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केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गोवा स्थित मोरमुगाओ बदंरगाह पर नदी क्रूज सेवा का शुभारंभ किया

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज गोवा स्थित मोरमुगाओ बंदरगाह पर नदी क्रूज सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने पर्यटकों को गोवा की संस्कृति और इतिहास का भरपूर अनुभव दिलाने के लिए एफआरपी डबल डेक नौकाओं के साथ सभी प्रस्तावित मार्गों पर जल्द सेवा शुरू की घोषणा भी की । यह एक आम उपयोगकर्ता की सुविधा होगी और कोई भी उद्यमी बंदरगाह में उपलब्ध इस लंगर डालने की सुविधा से एक नई और समान प्रकार की सेवा शुरू कर सकता है। गोवा में यह नदी और द्वीप में क्रूज सेवा में नए उद्यमों का पता लगाने का एक मौका है, जिसका अभी तक दोहन नहीं हुआ है। यह गोवा में इस तरह के एक अनछुए उद्यम का अनुभव करने का एक अनूठा अवसर होगा।

सर्बानंद सोनोवाल ने क्रूज टर्मिनल बर्थ सहित बंदरगाह के परिचालन क्षेत्रों का भी दौरा किया जहां अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रूज टर्मिनल स्थापित और साउथ वेस्ट पोर्ट लिमिटेड (एसडब्ल्यूपीएल) और अदानी मोरमुगाओ पोर्ट ट्रस्ट प्राइवेट द्वारा पीपीपी टर्मिनल का संचालन करने का प्रस्ताव है। वह इसके संचालन का निरीक्षण करने गए थे।

सर्बानंद सोनोवाल ने हितधारकों और स्थानीय पदाधिकारियों के साथ एक बैठक भी की। इससे उन्हें मंत्री के साथ मिलने, बातचीत करने और भारत के प्रगतिगामी समुद्री क्षेत्र पर अपना नजरिया साझा करने का अवसर मिला। इसके साथ ही प्रभावी तरीके से तटीय यातायात में सुधार लाने और समग्र विकास में समुद्री क्षेत्र की नीतियां का योगदान पर विचार-विमर्श करने का भी एक अवसर प्राप्त हुआ। सर्बानंद सोनोवाल ने एमपीटी के विकास के लिए उनके मुद्दों और सुझावों को सुनने के लिए बंदरगाह में काम कर रहे संघों और संघों के साथ भी चर्चा की।

सेवा उद्योग होने के चलते बंदरगाह एग्जिम यानी आयात-निर्यात के साथ-साथ और घरेलू क्षेत्रों को भी सुविधाएं प्रदान कर रहा है। मोरमुगाओ बंदरगाह अद्वितीय बंदरगाह होने के कारण इसमें मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, उत्कृष्ट कार्गो संचालन सुविधाएं, उच्च उत्पादकता सुव्यवस्थित प्रशासन और समर्पित कार्यबल है। इन सबके चलते यह बंदरगाह भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे सक्षम बंदरगाहों में सम्मिलित है।

सर्बानंद सोनोवाल गोवा के अपने एक दौरे के दौरान व्यापार और उद्योग की जरूरतों को पूरा करने और राष्ट्र के आर्थिक विकास में योगदान करने के लिए एमपीटी की क्षमता को बढ़ाने को लेकर विचार-विमर्श करेंगे। यदि संपर्क के सभी साधन चाहे जलमार्ग हो, वायुमार्ग हो या रेलवे इनको एक साथ लाया जाएगा है तो व्यापार के उद्देश्य से या उचित समय के भीतर लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिहाज से इनकी संयुक्त भूमिका होगा जिससे निश्चित तौर पर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की सागरमाला योजना के तहत गोवा राज्य में निम्नलिखित कार्य चल रहे हैं:

73.04 करोड़ रुपये की लागत से दुरभट, कोर्तलीम-रासैम, ओल्ड गोवा-दिवर, सनवोर्देम, रिबंदर, अल्दोना बनस्तेरीम, पिलगाओ, शिरोडा में 9 कंक्रीट जेटी का निर्माण।
9.6 करोड़ रुपये की लागत से 4 फ्लोटिंग जेटी (पोर्ट्स जेट्टी के कैप्टन, ओल्ड गोवा जेट्टी, फेरी पॉइंट जेट्टी, चापोरा जेट्टी) का निर्माण।

सागरमाला वित्त पोषण का जोर मुख्य रूप से भीतरी इलाकों के लिए जलमार्ग संपर्क में सुधार और मुख्य सड़कों से अंतिम छोर का संपर्क मुहैया कराने को लेकर है ताकि यात्री और कार्गो का आवागमन काफी हद तक जलमार्गों के माध्यम से हो और सड़क मार्ग पर परिवहन का भार कम किया जा सके। इससे प्रदूषण होगा। सागरमाला वित्तपोषण का मकसद गोवा में अत्याधुनिक रोपवे विकसित करना भी है, जिसके लिए व्यवहार्यता अध्ययन प्रगति में है।

मोरमुगाओ 32 साल पुराना बंदरगाह है। हाल के वर्षों के दौरान इसका विस्तार हुआ है और यह व्यापार की बढ़ती जरूरतों को पूरा करते हुए राष्ट्र की सेवा कर रहा है।

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