने में निजी इक्विटी (पीई) और वेंचर कैपिटल (वीसी) की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “पीई और वीसी फर्मों के साथ हमारा सहयोग नवाचार का समर्थन करने और स्टार्टअप्स की यात्रा को विचार से लेकर क्रियान्वयन तक तेज करने में सहायक रहा है। इस साझेदारी ने न केवल फंडिंग प्रदान की है, बल्कि वैश्विक विशेषज्ञता और नेटवर्क भी लाए हैं, जिससे हमारे स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिली है।” उन्होंने कहा कि भास्कर प्लेटफॉर्म के माध्यम से, सरकार स्टार्टअप्स को वित्तीय साधनों और वित्त के साथ परामर्श के साथ जोड़ने और देश भर में अन्य स्टार्टअप्स से जुड़ने में भी मदद करना चाहती है।
पीयूष गोयल ने आर्थिक योगदान से परे स्टार्टअप के व्यापक प्रभाव पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप केवल व्यवसाय नहीं हैं; वे बदलाव के अहम स्तंभ हैं। उन्होंने हमारे समय की कुछ सबसे बड़ी चुनौतियों का समाधान किया है – चाहे वह स्थिरता हो, नवीकरणीय ऊर्जा हो, स्वास्थ्य सेवा हो या डिजिटल बदलाव हो। उन्होंने कहा कि अपने नवाचार और लचीलेपन के माध्यम से वे हम सभी के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।
भारत में कैलेंडर वर्ष 2024 के लिए 76 इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) देखी गई हैं, मंत्री ने बताया कि भारत 15 जनवरी, 2025 तक 1,59,157 स्टार्टअप के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है, जिसकी संख्या 2016 में लगभग 500 थी और यह 17.2 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि स्टार्टअप को अब तक सरकार से कुल 13 ट्रिलियन रुपये का वित्त पोषण प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा, “चूंकि हम छोटे तकनीकी समर्थन से लेकर डिजीटेक, हेल्थ टेक, फिनटेक, बिग डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स तक फैले सिस्टम तक विकसित हो चुके हैं, इसलिए मैं भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के तेज़ विकास और भारत की उद्यमशीलता की भावना को समर्थन और प्रोत्साहन देने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि करना चाहूंगा।” उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे नीति-संचालित पहलों ने राष्ट्र की उद्यमशीलता की भावना के साथ एकीकृत होकर भारत को नवाचार और प्रौद्योगिकी-संचालित विकास में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित किया है।
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत मजबूत वृहद आर्थिक बुनियादी ढांचे के साथ अमृत काल में प्रवेश कर रहा है। अगले 25 साल भारत के लिए निर्णायक अवधि होंगे। उन्होंने कहा, “हमारे स्टार्टअप आत्मनिर्भर, समावेशी और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी भारत के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाएंगे। सरकार उनकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है – चाहे वह नीतिगत पहल हो, बुनियादी ढांचा हो या पूंजी तक पहुंच हो।”
मंत्री महोदय ने उपस्थित लोगों को बताया कि भारत सबसे अधिक संख्या में STEM स्नातक तैयार कर रहा है (स्नातकों में से 43% महिलाएं हैं)। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की विकास गाथा के केंद्र में महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि महिला उद्यमिता मंच जैसी लक्षित पहलों के माध्यम से सरकार महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप को सशक्त बना रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि उनके पास आगे बढ़ने के लिए संसाधन और अवसर हों।
इस कार्यक्रम में स्टार्टअप महाकुंभ के दूसरे संस्करण का भी उद्घाटन किया गया। पीयूष गोयल ने बताया कि अप्रैल में शुरू होने वाले स्टार्टअप महाकुंभ में 2,500 स्टार्टअप भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि यह उचित है कि सबसे बड़ा स्टार्टअप कार्यक्रम भारत में हो क्योंकि यह विचारों, प्रतिभाओं और अवसरों का संगम है और यह कार्यक्रम दुनिया को भारत की उभरती कहानी दिखाएगा।
डीपीआईआईटी ने प्रभाव फैक्टबुक (विज़नरी स्टार्टअप्स की उन्नति के लिए एक लचीले और चुस्त भारत को सशक्त बनाना) भी लॉन्च किया। प्रभाव फैक्टबुक भारत के संपन्न स्टार्टअप इकोसिस्टम और 2016-2024 तक की इसकी विकास कहानी के लिए अंतिम मार्गदर्शिका है। प्रभाव हर क्षेत्र की उपलब्धियों को दर्शाता है।
भारत स्टार्टअप चैलेंज का लक्ष्य विभिन्न क्षेत्रों में 75 चुनौतियों को सामने लाना है। इस चैलेंज में 20 उद्योग जगत के नेता और नवोन्मेषक विचारकों को व्यावसायिक चुनौतियों को हल करने के लिए आमंत्रित करेंगे। अक्षय ऊर्जा से लेकर ब्लॉकचेन, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग से लेकर एग्रीटेक सेमीकंडक्टर से लेकर सोशल कॉमर्स तक, इस चैलेंज में स्टार्टअप्स के लिए नकद पुरस्कार, फंडिंग मेंटरशिप, नेटवर्किंग और क्षमता निर्माण प्रक्रिया के साथ खरीद के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, डीपीआईआईटी सचिव अमरदीप भाटिया, जीईएम के अतिरिक्त सचिव एवं सीईओ एल. सत्य श्रीनिवास, डीपीआईआईटी की अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार आरती भटनागर, डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव, डीपीआईआईटी के निदेशक सुमीत के. जारंगल, सिडबी के सीएमडी मनोज मित्तल, एक्सेल के संस्थापक पार्टनर प्रशांत प्रकाश, इन्फो एज इंडिया के संस्थापक संजीव बिखचंदानी, एसोचैम के अध्यक्ष संजय नायर और रुकम कैपिटल की मैनेजिंग पार्टनर अर्चना जहांगीरदार भी मौजूद रहे।
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